चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Wednesday, December 22, 2010

"हाँ मुसलमान हूँ मैं....." (चर्चा मंच-376)


आइए मित्रों!
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हाँ मुसलमान हूँ मैं..... किन्तु इनसान हूँ मैं!
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लालच बुरी बलाय ....चिकनी-जूपड़ी पर मन ललचाय।
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भक्ति में होता आराम।।
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लेकिन सीखो तो कुछ सलीका!!
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हत्यारा कौन को सरनाम कर दिया!
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आशीर्वाद मिलेगा, नमन तो कर!
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गाँठ बाध लो ये सौगातें।
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हर तरफ उनके ख़यालों की महकती बज़्म है......
आजकल ये दिन शुरू उन से उन्ही पर ख़त्म है 
आप ही से हर ग़ज़ल है आप ही की नज़्म है 
आप ही हैं शम्मे-महफ़िल आप ही की बज़्म है..
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गीतों की फसल उगे, ग़ज़लों की बहार हो जाये!
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चन्द्रमा शर्मायेगा  खामोशियों से ऊबकर।
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प्यारे प्यारे मुन्ना जी ,एक बात बताओ मुन्ना जी 
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राजनीति का खेल घिनौना।
करलो चाहे कितने यत्न,
लोकतन्त्र लगता है बौना!!
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माँ, बहन, बीबी, बेटी बन, नारी ने तुझको प्यार दिया, 
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हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 विवाह विच्छेद की व्यवस्था भी करता है। लेकिन इस में विवाह के पक्षकारों की सहमति से विवाह विच्छेद की व्यवस्था 1976 तक नहीं थी। मई 1976 में एक संशोधन के माध्यम से इस अधिनियम में धारा 13-ए व धारा 13-बी जोड़ी गईं, तथा धारा 13-बी में सहमति से विवाह विच्छेद की व्यवस्था की गई।
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जिन्होंने दिया उनका भला और जिन्होंने नहीं उनका भी ...
बात मेरे बर्थ डे की है जो १९ दिसम्बर को सामान्य सहज बीत गयी .कल रात महफूज भाई की विलम्बतम विश मिली , उन्होंने करीब दस बजे जब बिग बॉस में डाली और वीना मलिक लड़ रहे थे,मुझे काल करके बधाई दी ..उन्हें लगा कि मेरा जन्मदिन कल ही था ....इस बार जन्मदिन पर आने वाले शुभकामना संदेशों ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ डाले ..और यह करामात फेसबुक की है ..करीब डेढ़ स ..
बहुत-बहुत बधाई स्वीकार कीजिए. 
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स्कूटर बोले तो घुर्र.. घुर्र.. घुर्र.. टींऽऽऽ


hamara-bajajयूँ तो मेरे मालिक आजकल बहुत परेशान हैं लेकिन मुझे पता है कि कुछ ही दिनों में समस्या का समाधान हो ही जाएगा। चूँकि चालू परेशानी का कारण मैं बना हुआ हूँ इसलिए मुझे थोड़ी सफाई देने की – या कहें कि बतकही करने की – तलब महसूस हो रही है। दरअसल पहली बार मुझे अपने भाग्य पर बहुत कोफ़्त हो रही है। मेरी तबीयत थोड़ी सी ही नासाज़ है लेकिन आजकल मैं ऐसे विचित्र स्थान पर ला दिया गया हूँ कि यहाँ साधारण सी गड़बड़ी की दवा करने वाले भी नहीं मिल पा रहे हैं। यहाँ कुछ ऐसे नीम-हकीमों से मेरा पाला पड़ा है कि उन्होंने मेरी बीमारी ठीक करने को कौन कहे मेरा हुलिया ही बिगाड़ दिया। अपनी विचित्र स्थिति पर चिंतन करता हूँ तो मन बहुत दूर तक सोचने लगता है।................
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इन सपनों को कौन गाएगा


सपने में एक प्रेम गीत गाता हूँ . मेरी मुट्ठी में माईक बेहद ठण्डा है . मुझे अपनी भारी खुरदुरी आवाज़ पर यक़ीन नहीं होता. ऑडिएंस में एक लड़का ढीली पेंट और लम्बे बालों ,वाला उठा है और झूम कर नाचा है. बॉब मार्ले और बराक ओ बामा ने मेरे साथ हाथ मिलाया है और हम सब ने मिल कर उस मंच से एक पहाड़ी गीत गाया है . उन की घुँघराली लटें बहुत मुलायम है. सपने मे मैं ऊ ..
Author: अजेय | Source: कबाड़खाना
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(साहित्य अकादमी ने हिन्दी के अत्यंत महत्वपूर्व कवि और कथाकार उदय प्रकाश को ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित कर अपना मान बढ़ा लिया है. साहित्य अकादमी को बधाई!!! अपने लेखन में ‘कंसर्न’ को विषय और उसे ही कला बनाने के लिये ख्यात उदय प्रकाश जी को सूरज ने यह कविता समर्पित की है..)
जिन्हे पानी चाहिये.... 
(उदय प्रकाश के लिये)
दो नौ-उम्र लड़कियाँ खड़ी
घाट की सीढ़ियों पर
एक दूसरे से बिनबोले बतियाये
खींच रहीं हैं एक ही सिगरेट के
लगातार दिलकश कश.......
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A Fearfree Nation

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ब्लोगर मित्रों मेरी मदद करें- सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट)

मेरे इस ब्लॉग को अन्य एक-दो लोगों द्वारा साइन इन किया जा रहा है !
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गूगल टीम ने मुझे सूचित किया है की मेरे 'कार्टून धमाका' ब्लॉग को एक-दो अन्य लोगों द्वारा साइन इन किया गया है, इस जानकारी के बाद से मैं काफी टेंशन में हूँ, क्योकि मैं यह नहीं समझ पा रहा हूँ की पासवर्ड तो केवल मैं जानता हूँ फिर और कोई कैसे मेरे ब्लॉग को साइन इन कर रहा है,गूगल ने यह भी बताया की उन्हें रोकने के लिए अपने ब्लॉग पर जाएँ..पर आगे इसे कैसे रोकना है..ये नहीं बताया!
मैं काफी चिंतित हूँ, मेरे ब्लॉग पर अभी तक तो छेडछाड नहीं हुई है पर आगे कुछ भी हो सकता है..मुझे कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है इसीलिए मैं आप सभी मित्रों से मदद चाहता हूँ..अगर आप इस समस्या का हल बता सकें तो मैं अत्यंत आभारी रहूँगा कृपया जानकारी दें ! 
आपका ब्लॉगर मित्र 
सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट)

रूला रहा है प्याज (कार्टून धमाका)


रूला रहा है प्याज (कार्टून धमाका)

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'फंसा लिया होगा'!

 क्या आर्थिक दृष्टि से कमजोर कहे जाने वाले लोग (ये दृष्टिकोण है तथाकथित पैसे वाले होने का दंभ रखने वालों का ) लोगों को एक सुखद और सुंदर भविष्य का सपना देखने का भी हक़ नहीं है और अगर वे बेहतर जीवन   की ओर कदम बढ़ाते हैं तो लोगों को लगता है कि 'फंसा लिया होगा'!

आज के लिए बस इतना ही मसाला था!
अब दीजिए आज्ञा!
जब तक डॉ. नूतन गैरोला जी
यात्रा से वापिस नहीं आती है,
तब तक
शुक्रवार को भी मिलेंगे!

18 comments:

  1. बेहतरीन चर्चा ।
    आभार।

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  2. विस्तृत चर्चा .....सुन्दर चर्चा के लिए आभार

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  3. बढियां पोस्टें..

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  4. विस्तृत चर्चा ... नये लिंक ...

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  5. बहुत ही सुन्दर लिंक्स लगाये हैं……………बहुत ही सुगठित और सार्थक चर्चा मेहनत दर्शा रही है…………आभार्।

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  6. मेरी कविता शामिल करने का आभार....
    बहुत ही खुबसूरत चर्चा है.....
    शास्त्री जी आपके ब्लॉग खुलने में परेशानी दे रहे हैं....कृपया इस ओर ध्यान दें...
    धन्यवाद....

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  7. सभी पोस्ट एक से बढ़कर एक ...
    मैं मयंक जी के चुनाव के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ ..

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  8. सभी पोस्ट एक से बढ़कर एक ...
    मैं मयंक जी के चुनाव के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ ..

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  9. सुन्दर विस्तृत चर्चा!

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  10. वाह रंग विरंगी बेहद खूबसूरत चर्चा.

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  11. बेहतरीन चर्चा ।
    आभार!

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  12. कमाल का संकलन है... आपकी चुटीली टिप्पणियाँ भी मजेदार!!

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  13. aaderneeya Mayank ji..Meri rachna ko 'charcha manch' mein shamil karne ke liye nahut bahut aabhari hun..

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  14. बहुत अच्छे लिंक्स का बहुत बढ़िया सार-संकलन . कई व्यंग्य-चित्रों ने तो इसे और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया है . मेरे आलेख को स्थान देने के लिए भी आपको बहुत-बहुत धन्यवाद .

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