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Wednesday, March 02, 2011

"ॐ नमः शिवाय....!" (चर्चा मंच-443)


कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है!

चर्चा पूरी कर दी थी मगर इतनी ही रह गई!

बाकी शंकर जी जाने कि कहाँ चली गई?

अब आज की आज की चर्चा को समाप्त करने की आज्ञा दीजिए….

सिलसिला अब फिर से प्रारंभ करते हैं ---


सरस पायस में पढ़िए
शिवरात्रि के पर्व पर
दोस्तों देश के सबसे बढ़े त्यौहार महा शिवरात्रि पर देश के सभी नागरिकों को मुबारकबाद ,
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यहाँ पर सुनिए-
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जारी है आप पढ़कर देखिए तो सही!
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लेकर आया है 
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में हैं उपयोगी श्लोक-
अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते।
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥१॥
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नुक्कड़ पर प्रकाशित हुई है
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गुरू गोदियाल जी फरमा रहे हैं-
मयखाने पर हर मुर्गा, प्यासा ही हलाल होगा !
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एक प्रयास पर है एक शिक्षाप्रद कथा
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SADA जी कह रहीं हैं-
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बहुत दिन हुए मैं अपने कान तुम्हारे पास रख आया था, 
वे कान तुम्हारे दिल की धड़कन के साथ मेरा नाम सुनने के आदी हो गए थे,
यही तो है-
इसका मतलब आँखों से मत निकाल लेना-
कभी कहने लगो कि-
अगर चश्में नहीं होते तो ये काने कहाँ छिपते...?
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यह प्यारा सा बालगीत 
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रतन सिंह शोखावत कह रहे हैं-
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पर है छपा है
 मनोज कुमार जी का बिद्वता पूर्ण व्यक्तित्व 
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मानसी जी कह रहीं हैं-
रात ये लम्बी होती, सुबह नही यूँ जल्दी होती। 
सोमवार को सूरज भी गर उठता, 
लेकिन आँख मीच कर, अंगडाई लेता, 
सो जाता, मुँह पर चादर और खींच कर।
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यही हाल रहा तो एक दिन.............
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एक क्षणिका ...यहाँ भी है-
मैंने कब मुकम्मल जहाँ माँगा? 
जानती हूँ नही मिलता! 
मेरी जुस्तजू ना मुमकिन नहीं ! 
अरे पैर रखनेको ज़मीं चाही, 
माथे पर एक टुकडा आसमाँ, 
पूरी दुनिया तो नही माँगी..
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दिल की बातें में है आज एक गज़ल 
*कुछ तो करो तुम जिक्र, मेरे शहर का आज ,
माना कि तुमसे मेरा , अब कोई वास्ता नहीं |
 देख कर दीबार तुमने अपना रास्ता बदल लिया |
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सुन्दर एहसासों से भरी के.सी.वर्मा जी की रचना पढ़िए
क्यूँ खेलते हैं दिल से ,इस जहाँ के लोग , 
ये इतने हैं बेदर्द !ये हैं कहाँ के लोग !!?
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घुघूतीबासूती बता रहीं हैं-
बच्चा खोने का दर्द  क्या होता है??
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इन्दुपुरी गोस्वामी लेकर आईं है
एक संस्मरण
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गगन शर्मा कुछ अलग सा
कह रहे हैं
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 वो रोज जलाती है चूल्हा यादों की लकड़ियों से 
भावों के कंडे पर सेंकती है रोटी 
मुस्कुराहटों की पकाती है भात 
अरमानों के अश्कों से पकाती है दाल 

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कर्मनाशा ब्लॉग पर
कविता समय' से लौटते हुए
डॉ.सिद्धेश्वर सिंह बता रहे हैं
घर वापसी
अनंत आकाश के नीचे
एक छत है
जिससे दीख जाता है
अपने हिस्से का अनंत......
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ऑफिस ऑफिस :अनजान कार्टूनिस्ट के कार्टून

देखिये, आई टी में क्या क्या होता है,

१ . अक्सर बॉस से झूठ बोलना पड़ता है 




२.  कामचोरी करने के बावजूद बहुत व्यस्त रहना होता है 


३. हद तो तब होती है जब ,



भई , आई टी में तो ऐसा ही होता है , बाकी और जगहों का मुझे कोई अनुभव नहीं है | आपका हो तो , बताओ ...
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My Photo
रांची, झारखण्ड, India
बचपन से कार्टून बना रहा हूँ । आज भी कोशिश जारी है । विभिन्न अखबारों व पत्रिकाओं के लिए 20 000 से भी अधिक कार्टून बना चूका हूँ । दैनिक हिंदुस्तान रांची के लिए लगातार 10 वर्षों तक कार्टून बनाये । और अब दैनिक भास्कर के लिए कार्टून बनाने का कृम जारी है ।

क्रिकेट प्रेम (कार्टून धमाका)

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Kalmadi Cartoon
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कार्टून - वर्ल्डकप : भारत बनाम इंगलैंड

17 comments:

  1. bahut hi anokhe andaj me aaj aapne charcha manch sajaya hai.mahashivratri ki aap ko v sabhi charcha manch par aane vale sadasyon ko shubhkamnayen ..

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  2. लगता है,
    आज शिवजी ने बहुत तगड़ी परीक्षा ले ली!
    --
    ख़ुशी की बात है कि आप उत्तीर्ण हो गए!
    --
    हर-हर महादेव!

    ReplyDelete
  3. बहुत रंगों से सजी चर्चा ...आपका आभार

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  4. चर्चा मंच को अच्छे लिंक्स से सजा कर इसकी गरिमा में अभिवृद्धि करने हेतु शास्त्री जी बधाई के पात्र हैं !

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  5. शिवरात्रि पर आपको शुभकामनायें भाई जी !!

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  6. तांडव स्तोत्र व शिव आराधना को शामिल कर सब तक पहुँचाने के लिये धन्यवाद...

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  7. शिवरात्रि की सभी पाठको को शुभकामनायें।
    ऐसा हो जाता है कि सारी चर्चा लगाने के बाद डिलीट हो जाती है ……………फिर भी आपने काफ़ी मेहनत करके दोबारा चर्चा लगाई ये ही कम नही है……………बहुत अच्छे लिंक्स लगाये हैं………………अभी पढे नही है बाद मे पढती हूँ…………आभार्।

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  8. शिवरात्रि पर आपको शुभकामनायें!

    एक और सुंदर चर्चा प्रस्तुत करने के लिए आपका आभार.....

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  9. सर, आपने तो आज कार्टूनिस्टों की बल्ले बल्ले कर दी :)
    धन्यवाद.

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  10. महाशिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएँ....बहुत ही अच्छे लिंक्स मिले...सार्थक चर्चा।

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  11. इस डबल व सुन्दर प्रस्तुति के साथ ही महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाईयां व शुभकामनाएँ...

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  12. महाशिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएँ......सार्थक चर्चा

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  13. बहुत सुन्दर चर्चा...महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं..

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  14. बहुत सुन्दर चर्चा दिखी....मेरा अकाउंट गूगल और ब्लॉग दोनों बंद हो गए थे जिसका मुझे बहुत दुःख था .... अभी अभी काम करना शुरू कर दिया है... धन्यवाद गूगल का/.... वैसे आज का समाचार तब पढ़ा जब परेशां हो गयी थी ... पता चला की कल गूगल के १५०,००० खाते अचानक डेमेज हो गए थे ..जिनको गूगल वापस लाने की कोशिश में था ... अगर हेक नहीं था तो गूगल का धन्यवाद ...
    शास्त्री जी को आभार सुन्दर चर्चा के लिए... किन्तु नेट की समस्या की वजह से मै ज्यादा लिंक नहीं देख पाउंगी ... क्यूंकि बहुत ही स्लो लोड हो रहा है...

    सभी को शिवरात्रि पर शुभकामनायें.

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  15. हर रंग समेट दिया है चर्चा में। बहुत सी ऐसी लिंक मिली जहां जा नहीं पाया था।
    आभार आपका।

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  16. सुंदर चर्चा..... चैतन्य को शामिल करने का आभार शास्त्रीजी ...
    शिवरात्रि पर आपको शुभकामनायें

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  17. उम्दा चर्चा


    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें

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