चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Friday, February 26, 2010

“होली का आया त्यौहार” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक-76
चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आइए आज का
"चर्चा मंच" सजाते हैं-  
लगता है आज की प्रातः की चर्चा अधिकांश ब्लॉगरों को पसन्द नही आई मगर में क्या करूँ!

चिट्ठाजगत जो बोलता है वही तो मैंने उजागर किया है !   
अब पुराने रंग-ढंग से आज की चरचा शुरू करता हूँ-
निवेदन यह  है कि यदि आप
पल-पल! हर पल!! http://palpalhalchal.feedcluster.com/

में अपना ब्लॉग शमिल कर लेंगे तो
मुझे
चर्चा मंच में आपका लिंक उठाने में सरलता होगी।


ताऊ डॉट इन

"खाये वो जूते तेरी गली में सनम" - सभी देवियों और सज्जनों को रमलू सियार की रामराम. सोचता हूं कि जंगल की कुछ असलियत से आपको वाकिफ़ करवा ही दूं आज. अब बस बहुत हो गया. आजकल चारों तरफ़ बडा शोरग...
*होशोहवास/HOSHOHAWAS*

होली की ढेर सारी शुभकामनाएं!!! -
ताऊजी डॉट कॉम

खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (196) : आयोजक उडनतश्तरी - बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका आयोजक के बतौर हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते हैं कि अब खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी क...
सरस पायस

हो... हो... होली है : अरविंद राज का एक बालगीत - हो... हो... होली है ! मन में तरंग है, तन में उमंग है । धरती रंगीली है, अंबर सतरंग है । रंगों में रँगी हुई मस्तों की टोली है । होली है... हो... ह...
उच्चारण

“होली का आया त्यौहार” - *[image: IMG_0889 - Copy (2)] प्राची गुझिया बना रही है, दादी पूड़ी बेल रही है।** **[image: IMG_0889] कभी-कभी पिचकारी लेकर, रंगों से वह खेल रही है।। ...
अंतर्मंथन

जाने कहाँ खो गई खुशबू गुलाबों की --- - आज सारा देश लुप्त होते जा रहे बाघों के लिए चिंतित है। होना भी चाहिए । आखिर वन्य जीवन हमारी धरोहर है। लेकिन हम इसे अपने ही हाथों नष्ट किये जा रहे हैं। इंसान ...
सोचा ना था....

दुआ की कीमत - फरवरी की शुरुवात में ही हम अजमेर गए...वैसे हमारा १० दिनों का लम्बा प्लान था.....अजमेर पहुँचकर अपने भाई के दोस्त के घर पर फ्रेश हुए....फिर मशहूरअजमेर शरीफ (...
नन्हा मन

जब खेलने आए बच्चे - रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ - नमस्कार बच्चो , आपके लिए *रामेश्वरम कम्बोज हिमांशु* जी नें अपनी कुछ बहुत ही प्यारी-प्यारी बाल-कविताएं लिख भेजी हैं , जिन्हें हम एक-एक कर आपको पढवाएंगे । पढि...
शिल्पकार के मुख से

चंदू घर के अन्दर ही नगाड़े पीटने लग गया है.! होली है-भाई होली है "ललित शर्मा " - परसों होली है, नंगाड़ों की मधुर ताल वातावरण कों होली मय कर रही है. कल शाम कों हमारे घर में नगाड़ों की आवाज सुनाई दी. तबियत नासाज होने के कारण मैं सोया हुआ..
नुक्कड़

हिन्‍दी ब्‍लॉगरों से राय चाहिये - क्‍या नुक्‍कड़ को वेबसाइट बना देना चाहिए (अविनाश वाचस्‍पति) - नुक्‍कड़ को वेबसाइट बना लें आपकी क्‍या राय है कृपया बतला दें ? अगर हां कहेंगे तो सोच लें इसका व्‍यय उठाना होगा साफ कहता हूं जेब से नहीं लगायेंगे विज्ञापन ...
Dr. Smt. ajit gupta

दोहती का जन्‍मदिन है, आशीष दीजिए - दिनांक 28 फरवरी को हमारी दोहिती 'मिहिका' उर्फ चीयां का प्रथम जन्‍मदिन है। हम तो उसे आशीष देने आज ही पुणे जा रहे हैं। उसके लिए एक गीत लिखा है आप भी पढ़िए और ...
मसि-कागद

आज लौट के आया हूँ तो ब्लॉगवुड में एक और नए नाम से आपका परिचय करा देता हूँ..-------->>>>दीपक 'मशाल' - आज लौट के आया हूँ तो ब्लॉगवुड में एक और नए नाम, अपने अज़ीज़ से आपका परिचय करा देता हूँ.. :) नाम है* संजय कुमार जी* और बाकी परिचय आप स्वयं इस लिंक पर जाकर देख...
मानवीय सरोकार

मौसम चुहुल मसखरी वाला - हास्य       -डॉ०डंडा लखनवी    गली    देखिए   घाट देखिए। रंगबिरंगी    हाट    देखिए।। मौसम चुहुल-मसखरी  वाला, आज   हुआ  स्टार्ट  देखिए।। इनको  जनस...
JHAROKHA

पैगाम - *ख्वाबों में ही छलनी हो, गया जिगर जिसका*** *वही तो जिगर हमारा है, वहीं तो जिकर हमारा है।*** * * *खयालों के धागे बुनते बुनते, कुछ बिगड़े कुछ सूत बने।*** ...
मेरी भावनायें...

होली की शुभकामनायें - रंग प्यार का रंग आशीष का रंग हमारी भाषा का रंग हमारे देश का रंग हमारे कर्मठ जवानों का रंग हमारी आन-बान-शान का रंग हमारे संस्कारों का .... आओ हम अपनी नफरत...
मुझे शिकायत हे. Mujhe Sikayaat Hay.
तुम हमारे बच्चो को ओर हमे मारो हम तुम्हारे बच्चो को ओर तुम्हे मारेगे.... - कई दिनो से दिमाग मै कुछ आ ही नही रहा लिखने के लिये, बहुत सोचा लेकिन लगता था दिमाग दवाईयां खा खा खा कर बेकार हो गया.... तभी आज बाबा लंगोटान्नद जी दोपहर को म...
हिंदी का शृंगार
"रंग" और "रँग" में से किसमें डूबें? - सभी लोग होली के रंग में डूबे हैं! तन से न सही मन से तो डूबे ही हैं! चलिए होली के इस रंग के बहाने ही "हिंदी का शृंगार" किया जाए! आज इन दो शब्दों पर च...
भारतीय नागरिक - Indian Citizen
क्या प्रभात शुंगलू जी ने मकबूल फिदा हुसैन द्वारा बनाये गये चित्र देखे भी हैं? - जी नहीं. उनके ब्लाग का एक लेख जो शब्दश: नीचे दिया जा रहा है, गौर फरमायें.प्रभात जी का मूल लेख इस साइट पर छपा है.. *"हुसैन, तुम माफी मत मांगना* ...
वीर बहुटी
सच्ची साधना [कहानी] - *सच्ची साधना* कल आपने पढा कि शिवदास अपनी जिम्मेदारियों से भाग कर साधु बन गया और 20-25 साल बाद वो साधु के वेश मे अपने गाँव लौटता है। उसका मन साधु के रूप मे ...
अंधड़ !
नफरत दिल में बसाने से फायदा क्या ! - *दर्द जुबाँ पे लाने से फायदा क्या, अश्रुओ को पलकों में छुपाने से फायदा क्या ! अब-जब धडकने बंद हो ही गई तो, खंजर को जिगर पर चुभाने से फायदा क्या !! ताउम्र को...
ज़िन्दगी
कैसे खेलें होरी - तिरछी चितवन सुर्ख कपोल भीगे अधर प्रिये कैसे प्रवेश करूँ ह्रदय में पहरे तुमने बिठा रखे हैं चितवन बांकी बींध रही है किस रंग से तुम्हें सजाऊँ कपोल सुर्ख किये हु...
ह्रदय पुष्प
होली है - होली है ढीठ गोपाल यशोदा के लाल ने  ग्वालिन संग करी बरजोरी। आवत देख के राह में घेर के  बाँह गही औ दई झकझोरी। भाल अबीर सों लाल कियौ और  पकड़ उठाइ के नाँद में ब...
गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष
ललित शर्मा जी का आभार .. आप सबों को भी एक जानकारी दे दूं !! - काफी दिनों से अपने ब्‍लॉग का टेम्‍प्‍लेट बदलकर इसे नया रूप देने की मेरी इच्‍छा हो रही थी। चार पांच दिन पूर्व मैने वह कर भी डाला, फिर गूगल को छान मारते हुए हे...
घुघूतीबासूती
 वह गोबर होली वर्ष था !.......घुघूती बासूती - कहाँ कहाँ खेली, कैसी कैसी तो होली जैसी हमने खेली वैसी ही हो ली होली जहाँ जहाँ गए हम संग हो ली होली तेरी, मेरी, उसकी हम सबकी होली। होली का दिन आता है तो उसके...
"हिन्दी भारत"
विश्व पटल पर हिंदी : अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी - विश्व पटल पर हिंदी हिंदी विभाग, चौ0 चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ इन दिनों जब देश में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, जिसमें देश-विदेश के लोग भारतीय संस्कृति के ...
सचिन ने नहीं बेलिन्डा क्लार्क ने लगाया पहला एकदिवसीय दोहरा शतक
Feb 26, 2010 | Author: HARI SHARMA | Source: हरि शर्मा - नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे
इस फोटो को ध्यान से देखिये ये क्रिकेट की मशहूर खिलाडी बेलिंडा क्लार्क है जिन्होने १९९७ के महिला क्रिकेट विश्व कप मे चेन्नई मे २२९ रन नाबाद बनाये थे और इस तरह एक दिवसीय क्रिकेट का पहला दोहरा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बनी. अब जब सचिन तेन्दुलकर ने ये उपलब्धि हासिल कर ली है तो मीडिया यही राग गा रहा है ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
'युवा~Yuva' ब्लॉग ''ताका-झाँकी'' में परिवर्तित
Feb 26, 2010 | Author: Amit Kumar | Source: युवा~Yuva
'युवा~Yuva' ब्लॉग 1 मार्च, 2010 शुभ होली के दिन से ताका-झाँकी में परिवर्तित हो गया है. कृपया नई पोस्ट के लिए अब "ताका-झाँकी" ( http://tak-jhank.blogspot.com/) ब्लॉग पर पधारें. यदि आप भी इस सामुदायिक (Community) ब्लॉग पर लिखना चाहते हैं तो हमें amitky86@rediffmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं. आपकी अ ... [read more]

0 CommentsView blog reactions
लागल झुलनिया के धक्का बलम कलकत्ता निकरि गए …
Feb 26, 2010 | Author: padmsingh | Source: पद्मावलि
हाँ तो भईया भंग कर रंग जमा हो चकाचक फिर लो पान चबाय ऐसा झटका लगे जिया पे पुनर्जनम होई जाय ……… केवल पान खाने से ?? और नहीं तो क्या……. होली है कि जानती नहीं और तमन्ना है कि मानती नहीं होली भी मनानी है और मेहमानों को होली मिलन भी करवाना है …. मंहगाई इतनी कि पान खाने से ही पुनर्जनम [...] [read more]
CommentsView blog reactions
गप्प: बदरी काका - भाग दो
Feb 26, 2010 | Author: Ashok Pande | Source: कबाड़खाना
(पिछली किस्त से जारी)गोपाल के जापान जाने या ना जाने से थान सिंह को तो बहुत फर्क नहीं पड़ा लेकिन गोपाल की जापान यात्रा के तमाम किस्सों को उसके नए चेलों ने सारे शहर को सुनाया और दम ठोक कर घोषणा की कि बदरी काका की गप्पें अब पुराने जमाने कि बातें हो चुकी हैं।गोपाल के जापान हो आने की खबर को बदरी काका ... [read more]
1 CommentView blog reactions
यूँ आरंभ हुआ होलिका-दहन व होली
Feb 26, 2010 | Author: KK Yadava | Source: उत्सव के रंग
होली भारतीय समाज का एक प्रमुख त्यौहार है, जिसका लोग बेसब्री के साथ इंतजार करते हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रूपों में होली मनाई जाती है। रबी की फसल की कटाई के बाद वसन्त पर्व में मादकता के अनुभवों के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व उत्साह और उल्लास का परिचायक है। अबीर-गुलाल व रंगों के ब ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
होली का तरही मुशायरा :- सनम की गली में आज किसकी बारी है, और किसकी हो सकती है बर्थडे बाय के सिवा । तो आज एकल काव्‍य पाठ सुनिये प्रकाश अर्श का ।
Feb 26, 2010 | Author: पंकज सुबीर | Source: सुबीर संवाद सेवा
नोट : सूचना मिली है कि होली को देखते हुए सरकार ने अखंड भारतमंडल में सनम की गली में जाने पर लगा प्रतिबंध हटाने की घोषणा कर दी है । सो अब सब आराम से आये जाएं कोई राकेने वाला नहीं है । [read more]
25 CommentsView blog reactions
वस्तु का प्रचार या स्त्री का .......
Feb 26, 2010 | Author: देवेश प्रताप | Source: विचारों का दर्पण
देवेश प्रताप [read more]
9 CommentsView blog reactions
कार्टून:- ये बाबा भी ब्लागरों की बातें करता है...
Feb 26, 2010 | Author: काजल कुमार Kajal Kumar | Source: Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
23 CommentsView blog reactions
क्या प्रभात शुंगलू जी ने मकबूल फिदा हुसैन द्वारा बनाये गये चित्र देखे भी हैं?
Feb 25, 2010 | Author: भारतीय नागरिक - Indian Citizen | Source: भारतीय नागरिक - Indian Citizen
जी नहीं. उनके ब्लाग का एक लेख जो शब्दश: नीचे दिया जा रहा है, गौर फरमायें.प्रभात जी का मूल लेख इस साइट पर छपा है.. [read more]
कोई बड़ा गुल खिलाने की तैयारी में अमर सिंह
सियासत के सुपर स्टार ठाकुर साहबः 1समाजवादी पार्टी के आला ओहदेदार रहे सांसद ठाकुर अमर सिंह के कदम रफ्ता-रफ्ता जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, सबसे ज्यादा सपा के भीतर बेचैनी गहराती जा रही है। काश, ऐसा न होता तो उत्तर प्रदेश के निकट भविष्य के विधानसभा चुनावों में

चिट्ठानामा
मुंहफट
Union Budget 2010-11
Today the seasoned Congress leader and
UPA government’s
finance minister
Sri Pranab Da
presented the much-anticipated
Union Budget
2010-11.
Now it is the time for
him to receive
both praise and
brickbat from
several quarters.
India is a big country
Amar Singh's Official Blog
A.Singh
होलियाए दोहे
होली तो अब सामने खेलेंगे सब रंग।मँहगाई ऐसी बढ़ी फीका हुआ उमंग।।पैसा निकले हाथ से ज्यों मुट्ठी से रेत।रंग दिखे ना आस की सूखे हैं सब खेत।।एक रंग आतंक का दूजा भ्रष्टाचार।सभी सुरक्षा संग ले चलती है सरकार।।मौसम और इन्सान का बदला खूब स्वभाव।है वसंत पतझड़ भरा
मनोरमा
श्यामल सुमन
आज की चर्चा में इतना ही….!

11 comments:

  1. होली की बधाई
    चर्चा है मनभाई

    ReplyDelete
  2. बहुत बढिया .. आपको भी होली की शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete
  3. होली "मंगल-मिलन" की हार्दिक शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  4. होली के रंगों से सजी सुन्दर चर्चा!!
    आभार्!

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया चर्चा रही..यहीं से सारे लिंक पर हो आये.

    आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

    ReplyDelete
  6. बहुत बधाई होली की।
    चर्चा प्यारी बोली की।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

    ReplyDelete
  7. *********************
    रंग-बिरंगी होली की बधाई.

    ReplyDelete
  8. सुन्दर चर्चा...''ताका-झांकी'' की चर्चा हेतु आभार..होली की बधाइयाँ.

    ReplyDelete
  9. holi ke sabhi rang bhar diye hain..........gazab ki prastuti.

    HAPPY HOLI.

    ReplyDelete
  10. आपको होली पर्व की घणी रामराम.

    रामराम

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin