Followers

Friday, April 29, 2011

"चर्चा मंच का 500वाँ अंक"


मित्रों आज चर्चा मंच का 500वाँ अंक
आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ!

आमन्त्रण "परिकल्पना" से साभार!
आप भी आईये और अपने परिजनों को भी साथ लाईये

हिंदी चिट्ठाकारों का महासम्मलेन
सम्मानित चिट्ठाकार वन्धुओं,
जैसा की आप सभी को विदित है की आगामी ३० अप्रैल को हिंदी भवन, विष्णु दिगंबर मार्ग, नयी दिल्ली में हिंदी ब्लॉग जगत का वहु प्रतीक्षित परिकल्पना सम्मान-२०१० का महत्वपूर्ण आयोजन है,साथ ही इस अवसर पर हिंदी चिट्ठाकारिता से संदर्भित एक वृहद् और वहु आयामी पुस्तक (हिंदी ब्लॉगिंग : अभिव्यक्ति की नयी क्रान्ति)का लोकार्पण भी सुनिश्चित है, परिकल्पना समूह की नयी त्रैमासिक पत्रिका वटवृक्ष तथा मेरा नया उपन्यास ताकि बचा रहे लोकतंत्र का भी लोकार्पण होना है .......पहली बार इस महा आयोजन में समाज के प्रत्येक क्षेत्र के विशिष्ट अतिथियों का समागम हो रहा है .....
परिकल्पना परिवार की और से यह खुला आमंत्रण हिंदी के समस्त चिट्ठाकारों के लिए है...किन्तु दिल्ली के आसपास के ब्लॉगर गण के लिए विशेष है क्योंकि दिन है शनिवार और दूसरे दिन भी अवकाश , इसलिए कोई बहाना नहीं ....आप भी आईये और अपने परिजनों को भी साथ लाईये .....आप आयेंगे तो आयोजन से जुड़े समस्त सदस्यों का उत्साह वर्द्धन होगा !
कार्यक्रम से संवंधित विशेष जानकारी निम्नवत है :

इस कार्यक्रम में विमर्श,परिचर्चाएँ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे। पूरे कार्यक्रम का जीवंत प्रसारण इंटरनेट के माध्यम से पूरे विश्व में किया जाएगा। आप इस कार्यक्रम का आनंद अपने इंटरनेट भी उस दिन ले पायेंगे। जिसकी रिकार्डिंग बाद में भी नेट पर ही मौजूद रहेगी। इंटरनेट पर उपस्थिति को भी आपकी मौजूदगी माना जायेगा। पर यह गिनती दिल्‍ली-एनसीआर और देश से बाहर वालों के लिए ही लागू होगी। कार्यक्रम का विवरण निम्नवत हैःदिन व समयः
शनिवार 30 अप्रैल 2011, दोपहर 3 बजे से रात्रि‍ 8.30 बजे तक।
रात्रि‍ 8 .30 बजे भोजन।
स्थानः
हिंदी भवन, आई.टी.ओ. के पास!
विष्‍णु दिगम्‍बर मार्ग, नई दिल्ली-110002

हिंदी साहित्य निकेतन परिकल्पना सम्मान-२०१०
उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर हिन्दी ब्लॉगिंग के उत्‍थान में अविस्मरणीय योगदान हेतु उपस्थित 51 ब्लॉगरों को मोमेंटो, सम्मान पत्र, पुस्तकें, शॉल और एक निश्चित धनराशि के साथ सम्मानित करने की योजना है।
सम्मानित किये जाने वाले ब्लॉगरों का विवरण -
1. वर्ष का श्रेष्ठ नन्हा ब्लॉगर - अक्षिता पाखी, पोर्टब्लेयर
2. वर्ष के श्रेष्ठ कार्टूनिस्ट - श्री काजल कुमार, दिल्ली
3. वर्ष की श्रेष्ठ कथा लेखिका - श्रीमती निर्मला कपिला, नांगल (पंजाब)
4. वर्ष के श्रेष्ठ विज्ञान कथा लेखक - डॉ. अरविन्द मिश्र, वाराणसी
5. वर्ष की श्रेष्ठ संस्मरण लेखिका - श्रीमती सरस्वती प्रसाद, पुणे
6. वर्ष के श्रेष्ठ लेखक - श्री रवि रतलामी, भोपाल
7. वर्ष की श्रेष्ठ लेखिका (यात्रा वृतान्त) - श्रीमती शिखा वार्ष्णेय, लंदन
8. वर्ष के श्रेष्ठ लेखक (यात्रा वृतान्त) - श्री मनोज कुमार, कोलकाता
9. वर्ष के श्रेष्ठ चित्रकार - श्रीमती अल्पना देशपांडे, रायपुर
10. वर्ष के श्रेष्ठ हिन्दी प्रचारक - श्री शास्त्री जे.सी. फिलिप, कोच्ची, केरल
11. वर्ष की श्रेष्ठ कवयित्री - श्रीमती रश्मि प्रभा, पुणे
12. वर्ष के श्रेष्ठ कवि - श्री दिवि‍क रमेश, दिल्ली
13. वर्ष की श्रेष्ठ सह लेखिका - सुश्री शमा कश्यप, पुणे
14. वर्ष के श्रेष्ठ व्यंग्यकार - श्री अविनाश वाचस्पति, दिल्ली
15. वर्ष की श्रेष्ठ युवा गायिका - सुश्री मालविका, बैंगलोर
16. वर्ष के श्रेष्ठ क्षेत्रीय लेखक - श्री संजीव तिवारी, दुर्ग (म. प्र. )
17. वर्ष के श्रेष्ठ क्षेत्रीय कवि - श्री एम. वर्मा, वाराणसी
18. वर्ष के श्रेष्ठ गजलकार - श्री दिगम्बर नासवा, दुबई
19. वर्ष के श्रेष्ठ कवि (वाचन) - श्री अनुराग शर्मा, पिट्सबर्ग अमेरिका
20. वर्ष की श्रेष्ठ परिचर्चा लेखिका - श्रीमती प्रीति मेहता, सूरत
21. वर्ष के श्रेष्ठ परिचर्चा लेखक - श्री दीपक मशाल, लंदन
22. वर्ष की श्रेष्ठ महिला टिप्पणीकार - श्रीमती संगीता स्वरूप, दिल्ली
23. वर्ष के श्रेष्ठ टिप्पणीकार - श्री हिमांशु पाण्डेय, सकलडीहा (यू.पी.)
24-25-26. वर्ष की श्रेष्ठ उदीयमान गायिका – खुशबू/अपराजिता/इशिता, पटना (संयुक्त रूप से)
27. वर्ष के श्रेष्ठ बाल साहित्यकार - श्री जाकिर अली 'रजनीश', लखनऊ
28. वर्ष के श्रेष्ठ गीतकार (आंचलिक) - श्री ललित शर्मा, रायपुर
29. वर्ष के श्रेष्ठ गीतकार (गायन) - श्री राजेन्द्र स्वर्णकार, बीकानेर, राजस्थान
30-31. वर्ष के श्रेष्ठ उत्सवी गीतकार - डॉ. रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक', खटीमा एवं आचार्य संजीव वर्मा सलिल, भोपाल (संयुक्त रूप से)
32. वर्ष की श्रेष्ठ देशभक्ति पोस्ट - कारगिल के शहीदों के प्रति ( श्री पवन चंदन)
33. वर्ष की श्रेष्ठ व्यंग्य पोस्ट - झोलाछाप डॉक्टर (श्री राजीव तनेजा)
34. वर्ष के श्रेष्ठ युवा कवि - श्री ओम आर्य, सीतामढ़ी बिहार
35. वर्ष के श्रेष्ठ विचारक - श्री जी.के. अवधिया, रायपुर
36. वर्ष के श्रेष्ठ ब्लॉग विचारक - श्री गिरीश पंकज, रायपुर
37. वर्ष की श्रेष्ठ महिला चिन्तक - श्रीमती नीलम प्रभा, पटना
38. वर्ष के श्रेष्ठ सहयोगी - श्री रणधीर सिंह सुमन, बाराबंकी
39. वर्ष के श्रेष्ठ सकारात्मक ब्लॉगर (पुरूष) – डॉ. सुभाष राय, लखनऊ (उ0प्र0)
40. वर्ष की श्रेष्ठ सकारात्मक ब्लॉगर (महिला) - श्रीमती संगीता पुरी, धनबाद
41. वर्ष के श्रेष्ठ तकनीकी ब्लॉगर - श्री विनय प्रजापति, अहमदाबाद
42. वर्ष के चर्चित उदीयमान ब्लॉगर - श्री खुशदीप सहगल, दिल्ली
43. वर्ष के श्रेष्ठ नवोदित ब्लॉगर - श्री राम त्यागी, शिकागो अमेरिका
44. वर्ष के श्रेष्ठ युवा पत्रकार - श्री मुकेश चन्द्र, दिल्ली
45. वर्ष के श्रेष्ठ आदर्श ब्लॉगर - श्री ज्ञानदत्त पांडेय, इलाहाबाद
46. वर्ष के श्रेष्ठ ब्लॉग शुभचिंतक - श्री सुमन सिन्हा, पटना
47. वर्ष की श्रेष्ठ महिला ब्लॉगर - श्रीमती स्वप्न मंजूषा 'अदा', अटोरियो कनाडा
48. वर्ष के श्रेष्ठ ब्लॉगर - श्री समीर लाल 'समीर', टोरंटो कनाडा
49. वर्ष की श्रेष्ठ विज्ञान पोस्ट - भविष्य का यथार्थ (लेखक - जिशान हैदर जैदी)
50. वर्ष की श्रेष्ठ प्रस्तुति - कैप्टन मृगांक नंदन एण्ड टीम, पुणे
51. वर्ष के श्रेष्ठ लेखक (हिन्दी चिट्ठाकारी विषयक पोस्ट) - श्री प्रमोद ताम्बट, भोपाल
हिन्‍दी ब्‍लॉग प्रतिभा सम्‍मान-२०११
इसके अंतर्गत ग्यारह ब्लॉगरों के नाम तय किये गए हैं , जिन्हें हिंदी ब्लॉगिंग में
दिए जा रहे विशेष योगदान के लिए हिन्‍दी ब्‍लॉग प्रतिभा सम्‍मान प्रदान किया जायेगा : -
(१) श्री श्रीश शर्मा (ई-पंडित), तकनीकी विशेषज्ञ, यमुनानगर (हरियाणा)
(२) श्री कनिष्क कश्यप, संचालक ब्लॉगप्रहरी, दिल्ली
(३) श्री शाहनवाज़ सिद्दिकी, तकनीकी संपादक, हमारीवाणी, दिल्ली
(४) श्री जय कुमार झा, सामाजिक जन चेतना को ब्लॉगिंग से जोड़ने वाले ब्लॉगर, दिल्ली
(५) श्री सिद्दार्थ शंकर त्रिपाठी, महात्मा गांधी हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
(६) श्री अजय कुमार झा, मीडिया चर्चा से रूबरू कराने वाले ब्लॉगर, दिल्ली
(७) श्री रविन्द्र पुंज, तकनीकी विशेषज्ञ, यमुनानगर (हरियाणा)
(८) श्री रतन सिंह शेखावत, तकनीकी विशेषज्ञ, फरीदाबाद (हरियाणा )
(९) श्री गिरीश बिल्लौरे 'मुकुल', वेबकास्ट एवं पॉडकास्‍ट विशेषज्ञ, जबलपुर
(१०) श्री पद्म सिंह, तकनीकी विशेषज्ञ, दिल्ली
(११) सुश्री गीताश्री, नारी विषयक लेखिका, दि‍ल्ली
हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत में इनके योगदान को चिन्हित करने के लिए
हिन्‍दी साहित्‍य निकेतन और नुक्‍कड़ डॉट कॉम की ओर से हिन्‍दी ब्‍लॉग प्रतिभा सम्‍मान आरंभ किया गया है।
हिन्‍दी ब्लॉग की दुनिया के हस्ताक्षरों से मिलने
और कार्यक्रमों का आनंद उठाने के लिए आपका स्‍वागत है
अब मिलिए इन व्लॉगरों से!
इस कड़ी में मैं आज आपको मिलवा रहा हूँ!
1 जनवरी, 2011 से ब्लॉगिंग कर रहीं
मुम्बई (बसई) महाराष्ट्र की
श्रीमती दर्शन कौर धनोए जी से!
My Photo
ये अपने बारे में लिखतीं हैं-
मेरे मन मै जो भी अरमान है उन्हें पूरा करने कि कोशिश करती हु..मन से बहुत भावुक हूँ ..खुश रहती हु इसलिए चाहती हु की सब खुश रहे .. मेरा जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर शहर मे २८मार्च को हुआ , शिक्षा मनासा और मंदसोर मे हुई ..फिलहाल बॉम्बे मे रहती हु ..बचपन से धुमने का शोक है ..पहाडो पर मेरा दिल बसता है ..वही बसने का अरमान है ...न जाने कब पूरा होगा ..सपने बहुत है ....?
इनके ब्लॉग हैं-
प्यारी माँ (साझा ब्लॉग)
देखिए इनकी पहली पोस्ट!

Saturday, January 1, 2011

अरमान

अरमान आसमान पर छाए हुए बादलो की तरह होते है,
जो सिवाए कुदरत के हुकुम के कभी नहीं बरसते |

जब तक कुदरत को मंज़ूर न हो,
कोई अरमान पूरा नहीं हो सकता |

" तू इस तरहा से मेरी ज़िन्दगी में शामिल है
जहा भी जाऊ यह लगता है तेरी महफ़िल है
यह रही इनकी अद्यतन पोस्ट!

Wednesday, April 27, 2011

!!! जुदाई !

" हर मिलन के बाद जुदाई क्यों है "

फिर आई जुदाई की रात-----?
मै तुमसे जुदा होना नही चाहती !
तुझको पा न सकी क्योकि ,
यह मेरी खुदाई नही चाहती ?
**************************************
मिलकर बिछड़ना ही था इक दिन हमदम
तो यह मुलाक़ात क्यों हुई ?
उल्फत में ठोकरे थी ,दर्द था ,रुसवाई थी
तो हसीन सपने क्यों दिखाए
क्यों हसरते जवा हुई ?
क्यों उमंगो ने पींगे भरी ?
जब आँखों में चाहत के बादल नही थे तो ,
क्यों अरमानो की बारिश हुई ..
ऐसे नही फैलाउंगी मैं अपनी लाज का आंचल
तुम्हारे निष्ठुर,नापाक कदमो तले --?
जब जिन्दगी से मुझे कोई सोगात नही मिली
पल भर की पहचान का क्या मानी 'दर्शी'
जब तेरा साथ ही नही मिला राह दिखाने मुझे
तो यह 'आस' का तोहफा आखिर किस लिए
थाम लिया था हाथ जब तुने किसी का
उम्र -भर निबाहने के लिए --
तो मेरे मन में यह तृष्णा क्यों जगाई ?
जब जिन्दगी की कश्ती फंसी लहरों में
तो हंसकर -- दामन छुड़ा ,जाने लगे !
जब साथ ही नही देना था मंजिले -राह में मुझे
तो यह तक्कलुफ़ का इकरार किसलिए
जख्म खाकर जिन्दगी -भर का
यू बिछड़ना मुश्किल हुआ मुझसे
जब साथ नही था राहगुजर में
तो इश्क की इब्तिदा क्यों हुई !

आँखों में अश्क ही देना था निर्मोही --
तो यह हार - श्रृंगार किस लिए !
यह हसरतो की बारात किसलिए !
यह सांसो की सोगात किसलिए !
यह प्यार का अहसास किसलिए !
तुझे पाने की चाह किसलिए !
अब मैं आपको मिलवा रहा हूँ
17 दिसम्बर, 2007 से

Coral के नाम से अपना ब्लॉग चला रहीं

यह रही इनकी प्रथम पोस्ट!

MONDAY, DECEMBER 17, 2007

कोरल उवाच

कोरल उवाच
बरच काही लिहायचा घाट घालते पण दुश्ट वेळ...
जिवनात कितितरि गोश्टि करयच्या असतात पण वेळ.... ख्ररच काय कराव याच?
---------
और यह रही इनकी अद्यतन पोस्ट

WEDNESDAY, APRIL 27, 2011

बारिश

पिछले दो दिनों से मौसम कुछ सर्द चल रहा है ... हलकी हलकी बूंदा बांदी हो रही है ... मुझे हमेशा से बारिश से एक अलग सा लगाव रहा है ..... बचपन में ...वो स्कूल से आते हुए दोस्ते को के साथ भीगना... माँ की डाट ...फिर वो कॉलेज कैंटीन की मीठी बारिश की यादे .... फिर प्यार के साथ वो तन मन डूबो के भीगने वाले दिन ... उफ़ ये बारिश ... आज भी बादल छाते है तो मन में वही पुराने गीत उमड़ आते है ... बारिश की ये रिमझिम गिरती बूंदों की आवाज़ मेरे मन मस्तिष्क में शांति लाती है ... मेरे मन को तरो ताज़ा कर देती है ... मुझे खींच लेजाती है मेरे बचपन के दिनों की ओर जहाँ बिना किसी झिझक के मैं खूब नाचती थी और कागज के नाव के साथ खेलती थी ...
वो मासूमियत भरे दिनों की याद आज भी मुझे सुकून देती है ... दिल करता है फिर से वही मासूम पल में जियूं ... फिर से बारिश में भीग जाऊ ... फिर उन पलो में डूब जाऊ ....
आज मौसम जरा सर्द है
दिल में उठा क्यूँ ये दर्द है
पहली बारिश की वो यादें
लेके ये आता है
तन मन को फिर मेरे
भीगो जाता है
आज भी भीग लूँ मैं
तेरी बाहों में इस तरह
मिल जाए मेरी रूह
तेरी रूह के साथ
जैसे माटी मिले
जल के साथ
वही पहली खुशबु
आज ये मौसम लाया है
दिल में तेरे प्यार का
मौसम आया है
अब में आपको मिलवाता हूँ,
5 नवम्बर, 2008 से ब्लॉगिंग शुरू करने वाले
विख्यात कार्टूनिस्ट काजल कुमार से!
देखिए इनकी प्रथम पोस्ट!

WEDNESDAY, NOVEMBER 5, 2008

मेरी मुहिम

मेरी मुहिम साफ़ है
मैंने ज़मीन बाँट
कर देश बनाए,
पानी बांटा सागर का,
फिर बांटा आकाश...

कोई मुगा़लते में न रहे
मेरी मुहिम साफ़ है.
और यह रही इनकी अद्यतन पोस्ट!

FRIDAY, APRIL 22, 2011

मेरी ढाका (बांग्लादेश) यात्रा

image
दिल्ली से ढाका मात्र 1.45 घंटे से 2.15 घंटे की हवाई यात्रा है. जेट एअरवेज़ की सीधी फ़्लाइट उपलब्ध है. कोलकाता से ढाका तक, सड़क से 11 घंटे का रास्ता है जो सिराजगंज के पास बांग्लादेश में जाता है. पहले जसूर (निकट खुलना) से होकर भी एक छोटा रास्ता था, किन्तु आजकल इसके प्रयोग होने की मुझे जानकारी नहीं है. बांग्लादेश में विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लगभग 10,000 भारतीय हैं जो अधिकांशत: ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं. बांग्लादेश की जनसंख्या 14.5 करोड़ से ऊपर है. साक्षरता 55% है.
DSC02198DSC02201
बाएं चित्र में, हवाई अड़डे के ठीक पास ही ईंटों के भट्टे दिखाई देते हैं. दाएं चित्र में, हवाई पट्टी के बगल में पानी देखा जा सकता है. भूमि क्षरण बांग्लादेश की बहुत बड़ी समस्या है जो नदियों के जल-कटाव व उठते समुद्र के कारण है. 2020 तक यहां 2 करोड़ लोगों के विस्थापित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है.
DSC02208
‘ढाकई जामदानी’ महीन कढ़ाई वाली यहां की मशहूर साड़ी है. प्रसिद्ध दुकान ‘तंगैल साड़ी कुटीर’ पर पं.रविशंकर का चित्र भी लगा है. ढाका में पता ही नहीं चलता कि आप भारत से बाहर हैं. यहां 1971 में भी रसोई गैस की पाइप-स्पलाई थी. पर आज गैस की बढ़ती मांग के चलते सरकार नए पाइप कनेक्शन देने में आना-कानी बरत रही है. कई इमारतों को तो पिछले एक साल से बिजली कनेक्शन नहीं दिये जा रहे हैं, कारण – विजली की घोर कमी. यहां, इन्फ़्रास्ट्रक्चर में निवेश की कड़ी ज़रूरत है पर सरकार के संसाधन बहुत सीमित हैं.
DSC02211DSC02213DSC02214
‘पैन पैसिफ़िक सोनारगांव’ यहां का सबसे अच्छा होटल माना जाता है, दूसरे नंबर पर रैडीसन है. इस होटल में एक रिक्शे की यूं नुमाइश की गई है. यहीं एक राजा-महाराजा स्टाइल की कुर्सी भी है जिसपर बैठ कर जूते पालिश करवाए जा सकते हैं. जूते पालिश करने वाला सामने नीचे की ओर बैठता है (मुझे हैरानी भी हुई जब एक दिन मैंने, सचमुच ही दक्षिण-ऐशियाई मूल के एक महानुभाव को जूते पालिश करवाते पाया) This can happen only in.…
DSC02215DSC02230
इस होटल में, दुनिया भर के बड़े लोगों के चित्र हैं जो यहां ठहरे. इनमें कोई भारतीय नहीं है. दायां चित्र, होटल में कई जगह यह सूचना लगी मिलती है बातर्ज़ ‘सवारियां अपने सामान के लिए ख़ुद ज़िम्मेदार हैं…’ …अद्भुत…
DSC02216DSC02217
ढाका एक बहुत बड़ा शहर है. यहां अच्छी बड़ी इमारतें चारों ओर हैं. यहां मध्यम वर्ग अभी भी बहुत सशक्त नहीं है. भिखारी यहां हर जगह मिलेंगे. अभी यहां 3G तकनीक उपलब्ध नहीं है पर सरकार कोशिश कर रही है. WiFi कई जगह उपलब्ध है पर गति डायल-अप दिनों की याद दिलाती है.
DSC02218DSC02223
यहां केवल ट्रैफ़िक ही नहीं, पैदल चलने वालों का भी अथाह समुद्र चारों ओर है (बाएं चित्र में पेड़ों से ऊपर देखें). कुछ खाली जगह पहली बार दिखी पर वहां भी इमारतों की तैयारी देखी जा सकती है.
DSC02220DSC02241
द डेली स्टार यहां का प्रमुख समाचार-पत्र है. दाएं, इसी पत्र में, बांग्ला-जीवन को दर्शाते कुछ चित्र.
DSC02239DSC02244
भारतीय उद्योग जगत की यहां उपस्थिति देखी जा सकती है. अल्ट्राटेक सीमेंट ने भी यहां दस्तक दे दी है. भारतीय-एअरटेल के प्रिपेड से SMS करने के Rs. 25/-, काल रिसीव करने के Rs.100/-, भारत बात करने के Rs.150/- व लोकल बात करने के Rs.50/- प्रति मिनट लगते हैं. निरी लूट है ये. यहां की मुद्रा ‘टका’ (जिसे टाका उच्चारित करते हैं) को Tk लिखा जाता है, जैसे हम Rs. लिखते हैं. एक डालर में मुझे 74.50 टके मिले. यहां की 50% जनसंख्या सेवा-क्षेत्र में है, 30% उत्पादन में व केवल 20% कृषी में. भारत की तुलना में यह निश्चय ही बेहतर स्थिति है.
DSC02240
‘इन्टरनेशनल आर्गेनाइज़ेशन फ़ार माइग्रेशन’ इंग्लैण्ड व स्विस हवाज़ों से हज़ारों बांग्लादेशियों को लीबिया से निकाल चुकी है पर अभी भी वहां इसके हज़ारों नागरिक फंसे हुए हैं (22 अप्रेल 2011 की रिपोर्ट) . भारत ने अपने 16 हज़ार से ज़्यादा सभी इच्छुक नागरिकों 2 महीने पहले ही वहां से निकाल लिया था.
DSC02203
यहां, भारत में बनी मारूति 800 को टैक्सी के रूप में चलते देखा जा सकता है. भारतीय टी.वी. सीरियल यहां बहुत पसंद किये जाते हैं. यहां के सरकारी टी.वी. चैनल का हाल तो दूरदर्शन से भी बुरा है.
DSC02232DSC02234DSC02235
ढाका ट्रैफ़िक-जाम का शहर है. एक दिन, 2.5 किलोमीटर रास्ता (यहां के लोग किलोमीटर को केवल किलो कहते हैं) मैंने 45 मिनट में तय किया. यहां पैदल चलना समय बचा सकता है पर, किसी को कहीं भी दिन दहाड़े लूटा जा सकता है. यहां कोई किसी की सहायता नहीं करेगा. ढाका निहायत असुरक्षित शहर है. पुलिस एक दम लठैत है, इनके सामने भारतीय पुलिसिये गइया हैं.
DSC02242DSC02237
प्रधानमंत्री ने 7 कमरों वाला नया घर गुलशन इलाके़ में चुना है. इसी इलाक़ें में भारतीय रेस्टोरेंट ‘ख़ज़ाना’ भी है. इसे ढाका का सबसे उम्दा भारतीय खाने का रेस्टोरेंट माना जाता है.
DSC02243DSC02245
सुबह-सवेरे, हवाई अड़डे की ओर जाते हुए यूं खाली सड़के देखना एक सुखद अनुभव था. गाड़ियों की नंबर प्लेट पर ‘ढाका मेट्रो’ लिखा होता है जैसे हम DL, RJ इत्यादि लिखते हैं.
DSC02246
यहां के हवाई अड्डे का नाम ‘हज़रत शाहजालान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा’ है. यह एक साधारण हवाई अड्डा है.
अब इनका एक कार्टून भी देख लीजिए!
मित्रों! अभी मुझे
हिंदी चिट्ठाकारों का महासम्मेलन में शामिल होने के लिए
दिल्ली के लिए निकलना है!
इसलिए आज की चर्चा को यहीं पर विराम देता हूँ!
बुधवार को फिर भेंट होगी!

15 comments:

  1. आज आपने चर्चा मंच में, जिन लोगों को पुरूस्कार मिलने वाले हैं उनकी जानकारी दी है |
    बहुत अच्छी चर्चा के लिए आभार |
    आशा

    ReplyDelete
  2. बहुत ही सुंदर चर्चा....व्यस्तता के कारण कल तो उपस्थित नहीं हो पाऊँगा..इतने बड़े ब्लाग संगम में..पर अपनी शुभकामनाएं भेज रहा हूँ।

    ReplyDelete
  3. ब्लॉग सागर से चुने गये सभी सम्मानित रत्नों को उनकी उपलब्धियों के लिये हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर और सार्थक चर्चा।

    ReplyDelete
  5. चर्चा मंच को तथा चर्चा मंच से जुडे सभी पाठकों और चर्चाकारों को 500 वीं पोस्ट की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें …………ये सफ़र निरन्तर चलता रहे और हम सभी इसकी जल्द ही 1000 वीं पोस्ट पढें।

    ReplyDelete
  6. charcha manch kee 500 vi post ke liye hardik shubhkamnayen.

    ReplyDelete
  7. चर्चा मंच की ५० वीं पोस्ट के लिए बधाई !
    आज की चर्चा अच्छी लगी !

    ReplyDelete
  8. चर्चा मंच की ५०० वीं पोस्ट के लिए बधाई |३० अप्रैल के कार्यक्रम के सफल सञ्चालन के लिए शुभकामनायें |सुंदर लिंक्स आभार |

    ReplyDelete
  9. बहुत सुंदर चर्चा..
    ३० अप्रैल के कार्यक्रम के सफल सञ्चालन के लिए शुभकामनायें |

    ReplyDelete
  10. सभी सम्मानितों को हार्दिक बधाई!

    विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

    ReplyDelete
  11. sabhi sammanit bloggars ko bahut bahut badhayi.

    bahut acchhi charcha.

    aabhar.

    ReplyDelete
  12. ५००वी पोस्ट के लिए हार्दिक बधाइयाँ /जिन ब्लोगेर्स को पुरस्कार मिलें हैं /उनकी मेहनत और सफलता के लिए दिल से शुभकामनाये /हमारा ब्लॉग मंच दिन दुगनी रात चोगनी तरक्की करे /बस यही कामनाएं है /

    ReplyDelete
  13. मंच!
    मुबारक, शुभकामनाएं, बधाई!!!

    बहुत अच्छी चर्चा।

    ReplyDelete
  14. चर्चा मंच के ५०० वें अंक की बधाई ...

    सार्थक चर्चा

    ReplyDelete
  15. अच्छी चर्चा के लिए आभार ...

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

विदेशी आक्रमणकारी बड़े निष्ठुर बड़े बर्बर; चर्चामंच 2816

जिन्हें थी जिंदगी प्यारी, बदल पुरखे जिए रविकर-   रविकर     "कुछ कहना है"   (1) विदेशी आक्रमणकारी बड़े निष्ठुर बड़े बर्...