साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

Followers

Wednesday, December 01, 2010

"एक तीर से दो दो शिकार.." (चर्चा मंच-355)


आइए आज की चर्चा प्रारम्भ करता हूँ!
--------------------------



-----------------------
और अन्त में देखिए 
बाराबंकी से प्रकाशित होने वाली
लोक संघर्ष पत्रिका का दिसम्बर 2010 का अंक
इसके स्वामी, प्रकाशक और मुद्रक हैं
रणधीर सिंह "सुमन"
इनका ई-मेल है-
loksangharsha@gmail.com
और ब्लॉग का पता है-
http://loksangharsha.blogspot.com/
इसमें विवादित ढाँचे के बारे में
बहुत ही महत्वपूर्ण लेख छपे हैं!
इस त्रैमासिक पत्रिका का वार्षिक सदस्यता शुल्क 100रु. है!
प्रख्‍यात हास्‍य-व्‍यंग्‍य कवि ओमप्रकाश आदित्‍य जी की धर्मपत्‍नी श्रीमती बृजलता नहीं रहीं
श्रद्धांजलि!
विधि के विधान को कौन टाल सकता है!
परमपिता परमात्मा श्रीमती बृजलता की 
आत्मा को शान्ति प्रदान करें!

13 comments:

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. सुप्रभात मयंक जी !

    बहुत-बहुत धन्यवाद ...

    जो इतने अच्छे लिंक्स आप यहाँ प्रस्तुत किये । माफ़ करिए , पहले वाली टिपण्णी गलती से हट गयी ।
    आभारी ,
    यज्ञ

    मेरे ब्लॉग पर आप सभी का स्वागत है
    http://ygdutt.blogspot.com

    ReplyDelete
  3. बहुत ही सुन्दर , सुगढ व सुनियोजित चर्चा की है……………काफ़ी सारे लिंक्स पढ लिये……………बहुत बहुत आभार्।

    ReplyDelete
  4. बहुत अच्छे और बहुत सारे लिंक्स मिले ...सार्थक चर्चा के लिए आभार

    ReplyDelete
  5. बहुत सारे लिंक्स मिले ...सार्थक चर्चा ...

    ReplyDelete
  6. सुन्दर चर्चा हेतु आभार!
    श्रीमती बृजलता जी को श्रद्धांजलि!

    ReplyDelete
  7. बहुत अच्छे और बहुत सारे लिंक्स मिले ...सार्थक चर्चा के लिए आभार

    ReplyDelete
  8. I have interpret a only one of the articles on your website trendy, and I really like your tastefulness of blogging. I added it to my favorites entanglement stage muster and resolve be checking back soon. Please repress out of order my position as ok and leave to me conscious what you think. Thanks.

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"श्वेत कुहासा-बादल काले" (चर्चामंच 2851)

गीत   "श्वेत कुहासा-बादल काले"   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')    उच्चारण   बवाल जिन्दगी   ...