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Wednesday, June 16, 2010

"चर्चा मंच-186" (चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

आइए आपको पिछले 24 घण्टों की
कुछ ताजा-तरीन पोस्टों की ओर ले चलता हूँ!

एक और ब्लॉगर लापता है!
ढूँढकर लाने वाले को खुशदीप जी 500 टिप्पणियाँ ईनाम में देंगे-
देशनामा
ब्लॉगर लापता, ढ़ूंढ कर लाने वाले को 500 टिप्पणियां ईनाम...खुशदीप - पिछले कई दिनों से एक ब्लॉगर लापता है...कई ब्लॉग होने के बावजूद इस ब्लॉगर की कोई ख़बर नहीं मिल रही...बेहद संवेदनशील ये ब्लॉगर बेहतरीन लिखते हैं...लेकिन
खतरों से खेलने का शौक है तो नुक्कड़ की इस पोस्ट को जरूर पढ़ें! 
नुक्कड़ 
ब्लागलेखन की संभावनाएं और खतरे - ब्लॉगों की दुनिया धीरे-धीरे बड़ी हो रही है. अभिव्यक्ति के अन्य माध्यमों के प्रति जन्मते अविश्वास के बीच यह बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है. कोई भी आदमी अपनी बात...
आतंकी और मासूम! देखिए –मासूमियत की विडम्बना-

मेरी आवाज
 
दो मासूम आतंकी और मेरा सूप बनाने का प्रयोग .... - कुछ चीजों में मन को सही और गलत का पता करने में बड़ी मुश्किल होती है, कुछ चीजें गलत होने पर भी मन को सुख देती हैं, इधर मेरे यहाँ भी एक अजीब सी उलझन है, दो ...
क्रान्तिकारियों को शत्-शत् नमन करते हुए यह पोस्ट भी देखिए-
शब्द-शिखर
          क्रान्तिकारी परम्परा को सहेजता : शहीद उपवन - हमने-आपने कई तरह के पार्क देखे-सुने होंगे. पर शहीदों की यादों को सहेजता भारत का पहला पार्क कानपुर में है, जिसका नाम शहीद-उपवन है. क्रान्तिकारी परम्परा को स...
सुबीर संवाद सेवा
           असर करें जो दुआएं कभी फरिश्‍तों की, फि़ज़ा की कोख से पैदा अदीब होता है । साहित्‍यकार के बारे में इससे अच्‍छा कुछ नहीं कहा जा सकता है ।- राजस्‍थान के शायर श्री दिलीप सिंह दीपक की पुस्‍तक फि़ज़ा की कोख से में से मैंने ये शेर कोट किया है । इस शेर को पढ़कर मानों अपने अंदर एक प्रकार के गर्व का..
BLOGGER DIRECTORY
"चर्चा बच्चों के ब्लॉगों की-2" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") - *लाया हूँ मैं कितने सारे!* *ब्लॉग सजे हैं प्यारे-प्यारे!* *नन्हे मुन्नों की चर्चा में,* *बक्से सबके न्यारे-न्यारे!!* ------------------
          *सबसे पहले चर्चा है...
नन्ही परी की                    
हिन्दू सम्राट प्रणवीर प्रताप की जय हो!
Gyan Darpan ज्ञान दर्पण

राष्ट्रगौरव महाराणा प्रताप को नमन - आज देश के हर कोने में राष्ट्र गौरव मेवाड़ के महाराणा हिंदुआ सूर्य महाराणा प्रताप को याद किया जा रहा है | देश के कई नगरों व गांवों में आज राणा प्रताप की जयं...
रोटियों को वास्त मजबूर हैं सब!
रोटियों के वास्ते मजदूर हैं सब!!

जज़्बात                     
शाम की रोटियों की चिंता ~~ - थियेटर हाऊसफुल है लोग पागल हो रहे हैं मेरे अभिनय को देखने के लिये मैनें अपने अभिनय का लोहा जो मनवा लिया है, मैं रूदन का सिद्धहस्त हूँ तभी तो दिलों म..
हास्यफुहार
                   ब्यूटी-ब्यूटी - ब्यूटी-ब्यूटी फाटक बाबू काफी परेशान थे। इधर से उधर घूम रहे थे। मैं उनकी परेशानी जानने की इच्छा से उनके पास गई और पूछी, “फाटक बाबू क्या बात है?” फाटक ब..
पराया देश             
फ़ुट्बाल इटली पेरागुवे लाईव -
                      अगर आप इटली पेरागुवे का मेच लाईव देखना चाहते है तो यहां देखे, भाषा जर्मन ही है……………….
काव्य मंजूषा

कैसे मान लूँ बोलो तो, कोई पासबाँ नहीं मेरा... - ये तस्वीर कनाडा में Banff नेशनल पार्क की है... ये ज़मीं नहीं मेरी, वो आसमाँ नहीं मेरा ठहरी हूँ जहाँ मैं आज, वो जहाँ नहीं मेरा होगा क्या जुड़ कर भी, उस अनज...
सुनी थी रात उसकी हिचकियाँ .... - Banff नॅशनल पार्क ..मोरेन लेक... लहू में कौंध रहीं हैं बिजलियाँ साँसों में चलने लगीं आँधियां यादों का आँचल अब उड़ने लगा नज़रों में तैर गई परछाईयाँ थके थ...
Dr. Smt. ajit gupta

America के Varsona park में मनायी birthday और देखा duck festival - कल मेरे बेटे के मित्र ( voltak) के पुत्र का जन्मदिन था। इमेल से निमंत्रण मिला कि जन्मदिन पर आना है। सेनोजे (san jose) से आधा घण्टे की दूरी पर वर्सोना पार...


एक आत्मीय वार्तालाप ......................सागर नाहर जी से ...................... - मैने दी एक दस्तक ........ सागर नाहर जी को ........और वे तकनीकी जानकारी देने हाजिर हो गए invisible होने पर भी ....................... आप भी पढिए .......
simte lamhen
           रेत के टीले... - सिल्क पे वाटर colour ,कढाई और कुछ सूखी,किताबों में मिली घांस..इन्स से बना यह रेगिस्तान का भित्ती चित्र... एक *अजीब-सा सपना आता मुझे कभी कबार..माथे पे तपता.
JAGO HINDU JAGO
बुझो तो जानो.... बस हमें इतना सा बता दो कि अपनों का सर्वनाश सुनिश्चित कर मानबता की दुकान चलाने वाले ये कौन हैं? - ये बहुत महान हैं इतने महान कि अपनों का समर्थन करने वालों का बहिस्कार ..
दिल की कलम से...
मैं जहाँ था तुम वहाँ थे, रास्ते सब एक थे... (समाज की विषमताओं की वेदना लिखने वाला कवि और एक हास्य कवि) - *शिवम मिश्रा जी ने एक मुहिम शुरू की....आप सभी का सहयोग चाहिए...ये लिंक्स पढ़े....पहली बरसी पर विशेष :- अश्रुपूरित श्रद्धांजलि और मेरी वह मुराद ............ब...
कबीरा खडा़ बाज़ार में
लो क सं घ र्ष !: हिंदी ब्लॉगिंग की दृष्टि से सार्थक रहा वर्ष-2009, भाग-6 - आईये शुरुआत करते हैं व्यंग्य से , क्योंकि व्यंग्य ही वह माध्यम है जिससे सामने वाला आहत नहीं होता और कहने वाला अपना काम कर जाता है । ऐसा ही एक ब्लॉग पोस्ट ह...
काव्य 'वाणी'                 
की वो साथ नहीं ............ - जो ख्वाबो मे था , वो हकीकत नहीं | जिसके सपने सजोये वो जन्नत नहीं || अरमानो के मोती हमने चुने थे कभी | वो जालिम ज़माने मे हकीकत नहीं || मेरी किस्मत ने भी मुझ...
“पिता और बच्चा-William Butler Yeats” - *Father and Child a poem * * by William Butler Yeats * *अनुवाद-डॉ.रूपचन्द्रशास्त्री “मयंक”* *जब-जब भी **प्रतिबन्धों का* *रहस्य खोला है* *नारी बँधी हुई है ...
गत्‍यात्‍मक चिंतन         
दहेज और कन्‍या देकर भी लडकी वाले जीतते थे .. सबकुछ लेकर भी लडकेवाले हार जाया करते थे !! - एक कथा में कहा गया है कि पूरी धरती को जीतने वाला एक महत्‍वाकांक्षी राजा अधिक दिन तक खुश न रह सका , क्‍यूंकि वह चिंति‍त था कि आपनी बेटी की शादी कहां करे , ...
ज़िंदगी के मेले

... बहुत हो गई ब्लॉगिंग, अब चला जाए .... - [image: tension]*पाबला जी ...कुत्तों की तरह केवल भौकना जानते हैं**/* [image: around] *पाबला और उनके गैंग कि दादागिरि इस पुरे ब्लाग जगत पर है/ * [image: hah] ...
आटो वाले अमीन सायानी - मैंने पिछले कुछ सालों में आटो वाले अमीन सायानी के दर्शन नहीं किए। शायद आपने भी नहीं किए होंगे। नई फिल्म के लगते ही अमीन सायानी अपनी गे-गो-गे गो करने वाली...
मुडा-तुडा नोट - *एक मुडा-तुडा पांच का नोट शायद आपके किसी काम न आए लेकिन मेरे लिए इसकी अहमियत थोड़ी ज्यादा है * *नौकरी को अपनी माशूका बनाने के लिए जब मैं भागता रहा एक द...


नीरा जाग गयी है.... - आज फिर घर में बड़ी चहल-पहल थी. पूरा सामान उलट-पुलट किया जा रहा था. पापा व्यस्त थे. माँ व्यस्त थीं. छोटी बहनें चहक रहीं थीं, बस नीरा चुप थी. देख रही थी चुपच...
गैस ने बिगाड़ा महंगाई का हाज़मा - *(उपदेश सक्सेना)* भोपाल गैस कांड पर आये फैसले ने एक और जहां देश भर की जनता जो उद्वेलित कर दिया है वहीँ केन्द्र सरकार को इसने एक बड़ी राहत भी दी है. देश में म...
कशमकश ! - *कशमकश बढ़ जाती है खुद-व-खुद, जब कभी उनका हाल नहीं मिलता, अश्क बहाने को जी करता है किन्तु, पोंछ्न्रे को स्वच्छ रूमाल नहीं मिलता ! ये जिसने भी कहा, सच ही कहा ...

युवा दखल                आज के कवियों का लेखन निरुद्देश्य है- बोधिसत्व (अंतिम क़िस्त) - *(पिछली क़िस्तों में बोधिसत्व ने हिन्दी कविता की परंपरा, उसके कुछ जातीय लक्षणों आदि पर विस्तार से बात की। इस अंतिम क़िस्त में वह इसी रोशनी में पिछले बीस सा...

सांप और इन्सान - हरा सांप नहीं काटता काटना उसकी प्रवृति नहीं तो सारे डरपोक ! उसकी पूँछ पकड़ हवा में घुमाते हैं और दूर फ़ेंक देते हैं सांप... कोई प्रतिरोध नहीं करता आगे ...
मनोज                  
मंहगाई -              *मंहगाई * *-- सत्येन्द्र झा* दो पुराने मित्र वर्षों बाद मिले थे। कुशलक्षेम के बाद एक मित्र के आग्रह पर दूसरे मित्र उनके घर आये। फिर शुरू हुआ पहले मित्र की स...

निःशब्द नीड़ - *निःशब्द नीड़ * -- करण समस्तीपुरी दिन भर दूर नीड़ से श्रम कर, चना-चबेना दाना चुन कर, सांझ पड़े खग आया थक कर, किन्तु यहाँ क्या पाया ? नीड़ देख निःशब्द, विह...
SPANDAN                
एक बुत मैडम तुसाद में . - बैठ कुनकुनी धूप में निहार गुलाब की पंखुड़ी बुनती हूँ धागे ख्वाब के अरमानो की सलाई पर. एक फंदा चाँद की चांदनी दूजा बूँद बरसात की कुछ पलटे फंदे तरूणाई ..
भारतीय नागरिक - Indian Citizen      
ये रहा हेमंत दा का एक बेहद कर्णप्रिय गीत - जाग दर्द-ए-इश्क जाग. इस गीत को स्वयं हेमंत दा को गाते हुये सुनिये. और मेरी इस प्रार्थना पर भी कुछ ध्यान दीजिये... स्वर्गीय किशोर कुमार की एक फिल्म थी "सु...
ब्लॉग 4 वार्ता             
टन्न और चियर्स --प्रियतम होते पास अगर----ब्लॉग 4 वार्ता---ललित शर्मा - दो दिनों की यात्रा के कारण वार्ता लिखने में चूक हो गई, अभी समय मिलते ही कुछ चिट्ठों के लिंक आप तक पहुचाते हैं. चलते हैं आपके साथ ब्लॉग 4 वार्ता पर तथा पेश ...
ज्योतिष की सार्थकता  
विवाह पूर्व जन्मकुंडली मिलान...(चन्द आवश्यक बातें) - भावी दम्पति का वैवाहिक जीवन वैचारेक्य, सुख समृ्द्धि एवं वंशवृ्द्धि से परिपूर्ण हो. इसके लिए हिन्दु वैवाहिक परम्परा एवं मान्यता के अनुसार वर-कन्या की जन्मक...
Science Bloggers' Association              
अगर आपके घर में भूत-प्रेतों का वास है तो....(Secrets of evolving brain schizophrenia) - दोस्तों, मैंने आज ये पोस्ट पढ़ा by Dr.Hemant MittaL (MBBS, PG.D...
Akanksha              
मान पाने का हक तो सबका बनता है - तुम मेरी हो तुम्हारा अधिकार है मुझ पर , लेकिन अपनों को कैसे भूल जाऊं , जिनकी ममता है मुझ पर , उन सब से कैसे दूर जाऊं , मैं उनका प्यार भुला न सकूंगा , अपनों स...
मुझे कुछ कहना है

सारा देश भोपाल के साथ, हम किसका मुंह तक रहे हैं? - कल्पेश याग्निक मुट्ठी भर मठाधीश, पांच लाख निर्दोषों को छल रहे हैं। पूरे 26 बरस से। तब ये बेगुनाह निर्ममता से बर्बाद कर दिए गए। अब निर्लज्जता से प्रताड़ित क...

बन्दिनी वर्षा, बन्दिनी मैं................... घुघूती बासूती - वर्षा तू भी तो मजबूर है इस शहर में, मुझ सी तू भी कैदी है! जैसे मैं इतनी खिड़कियों बाल्कनियों के होने पर भी, हूँ सलाखों के पीछे तू भी तो चाहे बरसती है अपने म...
 
एक मुसलमान के बदले 32 हिन्दू-सिखों के कत्ल की तैयारी।आओ मिलकर बचाने का प्रयत्न करें। - हमारे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं बस इतना कहेंगे कि हम इन हिन्दू-सिखों को बचाने के लिए अपनी तरफ से 51000 रूपए देने को तैयार हैं अगर आप भी कुछ दे सकते हैं...

मैं लौट कर नहीं आऊंगा कल एक लम्हा टूटा गिरने लगा मैंने लपका पकड़ा हाथ में कहा रुक तो ज़रा कहाँ जा रहा है? वो बोला रुक नहीं सकता मुझे तो मिटना है तुम जी लो जितना जी सकते हो ...

आए जब दो पाखी उड़कर : रावेंद्रकुमार रवि का नया बालगीत - * आए जब दो पाखी उड़कर* मेरे घर में बना एक घर, आए जब दो पाखी उड़कर! मादा ने दो अंडे देकर, गरम किया फिर उनको सेकर! कुछ दिन बाद निकलकर आए, उसके दो बच्चे म...
‘‘आदमी का अब जनाजा, जा रहा संसार से’’- “25 साल पुरानी मेरी एक रचना” *आदमी के प्यार को, रोता रहा है आदमी। आदमी के भार को, ढोता रहा है आदमी।।* * आदमी का विश्व में, बाजार गन्दा हो रहा। आदमी का आदम...
अर्चना चावजी के सुरों में एक गीत - अर्चना चावजी की आवाज़ में सुनिए फिल्म वक़्त मशहूर गीत और अब सुनिये यू-ट्यूब पर यह गीत
 अन्त में देखिए यह कार्टून-
क्या इस कार्टून को पढ़कर प्रणब मुखर्जी जवाब देंगे?

Posted by IRFAN

25 comments:

  1. बहुत सारे अच्‍छे अच्‍छे लिंक्‍स मिले .. आभार !!

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  2. बहुत बढिया जानकारी।

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  3. सुन्दर चर्चा .. समग्र

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  4. प्रभावशाली लेखन।

    ( आइये पढें ..... अमृत वाणी। )

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  5. अति उतम प्रयास के लिए धन्यावाद। व हमारी पीड़ा को जगह देने के लिए कृतज्ञ।

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  6. वाह जी इतनी समग्र जानकारी के लिए आभार

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  7. Shastri ji,
    links to kamal ke hain hin...lekin post ki saaj -sajja bahut hi man mohak hai...
    dekh kra hi man khush ho jaata hai...
    aabhka hriday se aabhaar..

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  8. बेहद सुंदर सुंदर पोस्ट...बधाई

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  9. बहुत उम्दा और विस्तृत चर्चा....आज तो बहुत से लिंक्स मिले ..

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  10. लम्बी-चौड़ी और सुन्दर चर्चा शास्त्री जी !

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  11. बहुत उम्दा और विस्तृत चर्चा……………आभार्।

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  12. बहुत उम्दा और विस्तृत चर्चा.आभार

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  13. बहुत उम्दा और विस्तृत चर्चा.आभार|

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  14. achhi jankari mili.....dhanywad

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  15. रंग-रँगीली सुंदर चर्चा!

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  16. एक चर्चा में आप कितने लेखकों को जोड़ लेते हैं यह काबिले-तारीफ है।

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  17. बढिया एवं विस्तृ्त चर्चा शास्त्री जी.....
    आभार्!

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  18. बेहतरीन। लाजवाब।

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  19. बहुत ज़रूरी लिंक्स प्राप्त हुए धन्यवाद ।

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  20. राजकुमार सोनी जी की बात से सहमत हूँ - "एक चर्चा में आप कितने लेखकों को जोड़ लेते हैं यह काबिले-तारीफ है।"

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"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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