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Saturday, January 23, 2010

“लीगल नोटिस अविनाश वाचस्‍पति जी को मिला है” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक-39


चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"

आइए आज का "चर्चा मंच" सजाते हैं-


आज की चर्चा में प्रस्तुत है-

अविनाश वाचस्पति

लीगल नोटिस अविनाश वाचस्‍पतिजी को मिला है - लो जी आनंद आ गया एक लीगल नोटिस मुझे भी आ गया। भेजने वाले बहुत अच्‍छे हैं भेजते हैं नोटिस लीगल और अविनाश वाचस्‍पतिजी वो भी अंग्रेजी में लिखते हैं। मुझे तो ...

Alag sa

हमीं सो गए दास्ताँ कहते-कहते - कभी-कभी बातचीत के दौरान हम आधे-अधूरे शेर या मिसरे मसाले के रूप में जोड़ देते हैं। पर पूरा मिसरा या शेर याद नहीं होता या पता ही नहीं होता। ऐसी ही कुछ लोकप्रि...

बगीची

कल रविवार को हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग में अवकाश रखें (अविनाश वाचस्‍पति) -



“शायद अविनाश वाचस्पति जी वकील के पास जा रहे होंगे!”

ताऊजी डॉट कॉम

खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (180) : आयोजक उडनतश्तरी - बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका आयोजक के बतौर हार्दिक स्वागत करता हूं. आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलत...

ताऊ डॉट इन

ताऊ पहेली - 58 - प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम. ताऊ पहेली *अंक 58 *में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका ...

प्रतिभा की दुनिया ...!!!

कुछ याद उन्हें भी कर लो - सुभाष चंद्र बोस. ये तीन शब्द किसी व्यक्ति का नाम भर नहीं हैं. इन तीन शब्दों को दोहराते हुए रगों में दौड़ते लहू की रफ्तार थोड़ी और बढ़ जाती है. देशभक्ति का...

कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se **

अनचाहा सा सवाल - (इसको बड़ा कर के पढ़े ) बहुत सोचता है मेरा दिल तुम्हारे लिए बहुत सी बातें कह कर भी कुछ अनकहा सा रह जाता है मेरे दिल में तुम्हारे लिए एक प्यार का सागर लहरत..

MERE SAPNE MERE APNE

’मेरी मर्जी’ - ’सर, मेरे पास भी वो ही सामान है जो कि उस स्टॉल पर है। आपने मेरा सामान देखा, मुझसे बात की और फिर दूसरे स्टॉल पर जाकर सामान खरीद लिया। जबकि मेरा सामान उसके..

अंधड़ !

बुर्के में ही रहना है तो बेहतर है वोट मत दो - सुप्रीम कोर्ट - *आइये, आज हम सब मिलकर अपने सर्वोच्च न्यायालय की इस बात के लिए जम कर तारीफ़ करे कि उन्होंने एक ऐतिहासिक निर्णय दिया ! और आगे संकल्प ले कि इन पाषाण युगीन मानस..

Hasyakavi Albela Khatri

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के अनमोल वचन - साम्राज्य में एक हठ, गर्व और अकड़ होती है जिस पर वह सैकड़ों गुलामों का कत्ले-आम कर सकता है तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा जय हिन्द ..

गत्‍यात्‍मक चिंतन

आज के पूंजीपतियों को अपना दृष्टिकोण थोडी उदारता का बनाना होगा चाहिए !! - अति प्राचीन काल में कंद मूल खाते , गुफाओं में रहते ,वृक्ष की छाल लपेटते हुए लोगों को धीरे धीरे समझ में आ गया था कि इस धरती पर प्राकृतिक संसाधनों की प्र..

चिट्ठाकार चर्चा

प्रख्यात रंगकर्मी रचनाकार-बाल कृष्ण अय्यर-“चिट्ठाकार चर्चा” (ललित शर्मा) - सेन्सेक्स लुढक गया है सोने मे गिरावट है और डालर मे तेजी, गरीब की दाल रोटी मंहगी हो रही है। सोना सस्ता हो जाए तो भी सबसे पहले दाल रोटी की ही जरुरत पड़ेगी। ह..

वीर बहुटी

- संजीवनी [*कहानी] अन्तिम कडी* * पिछली कडियों मे आपने पढा कि सुधाँशू की मौत हो गयी। और किस तरह विकल्प ने उसे उन सभी बातों का एहसास करवाया जो उसने कभी सोचने ...

चौराहा

फिर भी है तलाश - दर्द है / कितना? / कोई ना पूछे/ बयां करना मुश्किल है! पर यक़ीन मानो / हम दोनों मुस्कराएं / यही इतना इसका हल है!! है नफ़रत तुम्हें मेरे वज़ूद से / मैं डरता हू..

हास्यफुहार

मौसम है शायराना............ - *अर्ज़ किया है, * ** *जरा गौर फरमाइयेगा ! अर्ज़ किया है, * ** *"तेरे प्यार में पागल हो गया पीटर.... * ** *वाह... वाह... !* ** *तेरे प्यार में पागल हो गया पीट..

अहसास रिश्‍तों के बनने बिगड़ने का !!!!

ताऊनंद का चमत्कार,सोटी से ट्रेन रोकी ! - नमस्कार, मै आज आप सबको अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा है ! घटना तब की है जब बोदूराम ताऊ आश्रम का छात्र हुआ करता था . एक बार ताऊनंद और उनका चेल...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen

सुभाष चन्द्र बोस महोदय के जन्मदिन पर उन्हें शत-शत नमन - महामानव सुभाष चन्द्र बोस महोदय का जन्मदिन है आज. काश कि वह भारत के ही कुछ धूर्त व्यक्तियों की चालबाजियों का शिकार न हुये होते. नमन

शब्दों का सफर

विचारधारा की रूमानियत [बकलमखुद-123] - …बाद में कुछ वरिष्ठ साथियों ने बताया कि जिस तरह नेपोलियन ने युद्ध में घोड़े पर ही सो जाने की कला विकसित कर ली थी, वैसे ही नक्सली योद्धाओं ने अपनी भूख और ...

कस्‍बा qasba

रिपोर्टिंग के रिश्ते - सात साल की रिपोर्टिंग से न जाने कितने रिश्ते अरज लाया हूं। वो रिश्ते मुझे बुलाते रहते हैं लेकिन ऐसा संयोग हुआ ही नहीं कि दुबारा उस जगह या शख्स के पास लौटा ..

लिखो यहाँ वहां

कलाकार एक चेतना से परिपूर्ण सत्ता है - घुमकड़ी का शौक रखने वाले और कला साहित्य में खुद को रमाये रखने वाले रोहित जोशी ने यह साक्षात्कार विशेषतौर इस ब्लाग के लिए भेजा है। हम अपने इस युवा साथी के ..

DIL KI BAT

सरवाइवल ऑफ़ फिटेस्ट उर्फ़ नैतिकता के मेनिफेस्टो ..... - कैसे रहते है लोग यहाँ "?....एक्सामिन टेबल पर लेटी सेक्स वोर्केर को एक्सामिन ...करते -करते ...मेरी कुलिग़ ने अंग्रेजी मे मुझसे कहा था ...."सेक्स वर्कर ".....

क्वचिदन्यतोअपि..........!

तस्मै सोमाय हविषा विधेम! (वैदिक बूटी सोम ,सोमरस और सोमपान )..... - सच है यह नई बोतल में पुरानी शराब ही है .हाँ पैकिंग और लेबलिंग में कुछ फ़र्क दिखेगा ,क्योंकि ज़माना इसी का है . तो पहले थोड़ी आकर्षक पैकिंग और लेबलिंग हो जाय...

ज्ञान दर्पण

एलोवेरा (ग्वार पाठा ) - पिछले दशक से स्वस्थ और स्वास्थ्य सम्बन्धी जीवन शैली सबसे ज्यादा चर्चा और ज्यादा गौर किये गए विषयों में से एक है | स्वस्थ रहने और फिट जीवन जीने के लिए होलिस..

तीसरा खंबा

उपभोक्ता की सेवा में दोषी बिल्डर ने चैक चुरा कर फर्जी हस्ताक्षर कर के बैंक में पेश किया और चैक अनादरण का नोटिस भेजा है, क्या करें? - *जीतेश कुमार चंद्रवंशी पूछते हैं- * मैंने नवंबर 2008 में बिल्डर से मकान निर्माण का अनुबंध किया। लोन भी सेंक्शन हुआ, बाद में अप्रैल 2009 में हमने गृह प्रवे..

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''अरे नहीं दीपक भाई ये आपको हो ही नहीं सकता, हमारा प्यार जो आपके साथ है''.......ये ब्लॉगवुड का आपसी प्यार नहीं तो और क्या है?????????दीपक मशाल - अभिभूत हूँ मैं आप सबके द्वारा वर्षाये गए इस निःस्वार्थ प्रेम से... मुझे कतई उम्मीद नहीं थी कि एक इतनी सी छोटी सी बात पे आप सब लोग मुझे इतना स्नेह और संबल ...

JHAROKHA

गजल - * * मत दिखाओ मुझे वो आईना जिससे हो गई नफ़रत मुझे जिसमे अपना ही अक्स अब बदला नजर आता है। सोचती हूं खोती जा रही हूं अपनी ही पहचान मगर नहीं ,यहां तो हर शख्...

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
कार्टून :- आ ले के चलूं इक ऐसे गगन के तले..

“नवगीत”
*छा रहा मधुमास में, * * * *कुहरा घना है। * * दिन दुपहरी में दिवाकर अनमना है। छा रहा मधुमास में कुहरा घना ह...

आज की चर्चा

यहीं पर

समाप्त करता हूँ!

………………….

कल की चर्चा

आदरणीय

ललित शर्मा जी

करेंगें।

14 comments:

  1. बहुत कामयाब चर्चा है। बधाई!

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  2. बहुत खूब शास्त्री जी..सुंदर चिट्ठा चर्चा..बधाई!!

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  3. बहुत बेहतरीन चर्चा.

    रामराम

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  4. जी, मैं नहीं जा रहा हूं
    बस यूं ही अवकाश
    मनाने की सलाह दी है
    मानो तो आराम करो
    नहीं तो ब्‍लॉगिंग करो
    और डबल आराम करो।

    निष्‍कर्ष : हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग में डबल आराम है। यह राम जी का डबल नाम है।

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  5. बहुत अच्छी चर्चा।

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  6. सुंदर चर्चा. धन्यवाद.

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  7. अति सुन्दर चर्चा.....
    आपने तो गागर में सागर भर दिया.....

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  8. सुंदर चर्चा धन्यवाद.....

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  9. बेहद खूबसूरत चर्चा । आभार ।

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  10. ये चर्चा बड़ी है मस्त-मस्त

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  11. bahut badhiya charcha ...........shukriya.

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  12. हा-हा-हा, टिपण्णी लिखू ? लीगल नोटिस तो नहीं आयेगा :)

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