चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Monday, April 11, 2011

मंगलमयी माँ ……………चर्चा मंच ………………482

दोस्तों 

सोमवार की चर्चा में
आपका स्वागत है
दुर्गाष्टमी की आप सबको
हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं 
माँ आप सबके जीवन में
खुशहाली और ओज भरे  
नवरात्रों में काफी कुछ 
घटित हुआ 
फिर चाहे भारत जीता हो 
या अन्ना का अनशन हो
या आचार्य जानकी वल्लभ का जाना 
एक अलग ही माहौल बना रहा
और पता चला कि जनता अब
कितनी जागरूक हो गयी है
और आज भी यदि आवाज़ दो 
तो एकजुट हो जाती है
क्रांति आज भी आ सकती है
बशर्ते कोई आवाज़ तो दे
ये तो हुआ हमारे देश 
और जनता का हाल
अब चलिए देखते हैं
चर्चा मंच पर 
कौन क्या कह रहा है    





 मोहब्बत क्या से क्या बना देती है

तुम्हारी खुशबू आती है 

 और व्यक्ति को वस्त्रहीन


 ज़िन्दगी की सच्चाई से रु-ब-रु

 कब तक बचे कोई


आखिरी पड़ाव 

अब भी कहीं कहीं पलती है 

 और मैं तुम्हें निहारता रहूँ

 गुलाबों को सहेज लिया है मैंने

 अदभुत संसार 

 कब मेरे आँगन उतरेगी

 कब हुए अपने


 कौन किसका करे


मेरे नाम कोई आती ही नहीं 

देखो न .......अब मुरझाता नहीं 


 कौन थी ? 



"कुछ तो बोलो" 

आखिर कब तक चुप रहोगे  

 


Kunwar Kusumesh  
 पढ़िए एक ग़ज़ल 


 यही है ज़िन्दगी की सच्चाई 


कैसा होता है 


अपनी कहानी आप कहें 


ज़िन्दगी ने मारी तब हिलोरें बहुत 


कैसा गज़ब ढा रहा है 
 और एक कहानी बन गयी 
एक युग सा लगा
अब जानने को और क्या बचा 
नमन है 
समस्या गंभीर है
  
जब सांझ ढले
करना ज़रा इसकी सवारी


अब आज्ञा दीजिये 
कोई त्रुटि रह गयी हो 
तो क्षमा कीजिये 
आजकल कम टाइम में
ज्यादा काम करना पड़ रहा है
फिर मिलेंगे
आपके विचार ही हमारे 
प्रेरणास्त्रोत हैं 
अपने विचारों से 
अवगत कराते रहिये
जय माता की


 

29 comments:

  1. बढ़िया चर्चा वंदना जी, मुझे स्थान देने के लिए धन्यबाद. लिंक्स पर जाने का आगाज़ कर दिया है. आज नवरात्री की व्यस्तता भी है.

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  2. अच्छी लिंक्स के लिए आभार
    आशा

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  3. अष्टमी पर माँ को शत शत ह्रदय से नमन |सुंदर शब्दों से अलंकृत ,सुंदर भावों से अलंकृत बहुत ही लयबद्ध कवितामयी चर्चा मंच है आज का |
    अष्टमी पर वंदना जी आपने ह्रदय से नमन किया है माँ को और प्रसाद स्वरुप मुझे दिया है --मेरी रचना को शामिल करना .......
    बहुत बहुत आभार आपका ......!!
    आँचल फलाये हम सब माँ का नमन करते हैं .........सभी पर माँ की कृपा बनी रहे ..........!!
    जय माता की

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  4. अछे लिंक्स हैं ...
    धीरे -धीरे पढना हो पायेगा !

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  5. सुन्दर लिंक्स से सजी उम्दा चर्चा ...

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  6. बहुत अच्छे लिंक्स ,पढ़कर अच्छा लगा.
    मुझे स्थान दिया,कृतज्ञ हूँ.

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  7. Wonderful 'Charcha'. Thanks for providing beautiful links.

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  8. बहुत बढ़िया चर्चा!
    चर्चा मंच के सभी साथियों और पाठकों को दुर्गाष्टमी और राम नवमी की बहुत बहुत शुभकामनाएँ!

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  9. धन्यबाद वंदना जी...उत्कृष्ट संग्रह ...

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  10. अच्छा रहा यह प्रस्तुतिकरण . आभार .
    रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं .

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  11. बहुत सुरुचि के साथ चर्चामंच को सुसज्जित किया है आपने ! मेरी रचनाओं को इसमें सम्मिलित करने के योग्य आपने समझा हृदय से आभारी हूँ ! आप सभी को अष्टमी एवं रामनवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें !

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  12. दुर्गाष्टमी और राम नवमी की बहुत बहुत शुभकामनाएँ!वंदना जी आज की चर्चा बहुत ही शानदार है,सारे लिंक्स पर एक एक कर जा रहा हूँ...धन्यवाद।

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  13. आज तो वाक़ई भागमभाग वाली लगी चर्चा.

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  14. कुछ न कुछ नया स्टाइल ज़रूर रहता है आपकी चर्चा में। सुंदर लिंक।

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  15. धन्यवाद वंदना जी ना केवल मुझे स्थान देने के लिए अपितु ...इतने सुन्दर-सुन्दर लिंक्स देकर ब्लॉग जगत और हमरे संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए !
    चर्चा मंच मेरे लिए मेरे घर जैसा है !
    धन्यवाद !

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  16. badhiya charcha... feeke panno se ko sthan dene ka bahut dhanyvaad

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  17. धन्यवाद..चर्चामंच पर अपनी कविताओं को देखना सम्मान का विषय..

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  18. धन्यवाद..चर्चामंच पर अपनी कविताओं को देखना सम्मान का विषय..

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  19. thank you for including post of naari blog

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  20. सुंदर और भावमयी चर्चा ।
    मेरे ब्लॉग को सम्मिलित करने के लिए आभार।
    आपको दुर्गाष्टमी और रामनवमी की शुभकामनाएं।

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  21. अच्छे लिंक्स के लिए साधुवाद !
    अष्टमी की शुभकामनाएँ !

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  22. Achchhee rachnaayen padhwaane ke
    liye aapka shukriya .

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  23. bahut acchha charcha manch sajaya hai. bahut se link padh liye hain thode baki hai...vo bhi aaj cover honge yahi koshish rahegi.

    aabhar.

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  24. vandana ji ..charcha manch wakai bahut sarthak prayas hai ..aap bahut se blog padhti hai fir chayan ker badi mehnat v ache chunav se ye jo karya ker rehi hai wah batata hai ki ap sahitya ke prati kitni samarpit hai ..wakai ache links padhane keliye dhanyawaad v charcha manch mein meri kavita kechunav ke liye aabhaar ......navratri ke en pavitra din mein aapke uttam swasthya keliye prathna kerta hun

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  25. main kal parh sakoongi sab kuchh.
    Charcha mein meri post ko shaamil karne ke liye aabhri hun Vandna Di..
    jaldi mein hun..fir milte hain..

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  26. बहुत अच्छे लिंक्स हमेशा की तरह । आज की चर्चा में मेरी कविता को भी सम्मिलित किया आपने, आभारी हूँ ।

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