चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Monday, August 16, 2010

वन्दे मातरम कहते जाओ …………………चर्चा मंच

वन्दे मातरम् 

दीजिये राजीव जी की बात का जवाब अगर किसी के पास हो तो ?

स्वतंत्रता के छह दशक-क्या खोया क्या पाया -राजीव तनेजा



एक ही दर्द से सराबोर हर दिल की एक ही आवाज़ है…………

आज हम आजाद है ,यह जश्न की बात है,पर शहीदों




चलिये अतुल्य भारत का सपना हम सब मिलकर पूरा करें हर्षकांत जी के साथ……

शुभकामनायें: पर अतुल्य भारत के सपने का क्या होगा?


                


आज़ादी के मायने आपको पता हैं यदि नही तो यहाँ आकर जानिये…………

आजादी के मायने



हर युग मे एक मील का पत्थर साबित हो ऐसी रचना है रामधारी सिंह दिनकर जी की………………आज के संदर्भ मे भी उतनी ही अटल जैसे कल थी………

जनतन्त्र का जन्म - रामधारी सिंह दिनकर



कतार के अंत में खड़ा है आज हर आदमी और उसका दर्द .............देखिय्र अरुण जी कैसे बयान कर रहे हैं ...........

कतार के अंत में खड़ा आदमी की अपील   

आप कितनी देर के लिये स्वतंत्र हैं जानना है तो मनोज जी से जानिये……………
स्वाधीनता दिवस पर … आज का ही दिन बस स्वतंत्र है!


सिर्फ कहते रहना ही काफी नही होता ...........कुछ अमल भी करना जरूरी है ............देखिये कैसे समझा रही हैं रश्मि जी ........


हम सिर्फ बोलते जाते हैं  

दिलीप जी की भावनाओ की एक और उत्मोत्तर प्रस्तुति ...........वन्दे मातरम्....





शायद लुटते रहना ही भारत माता की नियति है!

ये आजादी भी कोई आजादी है लल्लू!




इसके लिये क्या कहूँ आप खुद ही देख लीजिये……




स्वतंत्रता की नई चादर फिर से बुननी होगी














तिरंगे का सफ़र देखिये यहाँ…………



एक आम आदमी किस किस से डरता है देखिये तो……

अधूरी कविता


अपनी पहचान पाने को बेचैन आदमी के प्रश्नों का हल यहाँ देखिये..........

खुद को छोड़ने की कला


प्रेम का एक अन्दाज़ ये भी देखिये………

आप तो मित्र हर पल मेरे पास हो जो बुझी न कभी


चाहे स्त्री हो या पुरूष आज़ादी सबका जन्मसिद्ध अधिकार है …………
आज़ाद इस दुनिया मे आयी हूँ आज़ाद ही रहूँगी




बबली जी की भावनायें…………


अदा जी की एक अदा ये भी देखिये……


इसके लिये मैं क्या कहूँ आप खुद ही देख लीजिये………


गोदियाल जी का कहना भी सही है………



बाबा नागार्जुन का दर्द आज सबका दर्द है…………



विनीत जी से जानिये आज़ादी किससे है………

हाँ , यह आजादी उन्ही से है ........


वाणी जी से जानिये देश प्रेम है क्या उसके बाद स्वतंत्रता दिवस मनाइये…………



दिलीप जी की कलम एक बार फिर बोली तो गज़ब का बोली…………



जन गण मन की धुन जिसने बनाई थी आज उसका भी जन्मदिन है………




एक दर्द दिल का ये भी………।





दोस्तों ,
आज की चर्चा को यहीं विराम देती हूँ ............उम्मीद करती हूँ स्वतंत्रता 

दिवस के रंग सभी को पसंद आये होंगे.

जय हिंद !

24 comments:

  1. चर्चा में तिरंगा शान से फहरा रहा है!

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  2. बहुत अच्छी चर्चा!

    राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की शीघ्र उन्नति के लिए आवश्यक है।

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  3. शानदार..:)

    मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.

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  4. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आप एवं आपके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!

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  5. bahut badhiyaa..
    rang sanyojan bhi apni baat kah gaya..
    sundar..!

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  6. बड़ी ही अच्छी कड़ियाँ मिलीं इस चर्चा में, आपका आभार।

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  7. बहुत बढ़िया चर्चा ..महत्त्वपूर्ण लिंक्स मिले ..आभार

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  8. swantantra diwas ke sabhi sang isme samahit hain... vyapak charcha hai.. "jantantra ka janm" dobara padh kar achha laga... manoj jee ke dono posten sunder hai...jaankari se bhari hain.. rajiv taneja ji ka lekha jokha bhi aankhen kholti hain.. itne bade bade aur pratisthit bloggeron ke beech khud ko paa ke achha laga..

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  9. शानदार चर्चा, वंदना जी !

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  10. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आपका हार्दिक अभिनन्दन एवं शुभकामनाएँ

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  11. bahut ki achchhi charcha. kai post jankariyon se bhari hui hain to kai sachchhai bayan karti hui jaise ki Arun Rai ki "katar ke ant mein khada aadmi ki apeel". nami blogger ko padne ka mauka mila. shubhkamnayen......

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  12. तिरंगे से सजी चर्चा..बहुत सुन्दर.

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  13. Get your book published.. become an author..let the world know of your creativity. You can also get published your own blog book!

    www.hummingwords.in

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  14. एकाकी रचनाकर्मियों को समूह, यानि 'सृजनशील परिवार' का हिस्सा बनाने के साथ साथ पाठकों के लिए इतने सारी 'विविध अभिव्यक्तियों' तक पहुँचने सहज करने और
    'हर दिन कविता' को भी इसमें सम्मिलित करने
    के लिए धन्यवाद और बहुत मंगल कामनाएं
    -अशोक व्यास

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  15. charcha to achchi lagi kintu aapne meri kavita shamil hone ki baat kahi thi kintu yahan aisa kuch bhi nahi hai

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  16. आपको स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनायें. चर्चा मंच में पोस्ट को सामिल करने के लिए धन्यवाद भी. चर्चा मंच की सारी पोस्टें अच्छी लगीं. यहाँ तक मै पहली बार पहुँच सका हूँ पर अब निरंतरता बनाये रखूँगा.

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  17. तिरंगे रंगों से सजी सुन्दर चिट्ठाचर्चा....बढ़िया लिंक्स मिले यहाँ...
    मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए धन्यवाद

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  18. शानदार चर्चा के लिए आभार
    काफी अच्छी सामाग्री पढ़ने को मिली

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  19. हर वक़्त की तरह मैं आज भी लेट हो गया
    सही पता और सही रास्ता मालूम न तो ऐसा अक्सर हो ही जाता है ..
    किन्तु बहुत खुसी भी हुई की आखिर चर्चा मंच तक पहुंचा तो सही .....
    और जो पाया वो आप सबके सामने है तिरंगे में रंगे हुए .....
    अनमोल आलेख जिनको
    बंदना जी ने कितनी खूब सुरती से सजाया और सवार हैं

    बहुत बहुत बधाई ......
    आज से हम भी आपके कद्रदान हैं ..

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  20. चर्चा का तिरंगा ख़ूबसूरती से सजाया है अच्छे लिंक्स मिले.

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  21. आजादी के रंगों से सराबोर बेहतरीन चर्चा....

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