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Monday, October 18, 2010

आज तो करना ही है रावण का अंत …(चर्चा मंच-310)


दोस्तो ,

विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं .................आज के दिन अगर हम सब अपने आप से एक वादा कर ले कि हम सभी अपने अन्दर के रावण का नाश कर देंगे तभी आज का दिन सार्थक होगा ...........अपने अन्दर की कलुषता को मिताने के लिए हमें ही आगे बढ़ना होगा तभी जीवन सार्थक है और तभी समाज का नव निर्माण संभव है ..........दूसरे को हम सभी उपदेश दे सकते हैं मगर जिस दिन से हम सभी अपने आप पर आजमाने लगेंगे तभी से रावण का अंत होने लगेगा............चलिए अब चलते हैं चर्चा की ओर ............कोशिश की है काफी लिंक्स लेने की क्योंकि आज थोड़ी जल्दी है ...........घर में मेहमान आने वाले हैं इसलिए जितने लिंक्स दिए हैं उन्ही से काम चला लेना ..............

भ्रष्टाचारी रुपी रावण कब हमारे भारत देश से विदा होगा, कब हम इस रावण को जलायेंगे …
हो जायेगा जब हम खुद आगे बढ़ेंगे और कदम बढ़ाएंगे इस दिशा में


तुम अगर दो साथ...
तो हम चलें आसमां के पार तक ...........

(गीत) नज़रबंद है सच की सीता !
बिलकुल सही कहा आज कौन ताड़का को नज़रबंद कर सकता है सच ही नज़रबंद होता है ..........

प्रति प्रसव -- पूर्व जन्म पुनरागमन -- past life regression.
ऐसा भी होता है क्या ..............

कहानी ऐसे बनी– 8 :: न कढी बना न बड़ी!
ये तो यहीं जाकर पता चलेगा ............

वह औरत
कौन सी ............

बिन आँखों वाली जिंदगी
कैसी होती है ये तो तभी पता चलेगा जब यहाँ आओगे ...........

कितने रावण !
कोई गिनती नहीं ...........आज तो हर और रावण ही रावण हैं ............अन्दर भी और बाहर भी ...........कैसे कोई गिनती करे

चुप किया जाना एक सजा है तुम्‍हारी खातिर
सच कहा ..........कुछ सजाएं खामोश होती हैं

एक और अहल्या...
राम तू कब आओगे इस अहल्या को तारने ...........अब तो हर ओर ना जाने कितनी अहल्या पड़ी हैं

दर्शन कीजिये नीलकंठ का ,अपना दिन शुभ कीजिये!
बिलकुल जी ...........जय हो!

लोर्ड्स के साथ डेटिंग-------->>>

ऐसा भी हो सकता है क्या ................

अगले दिन अखबार में

क्या होगा ??????????

पोस्ट पढ़कर जान लीजिएगा!

ज़िन्दगी एक पल है

जी हाँ ...........सारा एक पल का ही तो खेल है और सामान बरसों का जोड़ रहे हैं

मैं दीया हूँ.

हमेशा जलते रहना फितरत है दूसरों को रौशनी देने के लिए ..............

बुराई का शतशिख रावण उर्फ ‘शतानन’

जिस दिन इसका अंत होगा तभी रामराज्य होगा ...........

रामायण का तात्विक अर्थ

ये तो जानना बहुत जरूरी है ..........बिना जाने ही दुनिया क्या क्या कह जाती है

कितना आसान होता है --उंच नीच और छोटे बड़े का भेद भाव मिटाने की बात करना--

कथनी और करनी में दुनिया की हमेशा ही फर्क रहा है ............

बगावत
ये भी करके देख लो

इंसाफ़ अगर लोग इंसाफ़ के लिए तैयार न हों।

यही तो मुश्किल है

हम बच्चे ही अच्छे थे ..

सच कहा ...........काश ! ऐसा हो पाता .

तेरा चेहरा और गुलाब हुआ

दिल मेरा आफताब हुआ ..................

“आओ ज्ञान बढ़ाएँ, पहेली-52” (अमर भारती)

ये तो खुद ही बूझिये

मैं और बचपन का वो इन्द्रधनुष

इन्ही रंगो मे एक रंग अपना भी छुपा होता है…………

व्यंग्य - रावण का दुख

आखिर कब तक दुखी होगा ?

"तुम"
यही तो सच है

और अब आखिर में मेरी पसंद देखिये

क्यूँ मेरे प्यार को ठुकराया था इस , सोंच में हूँ ....
बस यही तो पता नहीं चल पाता ..........एक कसक ही रह जाती है दिल में

लो जी दोस्तों हो गयी आज की चर्चा ...........जेट की स्पीड से ...........टाइम कम है इसलिए आज के लिए बस इतना ही.............अब अगले सोमवार फिर मिलूंगी एक नए रंग के साथ तब तक विजयादशमी मनाएं और सच में रावण का अंत करें .

34 comments:

  1. यह स्पीडी चर्चा तो बहुत ही बढ़िया रही!
    --
    रावण का अन्त हुआ हो या न हुआ हो परन्तु पुतला तो जल ही गया!

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  2. पोस्ट के साथ आपकी लाइनें काबिलेतारीफ हैं ।

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  3. चर्चामंच के मंच पर मई रोज आता हूँ. यह रचनात्मक मंच रोज मुझे दिलासा देता है कि दुनिया मी आज भी हम सब, जो कि आम आदमी हैं, के अंदर वो आग बुझी नहीं है जिसे दुनिया बुझाने की कोशिशों में लगी रहती है.

    आप सब मानवता को रचनात्मक बनाने की दिशा में जो कार्य इस मंच के द्वारा कर रहे हैं. उसके लिए
    बहुत बहट साधुवाद.

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  4. अच्छे लिंक्स ...
    विजयादशमी की बधाई ...!

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  5. हमें इस मंच पर स्थान देकर समानित करने के लिए आभा्र। बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
    बेटी .......प्यारी सी धुन

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  6. बढ़िया चर्चा । रावण बार बार मरा । लेकिन अफ़सोस फिर जिन्दा हो जाता है ।

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  7. bahut sundar charcha rahi... post me achhi kavitayen sankalit kee... ab bataiye dasahara kaisa rahaa... shubhdiwas..

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  8. आप सब को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकात्मक त्योहार दशहरा की शुभकामनाएं. आज आवश्यकता है , आम इंसान को ज्ञान की, जिस से वो; झाड़-फूँक, जादू टोना ,तंत्र-मंत्र, और भूतप्रेत जैसे अन्धविश्वास से भी बाहर आ सके. तभी बुराई पे अच्छाई की विजय संभव है.

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  9. सुंदर प्रस्तुतिकरण. विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं .मेरे गीत 'नज़रबंद है सच की सीता 'को चर्चा मंच पर जगह देने के लिए आभार .

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  10. सुंदर प्रस्तुतिकरण. विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं .मेरे गीत 'नज़रबंद है सच की सीता 'को चर्चा मंच पर जगह देने के लिए आभार .

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  11. चर्चा बहुत ही बढ़िया रही!
    विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

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  12. बहुत ही अच्छी चर्चा और अच्छे लिंक्स.

    वंदना जी आप को विशेष शुक्रिया मेरी रचना 'मैं दीया हूँ' को स्थान देने के लिए.

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  13. बहुत ही सुंदर चर्चा रही !
    अच्छे लिनक्स मिले धन्यवाद !

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  14. chaliye is bar charchaon kemadhyam se ravan ko yad kiya gaya/ jalaya gaya

    sundar charcha

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  15. वंदना जी को वंदन ॥

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  16. यह शार्टकट वाली चर्चा मन को भाई, आपको इस हेतु हार्दिक बधाई।

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  17. बहुत ही सुंदर चर्चा !अच्छे लिन्क्स मिले.. आपकी इन्ट्रोड्क्ट्री पन्क्तिया.. पोस्ट पढ्ने को मजबूर कर देती हैं.. सुन्दर !

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  18. बहुत ही अच्छी चर्चा और अच्छे लिंक्स.

    वंदना जी आप को विशेष शुक्रिया 'क्यों और कैसे ब्लॉग ' को स्थान देने के लिए.

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  19. .

    बेहद उम्दा चर्चा और सुन्दर लिंक्स --आभार वंदना जी।

    .

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  20. वन्दना जी !

    आभारी हूँ आपका जो आपने इस अपरिपक्व कलमकार की रचना को अप्नि चर्चा में स्थान दिया। बाकी के लिंक्स भी बहुत अच्छे हैं ।

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  21. आज की पोस्ट में गुरुकृपा हि केवलम http://hariomnarayan.blogspot.com को स्थान देने के लिए धन्यवाद !

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  22. विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

    अच्छी चर्चा.

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  23. हमेशा की तरह एक और बढ़िया चर्चा ... बढ़िया लिंक मिले....

    चर्चा मंच मंडली को दशहरा पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं ...

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  24. विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं !

    बहुत ही बढ़िया चर्चा रही !

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  25. बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
    उठ तोड़ पीड़ा के पहाड़

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  26. bahut hee sundar post....ravan mara ja raha hai lekin mr nahi raha hai...kyoki use marne ke liye ram chahiye use kha se laya jaye..achachhee post ke liye badhai

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  27. अच्छी प्रस्तुति वंदना जी को धन्यवाद व मुबारकबाद।

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  28. शुक्रिया वंदना जी यहां लिंक देने के लिए। लेकिन अफसोस कि यहां से एक भी पाठक यह जानने नहीं आया कि वह औरत कौन है। बल्कि चर्चाकारों में से भी सिर्फ आप ही आईं।

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  29. गागर में सागर भर लाई,
    यह चर्चा भी हमें सुहाई।
    दोबारा लें मेरी बधाई।

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  30. बहुत शुक्रिया मेरी पोस्ट बुराई का शतशिख रावण उर्फ ‘शतानन’ शामिल करने के लिए।

    प्रमोद ताम्बट
    भोपाल
    www.vyangya.blog.co.in
    http://vyangyalok.blogspot.com
    व्यंग्य और व्यंग्यलोक
    On Facebook

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  31. बढ़िया चर्चा ।

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