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Wednesday, May 26, 2010

"अन्दाज़ अपना - अपना" (चर्चा मंच-165)


"चर्चा मंच" अंक - 165
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आज की चर्चा में देखिए कुछ मेरी पसन्द के
ब्लॉग्स और उनके लिंक-

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समस्त प्रतिभागियों हेतु आवश्यक सूचना

ब्लोगोत्सव-२०१० में शामिल सभी प्रतिभागियों को अवगत कराना है कि पूर्व में किये गए वायदे के मुताबिक़ ब्लोगोत्सव से जुड़े समस्त रचनाकारों को लोक संघर्ष पत्रिका की आजीवन सदस्यता मुफ्त दी गयी है .
इस पत्रिका का नया जून-२०१० अंक प्रकाशित हो चुका है, जिसे समस्त सदस्यों को डाक से उनके पते पर प्रेषित किया जाना है .....पत्रिका के प्रबंध संपादक श्री रंधीर सिंह सुमन के द्वारा ब्लोगोत्सव में शामिल प्रतिभागियों का पत्राचार का पता और टेलीफोन न. की मांग की गयी है .
अत: आप सभी से निवेदन है कि जो रचनाकार ब्लोगोत्सव में शामिल हो चुके हों अथवा शामिल होने की प्रक्रिया में हों वे अपना नाम,पत्राचार का पता, टेलीफोन न. अविलंब निम्न लिखित ई-मेल आई डी पर प्रेषित करें-
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जैसा हर जगह कहा जाता है की चैटिंग में आईपी एड्ड्रेस नहीं पता किया जा सकता क्यूंकि सूचना कई सर्वर से हो के जाती है बात तो ये सही है ,लेकिन फिर भी ट्रेसिंग संभव है और उसका तरीका है फाइल ट्रान्सफर यदि आप चैटिंग करते हुए सामने वाले को किसी तरह से कोई फाइल भेजने या स्वीकार करने के लिए मना ले तो आप उसके आईपी एड्ड्रेस को ट्रेश कर के उसका लोकेसन जन सकते है चुकी फाइल ट्रान्सफर के समय दोनों कंप्यूटर....
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लौटो , लौट आओ -
कुछ कदम पीछे लौटो आगे विनाश है सब ख़त्म होनेवाला है ...
पीछे मुड़ो किसी हल्की सी बात पर घंटों हंसो तनी नसों को आराम दो लौटो ,
लौट आओ दोष किसी और का नहीं ...
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फिसल गया वक्‍त .... -
मैं किसी की आंख का ख्‍वाब हूं, किसी की आंख का नूर हूं ।
भूल गया सब कुछ मैं तो खुद, अपने आप से भी दूर हूं ।
हस्‍ती बनने में लगा वक्‍त मुझको, पर अब मैं ...
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Hasyakavi Albela Khatri
हमरी न मानो गुगलवा से पूछो.....................
कहते हैं दर्पण झूठ नहीं बोलता...........
गूगल बाबा भी झूठ नहीं बोलता................
हिन्दी कवि सम्मेलनों में काव्यपाठ करते हुए 25 से भी ज़्यादा वर्ष ...
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“बाबा नागार्जुन की संस्मरण शृंखला-8” मेरी 6 *जुलाई 1989 की

सुबह,
बाबा नागार्जुन की से डाँट से शरू हुई।




बाँटने वाला नित्य की तरह अखबार डाल...



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सप्तरंगी प्रेम




*'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती
शिखा वार्ष्णेय जी की एक कविता.
आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...
* सुनो! पहले जब तुम रू....
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ब्लॉगस्पॉट वाला ब्लॉग नहीं खुल रहा है?


चीन या पाकिस्तान में ब्लागस्पाट डोट कॉम पर प्रतिबन्ध लगा हो,
यह बात तो समझ में आती है मगर
यदि यह समस्या भारत में आ रही हो तो क्या कहा जाए? आज सुबह से कई ब्लो....
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ताऊ जी डॉट कॉम



प्रिय ब्लागर मित्रगणों, आज वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में
श्री समीरलाल "समीर" की रचना पढिये.
लेखक परिचय नाम : समीर लाल "समीर" उम्र : 46 वर्ष स्थान : जबलपु...
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ताऊजी डॉट कॉम

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में : सुश्री आकांक्षा यादव - प्रिय ब्लागर मित्रगणों, आज वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में सुश्री आकांक्षा यादव की रचना पढिये. लेखिका परिचय : नाम- आकांक्षा यादव जन्म - 30 जुलाई 1982, सैदप...
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कुछ कदम पीछे लौटोआगे विनाश है सब ख़त्म होनेवाला है...पीछे मुड़ोकिसी हल्की सी बात परघंटों हंसोतनी नसों को आराम दोलौटो , लौट आओदोष किसी और का नहीं संभवतः दोष तुम्हारा भी नहींदोष ' और ' की चाह प्रतिस्पर्धा की दौड़ की हैक्या मिलेगा गुम्बद पे जाकर ?अभी भी
लेखक का नाम">रश्मि प्रभा..
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- तेरी मोहब्बत मुझको महका जाती है,

तेरी हर बात मुझको बहका जाती है,

हर लम्हा सिर्फ़ तेरी याद आ जाती है,

तेरे इंतज़ार में पलकें नम हो जाती है
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आज हमारे यहां करीब छ महिनो बाद इतना सुंदर मोसम हुआ,
ओर आज गर्मी भी करीब +२६c के करीब थी,
सोचा चलो एक लम्बा सा चक्कर मार कर आये,पहले हम ने एक तरबुज खाया, ओ..
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धर्म सियासत और सौन्दर्य अलावा भी विषय हैं ब्लाग के लिये -
' ज़टिल और कुंठित पोस्ट का ब्लाग पर प्रभाव सदैव ही होता है.
यहां आज़ बात आरम्भ करना चाहूंगा महत्वपूर्ण टिप्पणी को
यथा रूप प्रस्तुत कर रहा हूं हिमांशु जी , -आ...
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मैं तो बीमार था, मुझे पापा ने क्यूं छोड़ा ? -
यह ब्लॉग अक्षम बच्चों के संघर्ष को समर्पित है।
जब अपनों का भरोसा टूटता है तो एक पल के लिए पूरी दुनिया अंधेरी हो जाती है।
उस अंधेरे से लड़कर बाहर आना दूसरों ...
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Author: KK Yadava Source: शब्द-सृजन की ओर...
सरस पायस पर प्रकाशित मेरी बाल कविता कितने सुंदर हैं गुब्बारे का लुत्फ़ आप भी उठाइए। रावेन्द्रकुमार रवि जी ने इसमें कुछेक परिवर्तन कर इसे और भी रोचक बना दिया है... आभार !!
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Albelakhatri.com
दो ऐसा वरदान प्रभो ! - परचिन्तन, परहित, परसेवा, परमार्थ के काज करूँ पवन - गति से चलूँ सत्य पे, सदा झूठ से लाज करूँ वैर - भाव न रखूं किसी से, दो ऐसा वरदान प्रभो ! झुकूं सदा मै...
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कारखाने में लगेगा कोजनरेशन बिजली संयत्र
सीमेंट प्लांट की गर्म गैस से बनेगी बिजली,
कारखाने में लगेगा कोजनरेशन बिजली संयत्र…………….
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अंधड़ !
कहाँ ले जाना चाहते हो देश को ? - आपको नहीं लगता कि हमारे प्रधानमंत्री के पास अब बोलने के लिए भी कुछ नहीं बचा? जो इंसान खुद दूसरों की कृपा पर निर्भर हो , वह देश को क्या ख़ाक आत्मनिर्भर बनाने...
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Author: अविनाश वाचस्पति Source: नुक्कड़
हुक्‍का इंतजार करता ही रह गया, ब्‍लॉगरों में से उसे कोई गुड़गुड़ाने वाला इसलिए नहीं मिला
क्‍योंकि सब अपनी गुड़ जैसी मीठी बातों में
मिठास का आनंद लेते रहे।....
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किस्सा-कहानी

सफ़ाई की दरकार है यहां.... - *कोई मुम्बई जाये और हाज़ी अली की दरगाह पर ना जाये **ऐसा हो सकता है क्या? हम भी पूरे भक्ति भाव से दरगाह पर गये। समुन्दर के बीच स्थित यह दरगाह सिद्ध दरगाहों...
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Author: हरि शर्मा Source: हरि शर्मा - नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे
गलती हो गई मुझसे ना हिसाब मांगो तुम,
देर हुई अब मैं हिसाब ना दे पाउँगा….
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मनोज
ग्रीष्म और पर्वताँचल की नदियाँ - *ग्रीष्म और पर्वताँचल की नदियाँ* -- मनोज कुमार गर्मी की ऋतु आते ही पर्वताँचल की अधिकांश नदियाँ [image: Vista22] छोड़ देती हैं, कल-कल, छल-छल चंचल निश्छल धा...
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दिल्ली ब्लोग्गर्स की एक खासियत तो अब खुल कर सामने आने लगी है कि आपस में मिल बैठ कर बतियाने , और ब्लोगियाने के लिए उन्हें बस किसी बहाने भर की तलाश रहती है , और बाहर से आने वाला किसी ब्लोग्गर से मिलने के बहाने से खूबसूरत और कौन सा बहाना हो सकता है । अब तक इसी तरह , श्री बी एस पाबला जी , श्री दीपक मशाल जी , श्री राज भाटिया जी , श्री अलबेला खत्री जी के दिल्ली आने पर इस तरह की बैठकों का आयोजन होता रहा है । इस बार दिल्ली ब्लोग्गर्स को ये बहाना दिया ज्योतिष विशेषज्ञ ब्लोग्गर्स श्रीमती संगीता पुरी ...
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अंतर्मंथन

सोमवार की एक शाम --ललित शर्मा जी के नाम --- - रविवार का दिन । छुट्टी का दिन । काम से आराम का दिन । आराम --यदि नसीब हो सके तो । अक्सर इस मृत्युलोक में मनुष्य जीवन की दिनचर्या में इस कदर फंसा रहता है , कि...
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आप सभी ने वह कहानी तो पढ़ी होगी ना जिसमें ठग राजा से ऐसा कपडा बुनने कि बात कहता है कि यह कपडा मुर्ख को दिखाई नहीं देगा और उसे ठग ले जाता है........................ शातिर ठग ने राजा से आकर कहा कि वह ऎसा कपडा बुन सकता है, जो सिर्फ समझदार को दिखलाई देगा। ठग ने कपडा बुना, उससे वस्त्र बनाए और राजा को पहना दिए। राजा को कपडा दिखाई ही नहीं दिया, पर उसके दरबारियों ने एक स्वर में कहा कि वाह कपडा कितना लाजवाब है। आखिर नए वस्त्र पहने राजा का जुलूस निकला। राजा नंगा था, पर किसी का साहस नहीं कि राजा ...
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काव्य मंजूषा

आओ हुज़ूर तुमको सितारों में ले चलूँ....आवाज़ 'अदा' की है....... - आवाज़ 'अदा' की है....... Powered by Podbean.com आओ हुज़ूर तुमको सितारों में ले चलूँ दिल झूम जाए ऐसी बहारों में ले चलूँ आओ हुज़ूर आओ (हमराज़ हमखयाल तो ह...
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अन्त में यह पोस्ट भी देख लीजिए-


<spanबिगुल src="http://3.bp.blogspot.com/_JUH7j5vELqA/S_UXoGrLsvI/AAAAAAAAAYk/QJy8yHY5YU0/bigul-final.jpg" width=518 height=101>
सच का सामना में ब्लागर

Tuesday, May 25, 2010


दोस्तों नमस्कार.. एक बार फिर मैं राजीव खंडेलवाल आपका स्वागत करता हूं सच का सामना में। आप सोच रहे होंगे कि यह कार्यक्रम फिर कब से चालू हो गया। कार्यक्रम का क्या है वह कभी भी बंद होते रहता है और फिर जब मर्जी चालू हो जाता है। तो अब तक आप यूसुफ साहब, उर्वशी ढोलकिया, विनोद कांबली सहित कई जानी- मानी हस्तियों को सच का सामना करते हुए देख चुके हैं लेकिन इस कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में पहली बार हम आपका परिचय कराने जा रहे हैं एक ब्लागर से। तो लीजिए पेश है ब्लागर मिस्टर एक्स।

9 comments:

  1. कुछ नए ब्लोगों के पाते पाके दिल खुश हुआ..

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  2. आपकी सुन्दर और नियमित चर्चा का इंतजार रहता है.
    आज की चर्चा भी सुन्दर

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  3. सुन्दर और बेहतरीन चर्चा....आभार

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  4. व्यवस्थित ,विस्तृत, और उम्दा चर्चा.

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  5. बहुत अच्छी चर्चा!

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  6. बहुत अच्छी चर्चा!

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  7. कोई खास नहीं लगी ये चर्चा, कुछ एक को छोड़कर सब बेकार कि पोस्ट हैं!

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विदेशी आक्रमणकारी बड़े निष्ठुर बड़े बर्बर; चर्चामंच 2816

जिन्हें थी जिंदगी प्यारी, बदल पुरखे जिए रविकर-   रविकर     "कुछ कहना है"   (1) विदेशी आक्रमणकारी बड़े निष्ठुर बड़े बर्...