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Wednesday, April 21, 2010

“बापू की पोती मिलना चाहती है नक्सलियों से!” (चर्चा मंच)

"चर्चा मंच" अंक - 128
चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक
आइए आज  का "चर्चा मंच" प्रारम्भ करते हैं
इस चर्चा के साथ-
हिंसा से दुःखी बापू की पोती मिलना चाहती है नक्सलियों से!
Author: Anil Pusadkar | Source: अमीर धरती गरीब लोग
बापू की पोती तारा देवी भट्टाचार्य छत्तीसगढ आई।वे यंहा बा के जीवन पर कस्तुरबा आश्रम मे लगी प्रदर्शनी का उद्घाटन करने आई थी।वे प्रेस क्लब भी आई और उन्होने समाज मे हो रहे बदलाव पर बेबाक राय व्यक्त की।उन्होने नक्सली हिंसा पर दुःख जताया और कहा कि वे उनसे मिलना चाहती है।नक्सली हिंसा के लिये उन्होने सरकार के साथ-साथ व्यवस्था और समाज को बराबर का ज़िम्मेदार ठहराया।उन्होने साफ़ कहा कि इस समस्या के लिये समाज मे व्याप्त विसंगतियां भी उतनी ही ज़िम्मेदार है जितनी सरकार।
बापू की पोती ने नक्स्ली हिंसा मे बेघर ... 
नन्हा मन पर समीर लाल जी की
बहुत सुन्दर बालकविता प्रकाशित हुई है-
नन्हा मन

समीर लाल समीर ( उडन-तश्तरी) जी की बाल-कविता - चिड़िया!!!!! - नमस्कार बच्चो , उस दिन हमें अमर अंकल नें बताया कि उन्होंने नन्हामन पर उडन-तश्तरी उतारी है और हम सब उसमें बैठकर आसमान की सैर भी कर आए । अमर अंकल नें इतना तो...
बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ.कुमारेन्द्र सिंह सेंगर से मिलिए
आज ताऊ जी डॉट कॉम पर-
ताऊजी डॉट कॉम

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में : डा. कुमारेन्द्र सिंह सेंगर - प्रिय ब्लागर मित्रगणों, हमें वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता के लिये निरंतर बहुत से मित्रों की प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं. जिनकी भी रचनाएं शामिल की गई है...
 
सुन्दर अश्आरों से सजी-सँवरी गजल को
आज “अदा जी ने यहाँ प्रस्तुत किया है-
काव्य मंजूषा

कच्चा घड़ा मेरे दम का, तूफ़ान में टूटा न था..... - था वो मंजर कुछ गुलाबी, रंग भी छूटा न था दिल में इक तस्वीर थी और आईना टूटा न था हादसे होते रहे कई बार मेरे दिल के साथ आज से पहले किसी ने यूँ शहर लूटा न थ...
रानीविशाल ने आज सुन्दर आलेख के साथ
दो रचनाएँ अपने ब्लॉग पर लगाई हैं-
काव्यतरंग

कभी देखी है ऐसी मनुहार ??..........दो कविताएँ {रानीविशाल} - कहते है कि सावन के अंधे को सब हरा ही हरा दिखाई देता है .....बस कविता प्रेमीयों के साथ भी कुछ ऐसा ही है । जिन्हें कविताएँ कहने और पड़ने का रोग लग जाए, फिर क...
अब आप इस अनुरोध को ध्यानपूर्वक पढ़ें-
मैं चाहता हर एक को सीने से लगाना।।
सभी भारत प्रेमियों से अनुरोध है, इसे अवश्‍य पढें।।
Apr 20, 2010 | Author: आनन्‍द पाण्‍डेय | Source: महाकवि वचन 
देश के अमर सपूतों की श्रद्धांजलि में अर्पित ये काव्‍य सुमन मेंरे हृदय का उद्गार है। मां भारती के प्रति इतनी अगाध श्रद्धा और इतना प्‍यार है कि शब्‍दों मे व्‍यक्‍त करने का सामर्थ्‍य नहीं बन पा रहा फिर भी मन की कुछ पवित्र भावनाओं ने लेखनी की शरण ले ली और यह छोटा सा काव्‍य फूट पडा । सभी भारत प्रेमियों से अनुरोध……..

चिली के महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता
पाब्लो नेरुदा ( १९०४ - १९७३ ) की कविता
तुम्हारे पाँव का बहुत ही सुन्दर अनुवाद
डॉ.सिद्धेश्वर सिंह ने 
कर्मनाशा पर प्रकाशित किया है!

तुम्हारे पाँव -
जब मैं देख नहीं पाता हूँ
तुम्हारे चेहरे को
तो निहारता हूँ तुम्हारे पाँव
वक्र अस्थियों से निर्मित
तुम्हारे नन्हें- नन्हें पाँव।……
गुलदस्ता-ए-शायरी में बबली (उर्मी चक्रवर्ती) ने
मन में आशाएँ जगाने वाला एक पद प्रस्तुत किया है-
GULDASTE - E - SHAYARI

- हर पल ये सोचती थी वो पल कब आए, एक पल के लिए तुम्हारा दीदार हो जाए, वो पल भर का साथ यादगार बन जाए, तुम्हारी याद में हर पल बीत जाए !
महानगर के परिन्दों के दर्द का वर्णन
श्री पी.सी. गोदियाल जी ने
अंधड़ पर
बहुत ही मार्मिकता के साथ बखान किया है-
महानगरीय चिड़ियाओं का दर्द ! - *प्रात: भ्रमण के उपरान्त बरामदे में बैठ बस यूँ ही शून्य को निहार रहा था कि सहसा नजर चिड़ियाओं का कोलाहल सुनकर सामने पार्क के एक छोर पर लड़ रही कुछ चिड़ियाओ...


अंधड़ !
 ऐ वक्त ! तू इतना कमवख्त क्यों है ! - मन-पांखी हो रहा इस कदर बेचैन और अशक्त क्यों है, मुझको बता दे ऐ वक्त ! तू इतना कमवख्त क्यों है ! खुद ही कहता है कि हरपल - हरकदम मेरे साथ चल, मंजिलों की डगर म...

स्वप्न मेरे................में पढ़िए

बुढ़ापे पर रची हई दिगम्बर नासवा जी की यह रचना-

बुढ़ापा

जिस्म पर रेंगती
चीटियाँ की सुगबुगाहट
वक़्त के हाथों लाहुलुहान शरीर
खोखले जिस्म को घसीटते
दीमक के काफिले

…….
Dr. Smt. ajit gupta ने इस पोस्ट में
अपनी चिन्ता कुछ इस प्रकार व्यक्त की हैं-
हमारा शौक और बेचारे जानवर की मृत्‍यु -
जब-जब भी आइने में खुद को देख लेती हूँ तो रातों की नींद उड़ जाती है। दूसरे दिन से ही मोर्निंग वाक शुरू हो जाता है। लेकिन फिर एकाध प्रवास और घूमना निरस्‍त। कम...
पाखी की दुनिया में
माउन्ट हैरियट
की सैर के सुन्दर दृश्य यहाँ पर लगे हैं-
शिप पर चली गाड़ी, फिर माउन्ट हैरियट का नजारा
| Author: पाखी |
इस बार मैं माउन्ट हैरियट (Mount Harriet) पर घूमने गई. ब्रिटिश काल में माउन्ट हैरियट चीफ कमिश्नर का ग्रीष्मकालीन आवास था। इसका नामकरण कर्नल आर. सी. टाईटलर की पत्नी हेरियट के नाम पर हुआ, जिसने 1862 के दौरान इस क्षेत्र को चीफ कमिशनर के ग्रीष्मकालीन आवास के रूप में चुना। पोर्टब्लेयर से सड़क द्वारा 55 व नाव द्वारा 15 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित माउन्ट हेरियट (Mount Harriet) दक्षिण अंडमान का सबसे उंचा पहाड़ (Highest peak of South Andman) भी है। पिकनिक, ट्रेकिंग व चिड़ियों को देखने के लिए यह उत्तम स्थ ...


Author: शिवम् मिश्रा |  बुरा भला 
अन्य ऋतुओं की तुलना में गर्मी के मौसम में कुछ ज्यादा ही बीमारियां पैदा होती है। एक सामान्य व्यक्ति यानी जिसे कोई बीमारी न हो, वह भी गर्मी के प्रकोप का शिकार हो सकता है। जैसे लू लगना आदि। वहीं जो लोग पहले से ही सांस की बीमारी , हाइपरथायरायड, डाइबिटीज या हाई ब्लडप्रेशर, हृदय रोगों, टीबी, पेट की तकलीफों आदि से पीड़ित हैं, उनमें गर्मी के कारण कई नई समस्याएं पैदा हो सकती है, जो जानलेवा बन सकती हैं। इस मौसम में लोगों को ये समस्याएं पैदा हो सकती
मोहब्बत एक पूजा है अगर आँखों मे  पानी है मोहब्बत दो दिलो के तीर पे गंगा का पानी है सच्चे लोग पीते हैं मोहब्बत रस के प्याले को झूठे प्रेमियों के लिए तो ये बोत्तल का पानी है ______________________________________ रसीले होठ तेरे थे सुखद अहसास मेरे थे सुनहरे केश तेरे थे लिपटते गाल मेरे थे मगर जब स्वप्न टूटा तो यही सच सामने आया न तू मेरी न मैं तेरा सुखद वो स्वपन मेरे थे ______________________________________ भोर की पहली किरण कहती सुवह से, मैं प्रथम उस सूर्य की अभिसारिका हूँ तुम भले ...

Apr 20, 2010 | Author: M VERMA | Source: यूरेका
मेरी कुछ पुरस्कृत/प्रकाशित रचनाओं के लिंक्स. आपका पदार्पण अपेक्षित
Apr 20, 2010 | Author: LIMTY KHARE लिमटी खरे | Source: नुक्कड़ 
ये है दिल्ली मेरी जा
माचिस की तीली के ऊपर बिटिया की पलती आग:भाग तीन [पाड्कास्ट में]
Apr 19, 2010 | Author: गिरीश बिल्लोरे | Source: मिसफिट:सीधीबात
सच में!
Apr 19, 2010 | Author: ktheLeo | Source: "सच में!"
धन और सम्पदा,
संबंधों की दुनिया (कविता)
Author: KK Yadava | Source: शब्द-सृजन की ओर...
सम्बन्धों के मकड़जाल से भरी हुई है दुनिया एक सम्बन्ध से नाता टूटा तो दूसरे सम्बन्ध जुड़ गये हर दिन न जाने कितने ही सम्बन्धों से जुड़ते हैं लोग कोई औपचारिक तो कोई अनौपचारिक पर कई सम्बन्ध ऐसे भी होते हैं जो न चाहते हुये भी जुड़ जाते हैं, क्योंकि उनका नाता कहीं मन की गहराईयों से होता है ये सम्बन्ध साथ भले ही न निभा सकें पर चेतन या अवचेतन में उनकी टीस सदा बनी रहती है।
राजस्थान में युवा अधिवक्ताओं को छात्रवृत्ति की मंजूरी, वकीलों के लिए पेंशन योजना पर विचार
| Author: लोकेश Lokesh | Source: अदालत
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान ने युवा अधिवक्ताओं को छात्रवृत्ति दिए जाने सम्बंधी नियमों को हरी झण्डी दे दी है। इस मसौदे को अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को भेजा जाएगा। बीसीआई की मंजूरी के बाद छात्रवृत्ति का प्रावधान लागू किया जा सकेगा। बार काउंसिल की 18 अप्रैल को हुई साधारण सभा में वकीलों के लिए पेंशन योजना के लिए समिति बनाने का फैसला भी किया गया।

लो क सं घ र्ष !

पाकिस्तान की हठधर्मी

प्रस्तुतकर्ता SUMAN
मोहम्मद शुऐब एडवोकेट
26.11.2008 को हमला हुआ भारत के शहर मुम्बई में कई स्थानों पर। पुलिस द्वारा एक आतंकी अज़मल आमिर कस्साब को जिन्दा गिरफ्तार करने का दावा किया गया। यह जांच करना कि अज़मल आमिर कसाब कौन है, कहां से और कैसे आया, सम्बन्धित मुकदमे के विवेचक का काम था जो उन्होंने किया। उसकी संलिप्तता पर निर्णय न्यायालय को देना है जिससे मुझे कोई मतलब नहीं, इसलिए कि उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसी मुकदमे में दो और लोगों को अभियुक्त बनाया गया जिनके नाम क्रमशः फहीम अरशद अन्सारी और सबाउद्दीन हैं। सबाउद्दीन को उत्तर प्रदेश एस0टी0एफ0 ने 10.02.2008 को लखनऊ से और फहीम अरशद अन्सारी को 10.02.2008 को रामपुर से गिरफ्तार करने का दावा उत्तर प्रदेश एस0टी0एफ0 द्वारा किया गया, जो गिरफ्तारी के बाद लखनऊ व बरेली जेल में
कबीरा खडा़ बाज़ार में
वागर्थ के सम्पादक के नाम एक पत्र......!! - सेवा में श्री विजय बहादूर सिंह जी चरण-स्पर्श वागर्थ के अप्रैल २०१० के अंक में आपका लेखक जात के प्रति रोष भरा आलेख पढ़ा हालांकि यह आलेख के अनुपात में मुझे...

Gyan Darpan ज्ञान दर्पण
स्वतंत्रता समर के योद्धा : महाराज बलवंत सिंह ,गोठड़ा - स्वतंत्रता प्रयासी योद्धाओं में हाडौती क्षेत्र के महाराज बलवंत सिंह हाड़ा गोठड़ा का अविस्मर्णीय योगदान रहा है | राजस्थान के हाडौती भू -भाग के दो राज्य कोटा ...

Meri Katputliyaan

कहाँ गये... - हिसाब तो करना होगा अभी नहीं तो थोड़ी देर में वह सब उजाले जो जमा थे कहाँ गये ? सँभाले हुए जन्म जन्मांतर बिखरे,जले और खप गये कहाँ गये ? ना जाने वो..
ब्लॉगोत्सव २०१०
उत्सव गीत : चिट्ठाकारी में नया इतिहास रचने आए हैं


उत्सव गीत-
() माला
(ब्लॉग :मेरा भारत महान)
हम हैं ब्लोगर हिंदी के, आगाज करने आए  हैं !
चिट्ठाकारी में नया इतिहास रचने आए  हैं !!
सुर, तुलसी और मीरा है यहाँ के कुंजों में
अक्षय है भण्डार यहाँ वाणी का सूफी संतों में
कवि जायसी,मल्लिक खुसरो,भक्त कवि रसखान सा -
हम भी लेखन से सृजन में सांस भरने आए  हैं ……

भारतीय वास्तु शास्त्र

पूरब-पश्चिम रोड़
पूरब-पश्चिम रोड़ हो , हो मर्दों की बात  

                  प्राणेश्वरियाँ प्राण देरखे आपकी बात ।। 
रखे आपकी बातबढ़े बुजुर्गों का मान  
खा मालपुआ खीर , वे दिन-भर चबाय पान ।। 
कह ’वाणी’ कविराजजरा करले जोड़-तोड़  
नाज करता समाज , रख पूरब-पश्चिम रोड़ ।। 
डबल मज़ा
यहाँ पर भी तो है-
*कौंध गई बे-मौसम, * *चपला नीलगगन में! * *अनहोनी की आशंका, * *गहराई मन में!! * * * *तेजविहीन हुए तारे, * *चन्दा शर्माया! * *गन्धहीन हो गया सुमन, * *उपवन अकु...
मजेदार यात्रा के संस्मरण
साहित्य योग पर भी हैं-
रेलगाड़ी से उतरना मना है...यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है - *रेलगाड़ी से उतरना मना है यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है, चलिए थोडा और आगे चलते हैं. * *(9)* यार मोटे उ रामखेलावन का क्या हाल चाल है छोड़ा पूराने, अब हमार उनस...




सरस पायस पर
आज 7 वर्षीय नन्हे कवि विश्वबन्धु की
दूसरी कविता प्रकाशित की गई है!
आइए इसे पढ़ने चलते हैं-
आई परीक्षा, मत घबराओ : विश्वबंधु की एक बालकविता


♥ (( विश्वबंधु )) ♥♥

चर्चा के अन्त में देखिए यह बढ़िया कार्टून-
कार्टून : आईपीएल की झलकियाँ

बामुलाहिजा >> cartoon by Kirtish Bhatt

21 comments:

  1. बहुत उम्दा चर्चा..कितना पढ़ना बाकी है.

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  2. हर दिन शास्त्री जी कितनी मेहनत कर जाते हैं
    चर्चा मंच पर लिंक दे अच्छी पोस्ट्स तक पहुंचाते हैं....
    आप के जैसा जुझारू इंसान मैंने दूसरा नहीं देखा....शायद लोग इसका मोल न भी समझते हों ..वो तब समझेंगे जब आपकी उम्र में पहुंचेंगे....की लगन किसे कहते हैं...!!
    सदैव आभारी....

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  3. बढिया चर्चा .. आपका आभार !!

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  4. koi shaq nahin ki bahut mehnat karte hain aap.. aabhar

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  5. बढ़िया , उम्दा .....

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  6. बहुत सुन्दर रही आपकी आज की चर्चा, धन्यवाद!

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  7. उम्दा चर्चा.

    रामराम

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  8. बहुत उम्दा चर्चा....बधाई

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  9. बहुत बढिया चर्चा …………आजकल काफ़ी लिंक्स यहीं मिल जाते हैं।

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  10. शास्त्री जी,चर्चा मे बहुत मेहनत करते हैं आप्।आभार आपका जो आपने मेरी पोस्ट को चर्चा के लायक समझा।बापू की पोती के विचार ज्यादा से ज्यादा लोगों तक़ जाना चाहिये थे और उनकी नक्सल हिंसा से पीडित बच्चों को सहारा देने की पहल भी।मैने इसी उद्देश्य से वो पोस्ट लिखी थी जिसे आपने जगह देकर एक महान विचारक और छत्तीसगढ की ज्वलंत समस्या को सामने रखा आभारी हू आपका।

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  11. शास्त्री जी, इस बात में कोई शक नहीं कि आपकी चर्चा में अपनी जगह पाना अपने आप में एक सम्मान की बात है |
    आपका बहुत बहुत आभार !

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  12. aap ka phir se dhanyawaad..ja aap ne ise jagah di aur yatra ko jari rakha.

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  13. शास्त्री ji tension nahi lene ka dene ka dene wale ne dedi na aap ko tension

    shekhar kumawat

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  14. चर्चा हमेशा की तरह बढ़िया है!

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  15. इस बार मैं चर्चा देखने कुछ देर में आ पाया!
    --
    विवाद में उलझी टिप्पणियों को
    पढ़कर अच्छा नहीं लगा!
    --
    मयंक जी से मेरा अनुरोध है कि
    ये सारी विवादयुक्त टिप्पणियाँ हटा दीजिए!
    --
    अन्य सभी साथियों से भी विनम्र अनुरोध है
    कि इस विवाद को यहीं समाप्त करके
    पुन: विवाद पैदा करनेवाली टिप्पणियाँ न करें!

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  16. आदरणीय शास्त्री जी,
    आपके समक्ष खड़े होने के लिए भी एक हैसयत की ज़रुरत है...
    आप उम्र, बुद्धि, तजुर्बा हर बात में बहुत बड़े हैं...आपसे आशीर्वाद हम सबको मिलता रहा है ...अब आप कुछ लोगों को माफ़ कर दीजिये...क्योंकि वो नहीं जानते की वो क्या कह रहे हैं....
    और आप जैसे हैं वैसे ही बने रहिये....कुछ भी बदलने की ज़रुरत नहीं है....
    सच में....पिता हमेशा पिता ही रहता है...बेटा कितना भी बड़ा हो जाए...
    आभार...

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  17. अपने शुभचिन्तकों और मित्रों के अनुरोध पर
    विवादास्पद टिप्पणियाँ हटा दी गईं हैं!

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  18. आईये... दो कदम हमारे साथ भी चलिए. आपको भी अच्छा लगेगा. तो चलिए न....

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"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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