चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Monday, January 25, 2010

“मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम!” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक-41


चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"


आप सबको गणतन्त्र-दिवस की बधाई देते हुए-


आज के "चर्चा मंच" को सजाते हैं-



लावण्यम्` ~अन्तर्मन्`

ऐ अमरों की जननी, तुमको शत-शत बार प्रणाम, मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम। - *जीवन की अंधियारी * *रात हो उजारी! * *धरती पर धरो चरण * *तिमिर-तम हारी * *परम व्योमचारी!* * चरण धरो, दीपंकर, * *जाए कट तिमिर-पाश! * *दिशि-दिशि में चरण..


“अपना गणतन्त्र महान!”
republicday1

नया वर्ष स्वागत करता है , पहन नया परिधान ।
सारे जग से न्यारा अपना , है गणतंत्र महान ॥…….

शब्दकार

गणतंत्र दिवस पर विशेष गीत:

सारा का सारा हिंदी है

आचार्य संजीव 'सलिल'

जो कुछ भी इस देश में है, सारा का सारा हिंदी है.

हर हिंदी भारत माँ के माथे की उज्जवल बिंदी है....


मणिपुरी, कथकली, भरतनाट्यम, कुचपुडी, गरबा अपना है.

लेजिम, भंगड़ा, राई, डांडिया हर नूपुर का सपना है.

गंगा, यमुना, कावेरी, नर्मदा, चनाब, सोन, चम्बल,

ब्रम्हपुत्र, झेलम, रावी अठखेली करती हैं प्रति पल.

लहर-लहर जयगान गुंजाये, हिंद में है और हिंदी है.

हर हिंदी भारत माँ के माथे की उज्जवल बिंदी है....


सब सपनों को साकार करे (गणतंत्र दिवस)


नई भौर में,

नए छोर से,

साध कर नए लक्ष्य कई

नवल यतन कर,

नवयौवन संग,

पलको में,

नव स्वप्न लिए…


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Rani Vishal
Jericho, NY, United States

दोषी कौन : संविधान या संसद

भारत अपने गंणतंत्र दिवस की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह दिन वास्तव में किसी भी लोकतंत्र के लिए पर्व होता है। हमारे लिए आज के दिन यह समीक्षा करना आवश्यक है कि क्या 60 वर्ष पूर्व हम जिस लक्ष्य को लेकर निकले थे उसे पाने में हम कितने सफल हुए? पिछले 6 दशकों में हमने क्या खोया और क्या पाया? इसकी समीक्षा आवश्यक है। इसी के आधार पर भावी भारत का निर्माण संभव है।
पिछले दशकों में भारत ने काफी विकास किया है। सूचना तकनीकी, कम्प्यूटर, मैनुफैक्चरिंग, शिक्षा, विज्ञान, स्टॉक बाजार में भी हमने बेहतर प्रदर्शन किया है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भारतीयों ने अपना झंडा बुलंद किया है। मध्यम वर्ग ने भी अपने जीवन स्तर में सुधार किया है। ग्रामीण शिक्षा एवं रोजगार देश के लिए एक अच्छी शुरूआत है।……


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Kanhaiya
Kanhaiya Jha Student of Master of Mass Communication. Guru Jambeshwar University of Science and Technology contact: yeskanhaiya@rediffmail.com +919958806745
मुबारक हो तुमको गणतंत्र तुम्हारा

मुबारक हो तुम को गणतंत्र तुम्हारा
हम बदक़िस्मत, गरीब, बेघर, बेसहारा,
जकड़ें हैं हवालात में, अकड़े है गनतंत्र
तीन करोड़ मुक़द्दमे, बाक़ी फ़ैसला हमारा

….

खबरों का अड्डा

जन गण का मन से अभिनंदन। लोक तंत्र के हर गण को गणतंत्र दिवस की कोटि-कोटि बधाई।


अगले चार सालों में विभिन्न कानूनों को लैंगिक असमानता से मुक्त बनाने की दिशा में कार्य हो रहा
केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि सरकार अगले चार सालों में विभिन्न कानूनों को लैंगिक असमानता से मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। 24 जनवरी को बेंगलूरू में भारतीय गणतंत्र के 60 साल विषयक तीन दिवसीय सिविल सोसायटी शिखर बैठक का…….

Rhythm of words...

ख़ामोशी !! - तुम न आये मगर ख़ामोशी आकर चली गयी लफ्ज़ छिपते फिरे पर वो सब सुनाकर चली गयी ! सुना भी क्या इस दिल ने एक अदना सा फ़साना जिसमें सिर्फ तन्हाई थी मुश्किल था तुम्ह..

यशस्वी

मेरे गांव की कुछ तस्वीरें - 2 - मैंने पिछली एक पोस्ट में अपने गांव की कुछ तस्वीरें लगायी थी। इस पोस्ट में एक बार फिर अपने गांव की कुछ और तस्वीरें लगा रही हूं। *मेरे गांव का पुल * *म..

समाचार:- एक पहलु यह भी

लोकतंत्र की जीत में छुपी कांग्रेस की हार - हरियाणा के सिरसा जिले के ऐलनाबाद में हुए उपचुनाव पर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों की भी नजर थी. कारण स्पष्ट सा था की प्रदेश में कांग्रेस का राज हो और पार्टी ...

नुक्कड़

उम्‍मेद सिंह साधक पहुंचने वाले हैं चैन्‍नै, विवेक रस्‍तोगी जी तो पहले ही वहां मौजूद हैं - विवेक रस्‍तोगी जी कल्‍पतरू लेकर चैन्‍नै में पहले से मौजूद हैं पी डी वहां पर हैं ही साधक जी भी पहुंच रहे हैं अब ब्‍लॉगर मिलन साधना साध ली जाये। जो जो तकनीक...

मसि-कागद

एक गीत#

दीपक मशाल - ना मिले आसमा ना जमीं मयस्सर होवे

बस तेरी गोद हो माँ

जिसमें मेरा सर होवे

अब यही ठान के हम लड़ चले हैं तूफाँ से के तेरे पैर हों माँ काफिरां दा सर होवे. .

Alag sa

रायपुर के ब्लॉगर भाईयों का सम्मेलन फूलों की खुशबू में संपन्न -

*यह संयोग था या शुभ संकेत आप ही बताईये..

दिन रविवार,

तारीख 24 जनवरी, समय 3.30 अपरान्ह, जगह रायपुर। यादगार क्षण, जब अनिल पुसदकर जी ने छ...

अंधड़ !

सभी मित्रो को गणतंत्र-दिवस की मंगलमय कामना ! - हर नागरिक का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने देश और उसके संविधान का सम्मान करे ! लेकिन यह कितनी अजीब बात है कि जिस संविधान निर्माता को अपना आदर्श बताकर कुछ ल...

चौराहा

ठंडी हथेली में मुस्कान की गुनगुनाहट -

*कल* बहुत अरसे बाद जब राह में धुंध गहरी हो रही थी और-और ज़्यादा तब यकायक गाढ़ी रात तब्दील हो गई ताज़ा सुबह में *तुम फुसफुसाईं* पागल हो? समझते ही नहीं मैं...

Science Bloggers' Association

अपनी समझदारी पे इतना गुमाँ क्यों है? - अगर किसी से पूछा जाए कि इस दुनिया का सबसे समझदार आदमी कौन है? तो शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा हो जो अपना नाम न बताए। नाराज़ मत होइए, मुझे आपकी समझदारी पर कोई शक न..

दिनेश दधीचि - बर्फ़ के ख़िलाफ़

आज नव गौरव के वैभव का उत्सव है -

प्रतिदिन गिन-गिन देश की विदेश की जो सूचनाओं-ख़बरों की रहता है टोह में अपनों से दूर धन के नशे में चूर रहे पड़े नहीं कभी निज देश के भी मोह में . बार-बार पढ़े ...

स्वप्न मेरे................

कुछ ऐसे सिरफिरों के चाहने वाले मिले हैं -

गुरुदेव के हाथों सँवरी ग़ज़ल ....... वो जिन के मन पे नफरत के सदा जाले मिले हैं कुछ ऐसे सिरफिरों के चाहने वाले मिले हैं समय के हाथ पर जो लिख गये फिर नाम अप..

चर्चा पान की दुकान पर

खेल खिलाड़ी का - ***राजीव तनेजा*** ज्योतिषी बनने के चक्कर में जेल की हवा खाने पडी…कोई खास नहीं…बस यही कोई तीन महीने की हुई…बोरियत का तो सवाल ही नहीं पैदा होता क्योंकि अपन..

नीरज

फूल पर तितलियां - दर्द दिल में मगर लब पे मुस्कान है आशिकों की यही आन है बान है लाख कोशिश करो आके जाती नहीं याद इक बिन बुलाई सी महमान है खिलखिलाता है जो आज के दौर में इक अज..

भारतीय नागरिक - Indian Citizen

एक ही काम के लिये किसी को सम्मानित किया जाता है तो किसी के विरुद्ध एफआईआर - एक ही काम के लिये किसी को सम्मानित किया जाता है तो किसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाती है. रुखसाना और विनय कटियार कुछ समानता या असमानता का अहसास हुआ या न...

शिल्पकार के मुख से

एक कवि लड़ रहा दो मोर्चों पर-लोकतंत्र शर्मिंदा है!! (गिरीश पंकज) -

डी. आई. जी. का डंडा महिला पर चलने से एवं कलेक्टर द्वारा मातहत कर्मचारी को थप्पड़ मारने से एक कवि का मन आहत हुआ और आक्रोश से भर उठा. कलम करने लगी व्यवस्था ...

गत्‍यात्‍मक चिंतन

महंगाई के बारे में इतना शोर है .. कहां है महंगाई ??

- विवाह के बाद अपने को वैज्ञानिक दृष्टिकोण का माननेवाले मेरे ससुराल वाले बात बात पर मेरे ज्‍योतिषिय ज्ञान की परीक्षा लेते और मेरे पोथी पत्रे तक फेक डालने की ...

वीर बहुटी

- जीना सीख लिया है।


*[कविता]*

चल रही है दोनो मखमली सी चाहतें और और खार सी जिन्दगी समानान्तर रेखाओं की तरह दूरी बना कर उठता है दोनो के बीच एक समुद्र कुछ अनुभूत...

मनोरमा

अभिसार जिन्दगी है - संधर्ष न किया तो धिक्कार जिन्दगी है काँटों का सेज कहकर स्वीकार जिन्दगी है मिलता सुकूँ हवा से जो तन पे हो पसीना भूखे की जैसे रोटी अभिसार जिन्दगी है इन्सानिय..

Gyan Darpan ज्ञान दर्पण

स्वर्ग में स्वागत -1 - चित्रपट चल रहा था दृश्य बदलते जा रहे थे उन्ही दृश्यों में ....... आज स्वर्ग में बड़ी हलचल थी . इतर का छिडकाव हो रहा था , मंडपों को अलंकृत किया जा रहा था ,गन...

हास्यफुहार

हिंदी में अनुवाद करें ! - *Cricket : गोल गुत्तम लकड़ बत्तम दे दनादन भाग-दौड़ धर-पकर प्रतियोगिता ! * *Tea : सुष्म दुग्ध-जल मिश्रित शर्करा युक्त पर्वतीय बूटी !* *All Rout Pass : यत्र...

उड़न तश्तरी ....

विकलांगता - लँगड़ी है दादा जी की छड़ी दीवार का सहारा लिए खड़ी है गूँगा है माँ का सितार तहखाने के कोने में उदास पड़ा है अँधी है बाबू जी की ऐनक धूल ख...

ताऊ डॉट इन

ताऊ पहेली - 58 : विजेता श्री प्रकाश गोविंद - प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली - 58 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है :चंडीग..

ताऊजी डॉट कॉम

दिमागी कसरत - 57 : विजेता : सुश्री साधना वेद "दिमागी कसरत - 57 के जवाब" प्यारे साथियों, मैं आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" आपका हार्दिक स्वागत करता हूं और अब मैं आपको दिमागी कसरत - 57 के जवाब बताता हू..
Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
कार्टून :- एक ब्लागार मीट ये भी...

एक बूँद

नमक रोटी - "जसुमति नंदन रोटी खावे, भीम रे जैसो बड्को होवे" "क्या माँ...तू रोज़ एक ही बात कहे है.." मुझे नी खानी सूखी रोटी- अचार...... तीखा लगे है अचार, तू दही क्यूँ ना...


आज की चर्चा में -

बस इतना ही….!

कल फिर "चर्चा मंच"

पर कुछ और

मजेदार चिट्ठों की

चर्चा लेकर

ब्लॉगिस्तान में

हाजिर हो जाऊँगा!

16 comments:

  1. शास्त्री जी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

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  2. शास्त्री जी
    तथा हिन्दी ब्लॉग जगत के सभी साथियों को
    २६ जनवरी की शुभकामनाएं और आपका
    बहुत बहुत आभार !
    - लावण्या

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  3. पुनः विस्तृत और व्यवस्थित चर्चा के लिए आभार शास्त्री सर... याद रखने के लिए भी..
    गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें....
    जय हिंद... जय बुंदेलखंड...

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  4. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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  5. ये चर्चा बड़ी है मस्त-मस्त

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  6. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं !!

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  7. बढ़िया चर्चा के साथ गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

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  8. सुंदर चर्चा. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं.


    रामराम.

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  9. चिट्ठाचर्चा परेड ने मन मोह लियो एक से बढ़कर एक झांकी। इन पर सर्वोत्‍तम झांकी पुरस्‍कार की व्‍यवस्‍था की जाये।

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  10. गणतंत्र-दिवस की मंगलमय शुभकामना...

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  11. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!
    बढ़िया चर्चा

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  12. बहुत बढिया रही चर्चा......
    गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऎँ!!!

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  13. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.....!!

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  14. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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