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Tuesday, August 24, 2010

“रक्षाबन्धन से सम्बन्धित प्रविष्टियाँ” (चर्चा मंच-256)

आज सुबह भी रक्षाबन्धन की काफी पोस्टों को 
चर्चा मंच में शामिल किया था! 
परन्तु यह त्यौहार इतना महत्वपूर्ण है कि 
अब भी इस पावन पर्व की पोस्ट लगाने से 
अपने को नही रोक पा रहा हूँ!
---000---
पोस्ट बन गई है तो-
कल का कौन इन्तज़ार करे!
आज ही प्रकाशित कर देता हूँ!
सबसे पहले सुनिए एक गीत 
इसको अपने स्वर से सजाया है 
अर्चना चावजी ने-

सचमुच रिश्ते आभासी नहीं होते
भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना
गीत के भावों के ओतप्रोत आज का दिन
भारतीय संस्कृति का वो त्यौहार है जो मन मानस की …..
रक्षाबंधन के पावन पर्व की 
हार्दिक शुभकामनाएं...


राखी धागे का नहीं रिश्तों का बंधन है, 
भाई बहन के अटूट प्यार का प्रतीक है,
हास्यफुहार 
परीक्षा के परिणाम -
* :: हंसे मुस्कुराएं, शांति फैलाएं!! ::*
परीक्षा के परिणाम खदेरन, फुलमतिया और उनके सुपुत्र भगावन से
अब तक तो आप भलि-भांति परिचित हो ही चुके हैं। आज आ...
जी हाँ! रक्षाबन्धन के पावन पर्व पर 
यहाँ खून की होली खेलने की परम्परा है-
मयंक
"मन्दिर में खून की होली"
- बग्वाल मेला साल में रक्षा-बन्धन के दिन आता है।
आज के दिन बहने अपने भाईयों को राखी बाँधती हैं।
परन्तु उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मण्डल के चम्पावत जिले म...
यही तो राखी की महिमा है!

खुश रहे बहिनें - खुश रहे बहिनें , पल पल यही ख्याल आए | आफ़त के वक़्त भाई बहन की ढ़ाल बन जाए || करता रह इस तरहां तू हिफाजत अपनी बहनों की | कि हुमायूँ से भी बेहतर तेरी मिशाल ब...
यहाँ भी नही छोड़ा!
कार्टून : ये राखी ... और ये भैया !!
Source: Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA 
बामुलाहिजा >> Cartoon by Kirtish Bhatt

मेरी आवाज
   
राखी के पावन पर्व पर मैं क्यों हूँ निशब्द ? - 26 वीं मंजिल पर अपने नन्हे से अपार्टमेंट में बैठा जब मैं चारों और देखता हूँ तो जगमग रोशनी ही रोशनी नजर आती है, मेरी नजर गिद्ध की नजर तो नहीं पर जहाँ तक ..
वाह..! क्या धमकी है?
Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून

कार्टून:- मैं और मेरा मच्छर दोनों अक्सर ये बातें करते हैं... -
चौराहा 
राखी - * राखी की शुभकामनाएं * *वो छुटपन के झगड़े / वो गुड़िया के कपड़े /* *वो तुम्हारा रूठना इक चवन्नी के लिए / * *वो मेरी शरारत पर पिटना तुम्हारा / * *वो पापा ...
सहज साहित्य पर हैं
कुछ चतुर्भुज छन्द!  रामेश्वर काम्बोज \
रक्षा-बंधन पर विशेष - * * *कुछ पास कुछ दूर बहनें*** *
रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’*** *दुनिया का ऊँचा प्यार बहनें*** *
गरिमा- रूप साकार बहनें***
*रेशमी धागों से बँधा है*** *हैं स...
अब तक तो पेट में जाकर पच गईं होंगी!
: दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi | Source: अनवरत 
बस कुछ देर में तारीख बदलने वाली है। हो सकता है यह आलेख प्रकाशित होते होते ही बदल जाए। नई तारीख रक्षा बंधन के त्यौहार की है। यूँ हमारे यहाँ तिथियाँ सूर्योदय से आरंभ होती हैं। इस कारण कल का सूर्योदय होती ही रक्षाबंधन आरंभ हो जाएगा। हम लोग ...
मेरे भईया से कहना, बहना याद करे 
Author: कंचन सिंह चौहान | Source: हृदय गवाक्ष
यूँ कलाइयाँ तो हैं कई, पर मानव मन, ढूंढता है वही, जो खो गया कहीं
प्रेम पर कुछ छोटी कविताएं : पंकज राग
वाकई में काबिल-ए-तारीफ हैं!
| Author: anurag vats | Source: सबद...
{ पंकज राग की इन ताज़ा कविताओं में अनुभूतियों का विपर्यय है. यह विपर्यय सिर्फ़ प्रेम के परिचित कथोपकथन से दूरी बरत कर प्राप्त नहीं किया जा सकता. इसके लिए ठंडी वस्तुपरकता और मितकथन दरकार है, क्योंकि इन घटकों से मिलकर ही कविता गैररूमानी अ ..
इसीलिए तो रेल का सफर निरापद रहता है?
आखरी सुम्मार
| Author: ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey | Source: मानसिक हलचल
मन्दिर को जाने वाली सड़क पर एक (अन)अधिकृत चुंगी बना ली है लुंगाड़ो नें। मन्दिर जाने वालों को नहीं रोकते। आने वाले वाहनों से रोक कर वसूली करते हैं। श्रावण के महीने में चला है यह। आज श्रावण महीने का आखिरी सोमवार है। अब बन्द होने वाली है यह ...
और यह रहा ब्लॉग में ब्लॉग-
रक्षा बन धन यानी रक्षाबंधन

>> मंगलवार, २४ अगस्त २०१०

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रक्षा बन धन यानी रक्षाबंधन : पढ़ें डीएलए के पेज 11 पर क्लिक कीजिए

>> मंगलवार, २४ अगस्त २०१०

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अगर आप पूरा अखबार पढ़ेंगे तो अगले दिन फिर इसे ही तलाशेंगे। इसलिए इसे अपने फेवरिट में अवश्‍य जोड़ लीजिएगा।
पर ध्‍यान रहे इंटरनेट एक्‍सप्‍लोरर : अन्‍य ब्राउजर्स में यह खुलेगा तो सही पर सही से खोलकर पढ़ नहीं पायेंगे।
पढ़ लें तो अवश्‍य बतलाइयेगा। रक्षा बन धन यानी रक्षाबंधन में धन, जिससे जुड़ा हुआ है बहनों का मन।
इस अवसर पर बच्चों को कौन भुला सकता है?
नन्हा मन 
राखी के तार - रामेश्वर कम्बोज हिमान्शु
- नमस्कार बच्चो , रक्षा-बन्धन की हार्दिक बधाई और शुभ-कामनाएं । आज आपके लिए भेजी हैं प्यारी-प्यारी नन्ही-नन्ही कविताएं " रामेश्वर कम्बोज हिमान्शु "जी नें । ...
पं. दीनदयाल शर्मा बाल साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर हैं!

** ** ** ** ** ** ** * मन को भार से मुक्त करने के लिए है तो सही आभार * 
*हम आभार व्यक्त करना सीख लें तो मन से कई तरह के भार उतर सकते हैं। 
घर और स्कूल से हम...
और अन्त में यह डॉक्टर आपको कहीं मिले तो जरूर बताना!

ताजा चुटकला.....

16 comments:

  1. कुछ और बेहतरीन ब्लॉग्स के लिंक देने के लिए आभार शास्त्री जी.

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

    भारतीय एकता के लक्ष्य का साधन हिंदी भाषा का प्रचार है!

    ReplyDelete
  3. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    :: हंसना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

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  4. बहुत ही बेहतरीन चर्चा ।

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  5. शास्त्री जी ,
    चर्चा बहुत सार्थक और आनंद दायक |बधाई |
    बहुत अधिक व्यस्तता के कारण कल आपको रक्षा बंधन
    के लिए शुभ कामनाएं ना दे सकी |खैर देर से ही सही ,मेरी ओर से आपको सपरिवार शुभ कामनाएं |
    मेरी कविता को चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए आभार |
    आशा

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  6. बहुत अच्छी प्रस्तुति..!

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  7. अच्छी चर्चा ,आभार

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  8. बहुत बेहतरीन चर्चा.

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  9. सुंदर संकलन शास्त्री जी ।

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  10. अनेकता में नेकता
    ब्‍लॉग जगत की एकता।

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