चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Monday, May 16, 2011

संगीतमयी गीतमाला मे स्वागत है …………चर्चा मंच

दोस्तों
आज संगीतमयी गीतमाला में 
आप सबका स्वागत है 
आइये आज कुछ देर उन 
लम्हों की जी लिया जाये 
इन गानों के संग
जिन्हें हम ज़िन्दगी की 
आपाधापी में बहुत 
पीछे छोड़ आये हैं 
और खो जाएँ उन लम्हों में
जो कभी हम सब की 
ज़िन्दगी हुआ करते थे   
जुबान पे दर्द भरी दास्ताँ चली आई
बहार आने से पहले खिज़ां चली आई  

दिन महीने साल बदलते जायेगे
हम प्यार में जीते प्यार में मरते जायेंगे
  
कितना आसाँ होता है ......
कितना आसाँ है कहना भूल जाओ
कितना मुश्किल है पर भूल जाना   


 चलना ही जिंदगी
 जीवन चलने का नाम
चलते रहो सुबहो शाम

आने वाला पल जाने वाला है  
हो सके तो इसमें ज़िन्दगी बिता दो
पल ये भी जाने वाला है 

 परदे में रहने दो पर्दा न हटाओ
 पर्दा जो उठ गया तो भेद खुल जायेगा 

यहाँ मैं अजनबी हूँ 
मैं जो हूँ बस वही हूँ

 सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी
सच है दुनिया वालों के  हम हैं  अनाड़ी 

मेरे सपनो की रानी कब आएगी तू 
बीती जाये जिंदगानी कब आएगी तू
चली आ तू चली आ 

 नज़र न लग जाये किसी की राहों में
छुपा के रख लूं आ तुझे निगाहों में 
तू खो ना जाए .......ओ माय लव

गूगल की नहीं सुविधा अब बोलकर सर्च करे
धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले 
सुन ना ले कोई सुन ना ले

ये तेरा घर ये मेरा घर 
किसी को देखना हो गर
तो पहले आके मांग ले
तेरी नज़र मेरी नज़र 

 मैं तो हर मोड़ पे तुझको ढूँढा सदा
मेरी आवाज़ को दर्द के साज़ को
तू सुने न सुने 

 ओ मेरे दिल के चैन -ओ मेरे दिल के चैन
चैन आये मेरे दिल को दुआ कीजिये

मेरे दिल में आज क्या है 
तू कहे तो मैं बता दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर संवारूं
तेरी मांग फिर सजा दूँ  

ये है रेशमी जुल्फ़ों का अन्धेरा न घबराइये
जहाँ तक महक है मेरे गेसुओं की चले आइये

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार
किसी का दर्द मिल सके तो ले उधर
किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है    

नहीं बदली कहानी
ज़िन्दगी की यही रीत है
हार के बाद ही जीत है

नराई
उलझन सुलझे न
रास्ता सूझे न
जाऊं कहाँ मैं
जाऊं कहाँ 

एक अंगूठे का कमाल ....! 
सर जो तेरा चकराए
या दिल डूबा जाए 
आ जा प्यारे पास हमारे
काहे घबराए कहे घबराये 



क्या अखबार वालों को मूल पोस्ट में हेर-फेर करना चाहिए ??????? 
 दुनिया बनाने वाले 
क्या तेरे मन में समाई
 काहे को दुनिया बनाई 


जन्म-जन्मान्तर
 सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था
आज भी है और कल भी रहेगा  


समय
 वक्त ने किया क्या हसीं सितम
हम रहे न हम तुम रहे न तुम  


"उसने कहा था" - मैने नहीं ...
 जो तुमको हो पसंद वो ही बात कहेंगे
तुम दिन को अगर रात कहो रात कहेंगे 


इंतज़ार में तेरे....
मैं तेरे इश्क में मर न जाऊं कहीं
तू मुझे आजमाने की कोशिश न कर 


कुल की आखरी निशानी और बाबा का चमत्कारी उपाय
 तुझे सूरज कहूँ या चन्दा
तुझे दीप कहूँ या तारा
मेरा नाम करेगा रौशन
जग मे मेरा राजदुलारा


कब तक मेरे नारीत्व को ही मेरी उपलब्धि माना जायगा ?? 
दुनिया में हम आये हैं तो जीना ही पड़ेगा
जीवन है अगर ज़हर तो पीना ही पड़ेगा 
ये क्या जगह है दोस्तों 
ये कौन सा दयार है
हदे निगाह तलक जहाँ
गुबार ही गुबार है 

 तेरे चेहरे में वो जादू  है
बिन डोर खिंचा जाता  हूँ
जाना होता है और कहीं
तेरी और चला आता हूँ   

 तुमसे मिलके 
ऐसा लगा तुमसे मिलके
अरमाँ हुए पूरे दिल के
 हाय हाय ये मजबूरी
ये मौसम और ये दूरी 
मैं अग्नि हूँ
 मधुबन खुश्बू देता है
सागर सावन देता है
जीना उसी का जीना है
जो औरों को जीवन देता है
 रामचंद्र कह गए सिया से
ऐसा कलजुग आएगा 
हंस चुगेगा दाना तिनका
कौया मोती खायेगा 
 तेरी गलियों में न रखेंगे कदम
आज के बाद 
तुझसे मिलने को ना आयेंगे सनम 
आज के बाद 
 हम बेवफा हरगिज़ न थे
पर हम वफ़ा कर न सके
हमको मिली उसकी सजा
हम जो गिला कर न सके   
 भूली हुयी यादो मुझे इतना न सताओ
अब चैन से रहने दो मेरे पास न आओ 
  
दिल दिल है कोई शीशा तो नहीं 
एक ठेस लगी और टूट गया  

उम्मीद है दोस्तों

आज की संगीतमयी गीतमाला में

आपको जरूर कुछ ऐसे पल याद आये होंगे

जो आपके दिल के करीब रहे होंगे 

हो सकता है एक पल की ख़ुशी मिली हो

और बस आपकी वो ही  ख़ुशी 

हमारी चर्चा का प्रतिफल है 

अब मिलते हैं अगली चर्चा में

तब तक अपने विचारों से 

अवगत कराकर हमारे 

हौसले को परवाज़ दीजिये

42 comments:

  1. चर्चा मंच से कई अच्छे नये ब्लाग के बारे में पता चलता है इसके लिये आपके आभारी है।

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  2. पोस्ट की चर्चा के साथ गीत का मुखड़ा!
    जवाब नहीं आपका वन्दना जी!
    --
    आभार!

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  3. bahut khoobsurat charcha vandna ji...aur charcha meri meri rachna ko shamil karne ke liye bahut bahut dhanybad....

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  4. बिलकुल नए अंदाज़ में चर्चा.... बेहतरीन लिनक्स लिए संगीतमयी चर्चा...

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  5. एक विशेष अंदाज आज के चर्चा मंच का |बधाई
    अच्छी लिंक्स और खोज उनकी |
    आशा

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  6. हमेशा की तरह बेहतरीन चर्चा ...
    आज देर हो गयी मुझे , कल पढ़ती हूँ सारे लिंक्स ...
    चर्चा में शामिल करने के लिए बहुत आभार !

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  7. बेहतरीन आभार !

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  8. चर्चा का संगीतमय अंदाज़ बहुत भाया।

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  9. अच्छा रहा यह प्रयास भी .....!

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  10. अच्छी लिंक्स.

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  11. गीतों से जिन्दगी मे बहार आ जाती है ..हमेशा गुनगुनाना मेरी फितरत है ..आज तो कमाल हो गया वंदना जी -- कभी गीतों भरी कहानियां लिखा करती थी ...याद दिलाने का शुक्रियां ...:)

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  12. आज तो बहुत से नये लिंक्स हैं, सुकून से पढ़ते हैं।

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  13. बहुत सुंदर संगीत मय. प्रस्तुति,बधाई
    आपकी हर चर्चा विशेष होती है
    घोटू

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  14. ek naye andaaj me post link dena...kamaal hai.bahut khoob.

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  15. वाह, बहुत सुन्दर संगीतमय चर्चा .. यह अंदाज देखकर मोगाम्बो खुश हुआ ...

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  16. शुक्रिया..............आभार..

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  17. Wow Vandna ji links to har baar ki tarah achche the hin par ye sangeetmai charcha padhkar to maza hin aa gaya. Kitni sari pasandida geet dikha di aapne ek saath wakai kabiletarif rahi aaj ki charcha :)

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  18. संगीतमय चर्चा
    और अच्छे विषयों से ली गयी चर्चा का भी समावेश
    लिए इस चर्चा के लिए
    बहुत शुभकामनाएं

    वंदना जी आपका बहुत आभार....

    "इंतज़ार में तेरे " को सम्मिलित करने का आपको बहुत बहुत आभार
    ....
    एक दोस्त के गीत को पढ़कर ..ये रचना अन्यास ही बनी थी.......
    उस दोस्त को भी बहुत आभार.....
    इस रचना को सुधर करने के लिए एक और दोस्त ने मुझे बोला...उस दोस्त को भी बहुत आभार
    थैंक्स ज्योति दी(भावनाएं) ,मुदिता जी(एहसास अंतर्मन के )......

    good wishes

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  19. वंदना जी लिंक्स के चयन कि तारीफ़ तो बाद में पहले तो आपके चुने गीतों कि तारीफ़ करनी पड़ेगी. बड़ा अच्छा तालमेल बनाया आपने पोस्ट और गीत में.

    बहुत बधाई इस लाजवाब चर्चा के लिए.

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  20. ye aapne bahut bhaari breakfast de diya..ab to din bhar bhookh naa lagegi..behatareen charcha vandana ji.. :)

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  21. संगीत मयी चर्चा बहुत अच्छी लगी .... उपयोगी लिंक्स का चयन ....आभार

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  22. बहुत ही सुरीली चर्चा...आनंद आ गया...बहुत ही सुंदर लिंक्सों का चयन साथ ही बेहतरीन प्रस्तुति....

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  23. चर्चामंच की चर्चा का ये नया अंदाज पसंद आया

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  24. bahut hi geet-sangeet main doobi jindagi ka yatharth liye sunder rachanaon ko sajaayaa hai aapne aaj ke charcha-manch main bahut bahut badhaai aapko.

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  25. लो आज फिर हम आपके गुलाम हो गये | बहुत - बहुत शुक्रिया वंदना जी बहुत ही खुबसूरत सजाया है आपने चर्चा मंच को बहुत खुबसूरत गीतों के साथ दिल खुश हो गया | और एक बार फिर हमें कटघरे में लाने का शुक्रिया आप सच में बहुत खुबसूरत दिल रखती हैं |
    शुक्रिया दोस्त |

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  26. This comment has been removed by the author.

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  27. वंदना जी,मेरी रचना को चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए बहुत-बहुत आभार.साथ ही इतने लोगों की भावनापूर्ण रचनाओं को पढ़वाने के लिए धन्यवाद. पुराने गीतों से सजाई गई भूमिका से एक ताजगीपूर्ण नवीनता का अहसास हुआ.लगा सावन समय से पहले ही आ गया.खूबसूरत.

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  28. बेहतरीन प्रस्‍तुति और लिंक्‍स के लिये आभार ।

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  29. वाह वाह बहुत ही मस्त अंदाज रहा. खूबसूरत गीतमाला से सजा दिया है चर्चा मंच.
    बहुत अच्छी लगा चर्चा.

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  30. बहुत अच्छे लिंक्स दिए हैं आपने धन्यवाद...

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  31. चर्चा में तीसरा खंबा को स्थान देने के लिए आभार!

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  32. हमेशा की तरह बेहतरीन चर्चा ...

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  33. चर्चामंच की चर्चा का ये नया अंदाज पसंद आया
    प्रस्‍तुति के लिये आभार

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  34. आप अच्छी हैं तो आपकी चर्चा भी अच्छी है और गीतों के वे बोल भी जो जाने अन्जाने गीतकारों ने लिखे और आपने चुने ।
    हमारे ब्लॉग मुशायरा को चर्चा में जगह देने के लिए शुक्रिया !

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  35. कहाँ से इतने सारे गाने याद कर करके लायी हो. बहुत सुंदर संगीतमाला. के साथ की गयी प्रस्तुति. कई नए लिंक मिलने के लिए धन्यवाद.

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  36. विभिन्न पोस्ट्स को गीतमाला में पिरोने का एक सुरीला अंदाज !

    मेरी पोस्ट "'उसने कहा था'- मैंने नहीं..." को चर्चा मंच में शामिल करने का धन्यवाद. और जिस गीत के साथ आपने उसे संबद्ध किया है वह भी पोस्ट्स के भाव को ही एक विशेष अभिव्यक्ति देता है. आभार.

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  37. आपका चर्चा मंच को प्रस्तुत करने का नया अंदाज़ काबिले तारीफ़ है...सुन्दर लिंक्स..आभार

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  38. पति द्वारा क्रूरता की धारा 498A में संशोधन हेतु सुझावअपने अनुभवों से तैयार पति के नातेदारों द्वारा क्रूरता के विषय में दंड संबंधी भा.दं.संहिता की धारा 498A में संशोधन हेतु सुझाव विधि आयोग में भेज रहा हूँ.जिसने भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के दुरुपयोग और उसे रोके जाने और प्रभावी बनाए जाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं. अगर आपने भी अपने आस-पास देखा हो या आप या आपने अपने किसी रिश्तेदार को महिलाओं के हितों में बनाये कानूनों के दुरूपयोग पर परेशान देखकर कोई मन में इन कानून लेकर बदलाव हेतु कोई सुझाव आया हो तब आप भी बताये.

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  39. आज कि चर्चा कुछ खास रही , गीतों भरी जो थी । बहुत आनंद आया । मेरे भी कुछ शब्दों को आपने इस गीतमाला में शामिल किया , आभारी हूँ । बधाई एवं शुभकामनाएँ ।

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  40. APKKEE PRASTUTI KAA NAYAA ANDAAZ
    DIL KO SPARSH KAR GYAA HAIN .
    BADHAAEE AUR SHUBH KAMNA.

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  41. सच.. कई नए ब्लाग की जानकारी हुई.. अच्छा विषय

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