समर्थक

Friday, December 10, 2010

"औपचारिकता ही निभा रही हूँ" (चर्चा मंच-363)

दिसम्बर का मास मेरे लिए बहुत ही व्यस्ततम महीना है!
परन्तु चर्चा का मेरा दिन न खाली रह जाए
इसलिए मात्र औपचारिकता ही निभा रही हूँ!
डॉ. नूतन गैरोला
------------------
सबसे पहले देखिए
ऐसे ही तो होते हैं....पहाड़ी ओहदे..
में खो गया है..."गिलहरी" का आभास...
------------------
आज केवल इतने ही लिंक लगा पाई हूँ!
डॉ. नूतन गैरोला

13 comments:

  1. व्यस्तता में भी बढ़िया चर्चा !
    आभार !

    ReplyDelete
  2. बहुत बढ़िया चर्चा ...शुक्रिया

    ReplyDelete
  3. व्यस्तता के बावजूद आपने एक अच्छा सार-संकलन प्रस्तुत किया है. आभार .

    ReplyDelete
  4. व्यस्त होने बावजूद बहुत अच्छे लिनक्स दिए हैं आपने..... मुझे जगह देने के लिए धन्यवाद

    ReplyDelete
  5. व्यस्तता के बावज़ूद बहुत अच्छी चर्चा ..अच्छे लिंक्स मिले .

    ReplyDelete
  6. व्यस्त होने बावजूद बहुत अच्छे लिंक्स दिए हैं ………………सुन्दर चर्चा।

    ReplyDelete
  7. व्यवस्तता में भी अच्छी है चर्चा.

    ReplyDelete
  8. बढ़िया चर्चा ...शुक्रिया ...

    ReplyDelete
  9. बहुत बढ़िया चर्चा ...आभार !

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin