चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Thursday, April 21, 2011

संक्षिप्त चर्चा………………चर्चा मंच

दोस्तों
चर्चामंच पर
 आप सबका स्वागत है 
 ज्यादा लिंक्स नहीं दे पाऊँगी
लेकिन जो दे रही हूँ 
उम्मीद है पसंद आयेंगे   

 फिर भी लिखी गयी 

है किसी को पता 



 ज़रा जानिए तो सही 


नज़रिए का 


कु्छ निशाँ उम्र भर दिल पर दस्तक देते हैं


इनकी ही भाषा होती है


चलो अच्छा है वरना आज वफ़ा कम ही नज़र आती है 


 अध्यक्ष बनने पर बधाई 


 खुदा की नेमत 


कभी नहीं होगा 


और हमेशा रहेगा 


 स्वर्णिम पल होते वहां 


 कौन ?


 अपनी पहचान आप है


एक नशा


 ज़रा झुके होते


ज़िन्दगी से मिला दिया 


 भूलने वाले कब वापस आये हैं

 ज़िन्दगी का


 बांचिये इसे भी

ज़रा जानिए क्यूँ है उदास 


ज़िन्दगी कैसे नज़र चुराती है


मिलिये एक खास शख्सियत से
एक अलग ही नज़रिया है

हर कविता यथार्थ के करीब
दिल के करीब
स्त्री मन के भावों का
बेहद खूबसूरत संगम 
आज उनकी तीन 
रचनाओं से मिलवा रही हूँ
जिनसे आप उनकी सोच 
और व्यक्तित्व से 
प्रभावित हुये बिना 
नही रह सकेंगे
ये हैं अनीता शर्मा जी 
पेशे से पत्रकार अनीता 
 इंडिया टुडे में 
बतौर सीनियर सब एडिटर
कार्यरत हैं। 
ब्लॉग का शीर्षक है–रास्‍ते खत्‍म नहीं होते…

मेरा अस्तित्व: वीर्य सा

 एक बेजोड रचना


ये मेरी भावनाएं...

कैसे होती हैं तिरस्कृत



स्तनों का जोड़ा

ये भी बहुत कुछ कह्ता है 




अब आज्ञा दीजिये 
फिर मिलेंगे
तब तक अपने विचारों से
अवगत कराते  रहिये

28 comments:

  1. अच्छी चर्चा ....आपका आभार मेरी रचना को शामिल करने के लिए ...!

    ReplyDelete
  2. vandana ji ,
    aapke hanthon saje ,sanware gaye gulshan men manohari gulon se ru-baru hokar sukhad ahsas hua . safal prayas
    badhayi .

    ReplyDelete
  3. सुन्दर चर्चा के लिए आभार

    ReplyDelete
  4. blog maala chrchaa mnch ki lokpriytaa ke liyen hardik bdhaai . akhtar khan akela kota rajsthan

    ReplyDelete
  5. अच्छे लिंक मिल गये.

    ReplyDelete
  6. जल्दी में भी अच्छी चर्चा ..

    ReplyDelete
  7. बहुत ही सुन्दर पोस्ट...धन्यवाद..

    ReplyDelete
  8. चर्चा में लेने के लिए आभार।
    अभी तो अनीता जी की तीनो पोस्ट ही पढ़ी हैं...
    शेष पढ़ूँ तो कुछ कहूँ..

    ReplyDelete
  9. कुछ लिंक काफी अच्छे लगे... इस चर्चा के लिए धन्यवाद!

    ReplyDelete
  10. बहुत अच्छे लिंक्स समेटे उम्दा चर्चा ...सभी पोस्ट पढ़ आए ...आभार

    ReplyDelete
  11. सीधी-सादी अच्छी चर्चा।
    बाँच लिया है पूरा पर्चा।।

    ReplyDelete
  12. bahut bahut shukriya Vandana ji itne sundar manch par meri rachna ko sthan dene ke liye .

    ReplyDelete
  13. वाह ... बहुत ही अच्‍छी चर्चा .. आभार इस बेहतरीन प्रस्‍तुति के लिये ।

    ReplyDelete
  14. सुंदर लिंकों से सजी बेहतरीन चर्चा।

    ReplyDelete
  15. अच्छी चर्चा ....अच्छे लिंक ...
    ..आभार

    ReplyDelete
  16. अच्छे लिंक्स, अच्छी चर्चा.

    ReplyDelete
  17. वन्दना जी, चर्चा मंच पर मेरी रचना को शामिल करने के लिये आभार...अभी कुछ ही लिंक्स पढ़े हैं कोशिश करूँगी कि सब लिंक्स जरूर से पढूँ.....

    ReplyDelete
  18. सुन्दर चर्चा..रचना शामिल करने का आभार..

    ReplyDelete
  19. चर्चा बहुत अच्छी लगी..कुछ लिंक तो बहुत ही बेहतरीन हैं...

    ReplyDelete
  20. bahut achchi charcha behtarin links ke saath. hardhik badhai. meri kavita ko bhi aapne shaamil kiya, aabhari hoon.

    ReplyDelete
  21. हमेशा की तरह बढ़िया चर्चा ... अच्छे लिंक समाहित किये हैं चर्चा में....बधाई

    ReplyDelete
  22. सुंदर चर्चा ,मुझे शामिल करने के लिये बहुत बहुत आभार ।

    ReplyDelete
  23. बहुत अच्छे लिंक्स समेटे उम्दा चर्चा

    सीधी-सादी अच्छी चर्चा।
    बाँच लिया है पूरा पर्चा।।

    हम खुश हैं कि हमें सद्र मोहतरम जनाब डा. रूपचंद शास्त्री ‘मयंक‘ जी के रूप में एक होशमंद दानिश्वर मिला जो हमारा साथी भी है और हमारा बुज़ुर्ग भी The President

    http://mushayera.blogspot.com/

    ReplyDelete
  24. आपका आभार... मेरे ब्लॉग को शामिल करने के लिए...
    आपकी इस चर्चा से नए ब्लॉग तक पहुँच पाए है कुछ लोग ...पढ़ने के लिए लिस्ट बढ़ी है...शुक्रिया...

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin