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Sunday, December 26, 2010

रविवासरीय चर्चा (26-12-2010)

नमस्कार मित्रों!
मैं मनोज कुमार एक बार फिर हाज़िर हूं रविवासरीय चर्चा में अपनी पसंद की कुछ चुनी हुई पोस्ट और एक लाइना के साथ। आइए आज क्रिसमस पर सुख-शांति की अपील करते हुए चर्चा शुरु की जाए।

Indian childrens dressed as Santa Claus

 



1. My Photoअशोक कुमार पाण्डेय जी का प्रश्न

विनायक सेन…तुम अमेरिका क्यूं नहीं चले गये… :: आपकी उम्र का कोई डाक्टर ऐसे फटीचर की तरह रहता है? सड़ियल कुर्ता पहने कोई चिरकुट लगता है…ऐसे होते हैं का डाक्टर?



२.My Photo शिक्षामित्र जी कह रहे हैं

मास्टरी से मिलेगी मंज़िल :: अब जमाना आ गया है इंटीग्रेटेड कोर्स का।

My Photo अल्पना वर्मा जी सही कहा आपने कि

वक़्त कब किस का हुआ? :: ज़िंदगी बहत छोटी है और इसे पूरी तरह जीना चाहिए.

४.My Photo सागर की

पछतावे की आंच ::

जिसमें

झुलसकर महसूस हो रहा है कि हमने हौसले बढाने वाले वाले गीत नहीं लिखे!

५. शोभना चौरे जी की

चिट्ठी आई है .... ::

ईश्वर से आप सबकी कुशलता की प्रार्थना चाहते है | घर में यथायोग्य बड़ो को प्रणाम छोटो को प्यार | पत्रोत्तर शीघ्र देवे |

६. डा. मेराज अहमद बता रहे हैं

दुख के जंगल में फिरते हैं कब....जावेद अख़्तर :: जिन्की नगरी है वो जाने हम ठहरे बंजारे लोग!!

७.My Photo नुक्कड़ पर सुनील वाणी

वतन का खाया नमक तो नमक हराम बनो :: जनता का पैसा है, इसे अपना समझ घर में घुसा डालो!!

८.मेरा फोटो Aparna Manoj Bhatnagar लिख रहीं हैं

लैटर्स टू अ यंग पोएट :: इनसे मेरा संवाद हो रहा है . इस संवाद के बीच अपनी धुरी पर साढ़े २३ डिग्री पर घूमती दुनिया कान लगाये बैठी है .



९.मेरा फोटो राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ जी

मुझसे पूछे । आप भी बताओ ? :: जिग्यासुओं द्वारा उठाये गये कुछ प्रश्न ? ? क्या आपके पास इनका कोई सटीक उत्तर है ? अगर है । तो बतायें ।



१०.My Photo दिपाली "आब" को खुशबू जैसे लोग मिले :) :: .तुम सब.. मेरे जीवन की महक हो, और महक को कोई पकड़ नहीं सकता.

११.My Photo Rajiv क्यों नहीं जा पाते तुम.... ::

टूटा ह्रदय लिए, बिखरे अरमानों के साथ.

.. ये तो आज भी है एक पहेली!!

१२.My Photo अन्तर सोहिल पूछ रहे हैं

आप क्या सब्जी खाते हैं? :: सोहिल भाई पता नहीं, लेकिन कल सुबह ही उन्होंने आधा किलो प्याज खरीदी थी।

१३.My Photo कुमार राधारमण दे रहें जानकारी कि मधुमेह से निपटेगा पैंक्रियाज प्रत्यारोपण :: पैंक्रियाज प्रत्यारोपण का मुख्य उद्देश्य बाहरी इंसुलिन पर निर्भर मरीजों को इससे मुक्ति दिलाना होता है।

१४.मेरा परिचय यहाँ भी है! "नये वर्ष का अभिनन्दन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") ::

जीवन बगिया चहके-महके, बनकर कानन का चन्दन!



१५.मेरा फोटो शरद कोकास जी

आपने भी कभी बदले होंगे घर ::

ज्यों का त्यों है न ?- यानि

कि कहीं कोई छाप

बची तो नहीं रह गई!!

१६.My Photo अनिल कान्त सुना रहे हैं

ट्रेन वाली लड़की (कहानी नये रूप में ) :: उसने यही आदत बना ली थी । संजय उसे हर दफा समझाता था और वह चुप्पी साध लेता था । ख़ामोशी, कुछ भी कहने से बचने का सबसे अच्छा औज़ार होती है ।

१७. 

साहित्य-शिल्पी पर ईश्वर पुत्र- यीशु मसीह [क्रिसमस पर विशेष प्रस्तुति] – अजय कुमार :: जगत की सृष्टि- आदि मे परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ, उसमे से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुआ है।

१८.मेरा फोटो चला बिहारी ब्लॉगर बनने क्योंकि

फरिश्ते आके उनके जिस्म पर खुशबू लगाते हैं! :: तो लोग बाग, बच्चा सब जमकर ताली पीटता हुआ मैदान में आ जाता है.

१९.मेरा फोटो नीरज कुमार झा हैं मानवीयता के साथ ::

उसे करनी चाहिए

प्रयास पूरी ताक़त से

शक्ति और सत्ता के लिये

ताकि रहे अनाहत उसकी मानवीयता !!

२०. Shiv बता रहे हैं 

बापी दास का क्रिसमस :: यह निबंध नहीं बल्कि कलकत्ते में रहने वाले एक युवा, बापी दास का पत्र है जो उसने इंग्लैंड में रहने वाली अपने एक नेट-फ्रेंड को लिखा था. इंटरनेट सिक्यूरिटी में हुई गफलत के कारण यह पत्र लीक हो गया.

२१.My Photo नीरज तिवारी अब हुआ सहर ::

चलो फिर आम की बागों में गुम हो जाएं,

सडकों पर तो लूट और जग हंसाई है!!

२२.My Photo Ashish जब

बोलता है तो पता लगता है ::

आज भी वो नहीं आने वाला,

आज का दिन भी गया लगता है!!

२३.मेरा फोटो यशवन्त माथुर का देखिए

सेंटा क्लॉज़! ::

मुझे यकीन है तुम आओगे खुशियों से भरी अपनी झोली ले कर!!

२४.My Photo ZEAL ये क्या कह रही हैं

माई नेम इस मोहन - मोहन की जवानी ... :: सुर्ख़ियों में रहने के लिए इतना नीचे गिरना जरूरी है क्या ?

२५.मेरा फोटो रवीन्द्र प्रभात का वार्षिक हिंदी ब्लॉग विश्लेषण-२०१० (भाग-८) :: एक नज़र मुद्दों को उठाने वाले प्रमुख ब्लॉग पोस्ट की ओर …

२६. रश्मि प्रभा... कह रही हैं मेरी तलाश मेरी जिजीविषा ::

तुम्हारे सारे अर्थ तो तुम्हारे ही भीतर थे, जो "कस्तूरी" की तरह, तुम्हारे रोम-रोम में सुवासित थे!!

२७. Dr Om Prakash Pandey लेकर आए हैं

आंसू ही मेरा अभ्यंतर (क्रिसमस पर , पीड़ित मानवता के लिए ) ::

बन गए मेरे परिमल पलछिन ; उम्र गंवाई खोकर सोकर, स्वप्न व्यर्थ ,भय , हाय! निरंतर

२८.My Photo पढिए vandana का

एहसास ::

दिल कि चार दिवारी में

कुछ एहसास पाले थे

यूँ ही ...आवारा से !!

२९. Akanksha Saxena कर रही हैं

रवीश जी के साथ गुफ्तुगू ::

इस लिंक पर क्लिक करें-  गुफ्तगू

३०.शिल्पकार ललित शर्मा कह रहे हैं

बढ रही मंहगाई हमको आजमाने के लिए :: आदमी जिंदा है केवल तिलमिलाने के लिए। तन पड़ेगा झोंकना चूल्हा जलाने के लिए।

३१.My Photo सतीश पंचम का वेटर से डॉक्टर बनने का सफर.............सतीश पंचम ::  इस खबर को पढ़ कर मुझे थोड़ा अच्छा लगा कि चलो, इस तरह की कोई तो पॉ़जिटिव खबरें अब भी छप रही हैं, वरना तो अखबारों ने इस तरह की खबरें छापना न जाने कब से बंद कर दिया है।

३२.My Photo आकांक्षा बता रही हैं क्रिसमस की कहानी :: सेंट बेनेडिक्‍ट उर्फ सान्‍ता क्‍लाज़, लाल व सफेद ड्रेस पहने हुए, एक वृद्ध मोटा पौराणिक चरित्र है, जो रेन्डियर पर सवार होता है, तथा समारोहों में, विशेष कर बच्‍चों के लिए एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

३३.My Photo श्याम सखा 'श्याम' की गुहार ख्वाब बेगाने न दे मौला –गज़ल :: नींद तू बेशक पराई दे , रंजो-गम से जो रिहाई दे !!



३४.AAPKA HARDIK SAWAGAT HAI

सी एम के मोहल्ले का आदमी  नारदमुनि :: उनके रिश्तेदार के किसी बच्चे से फोन पर भी कुछ कहूँ तो मेरी बात सी एम तक पहुँच जाती है।

आज बस इतना ही।

फिर मिलेंगे। तब तक के लिए

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