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Monday, August 01, 2011

तुम्हें मुबारक़ मधुशाला! (सोमवासरीय चर्चा मंच-593)

मैं चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’  चर्चा मंच पर सोमवासरीय चर्चा में आप सब का स्वागत और अभिनन्दन करता हूँ। आज की चर्चा की शुरुआत होती है- 
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 1-
"मधुशाला" कई बार पढ़ने के बाद कुछ विचार मेरे मन में आए सो आदरणीय बच्चन जी की ही रवानी में कलमबद्ध कर दिये प्रस्तुत कर रहा हूँ "ग़ाफ़िल की अमानत" पर 'मधुशाला पर दो शब्द अपने भी'
मेरा फोटो
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2-
डॉ0 विजय कुमार शुक्ल ‘विजय’ "तिमिर-रश्मि" पर फ़रमा रहे हैं कि 'बहुत छिछोरा है मन मेरा' उनके मन का आंकलन करिए!
मेरा फोटो
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3-
"My Unveil Emotions" पर डॉ. आशुतोष मिश्र ‘आशू’ को विश्वास है कि 'बच्चे अब भी अपना फ़र्ज निभा रहे हैं'
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 4-
"राजभाषा हिन्दी" पर मनोज कुमार जी प्रस्तुत कर रहे हैं- 'मानवीय मूल्यों के संस्थापक- प्रेमचन्द्र'
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5-
"सुव्यवस्था सूत्रधार मंच" पर अंकित जी का ज्ञान का मुक्त प्रवाह या धन नियंत्रित ज्ञान, 'ज्ञान के लिए धन की आवश्यकता के दुष्प्रभाव'
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6-
"झरोख़ा" पर निवेदिता जी बता रही हैं 'डाइबिटीज'
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7-
"विचार" ब्लॉग पर मनोज कुमार जी प्रस्तुत कर रहे हैं पक्षियों का प्रवास-14, 'प्रवास में समूह-यात्रा'
migratingbirds-1-1
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 8-
"नवगीत" पर डॉ. व्योम प्रस्तुत कर रहे हैं डॉ. अश्वघोष की कविता 'मनचाहे सपनो को'
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 9-
"दिनेश की दिल्लगी, दिल की सगी" पर दिनेश जी 'अन्ना को बाबा सा घेर' रहे हैं
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10-

डॉ. राजेन्द्र तेला जी "निरन्तर" की कलम से 'जीने की हसरत अभी बाकी थी'
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11-
कनुप्रिया गुप्ता जी की "परवाज़" पर आवाज़ है 'हे अतिथि (कसाब) तुम कब जावोगे?'
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12-
देवेन्द्र पाण्डेय जी की "बेचैन आत्मा" 'गिरगिट कहीं की...!'
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13-
सहज साहित्य पर रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ का गाँव अपना (नवगीत )
शान्त एकान्त
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14-
"सुनहरी क़लम से..." जयकृष्ण राय तुषार जी प्रस्तुत कर रहे हैं 'सात ग़ज़लें-कवि सुरेन्द्र सिंघल' की
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15-
"उन्नयन" पर 'सावन-सावन' वाह भाई उदयवीर जी!
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16-
"काव्य-कल्पना" पर भाई सत्यम शिवम जी कर रहे हैं 'व्याह की बात' सभी आनन्द लेते हैं
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17-
"कुछ कहानियाँ, कुछ नज़्में"...सोनल रस्तोगी...'सड़कों पर ख़र्च होती ज़िन्दगी'
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18-
"प्रज्ञान-विज्ञान" पर डॉ. जे. पी. तिवारी जी का कहना है कि 'दूर तक जाना है हमको'
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 19-
कवि यौगेन्द्र मौदगिल 'चार पैसे कमा लिए उसने...'
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20-
"उसने कहा था..." से माधवी शर्मा गुलेरी जी ले चल रही हैं 'कोंकण किनारे एक ख़ूबसूरत पड़ाव' पर आइए सैर कर ली जाय
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21-
गिरीश पंकज जी 'हर सिम्त खुल रहे हैं बदन देख रहे हैं'

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22-
डॉ. रूप चन्द्र शास्त्री ‘मयंक’ का उच्चारण 'सियासत में तिज़ारत है'
मेरा परिचय
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23-
डॉ.वर्षा सिंह को "ग़ज़ल यात्रा" में 'कोई अपना सा मिल गया होगा'... बहुत-बहुत बधाई डॉक्टर साहिबा!
मेरा फोटो
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24-
श्यामल सुमन जी कह रहे हैं "मनोरमा" पर 'शिकायत कैसी'
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और अन्त में
25- 
"काल चिंतन" पर एस. एन. शुक्ल जी का बहस और विचार 'नपुंसकों से भरी दिल्ली?'


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 अब आप लोगों से अगले सोमवार यानी 08-08-2011 को मुख़ातिब होऊँगा, तब तक के लिए नमस्कार!

31 comments:

  1. आज रांची प्रवास के मध्य में हूँ |
    एक मित्र के घर से आपका आभार कर रहा हूँ ||

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  2. आज की चर्चा पच्चीसी का तो ज़वाब नहीं!
    बहुत परिश्रम किया है आपने सोमवार के चर्चा मंच को सजाने मे!

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  3. i am very sorry witting in English,due to lack of proper net working .

    Really mishra ji ,I read today's
    CHARCHA-MANCH posts ,I am proud of you. Thanks for your maneuverability, sense of literature, above all your approach..../thanks a lot sir .

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  4. सुंदर लिनक्स समेटे बेहतरीन चर्चा.... आभार

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  5. bahut achche links hain ...
    kafi rochak jankari se paripoorn is charcha ke liye abhar..

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  6. बड़े अच्छे लिंक हैं। शाम को इतमिनान से पढ़ना पड़ेगा।...आभार।

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  7. बहुत ही शानदार चर्चा....
    बहुत ही अच्छे लिंक्स...
    सादर...

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  8. स्तरीय पोस्टें लाने का आभार।

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  9. chandr bhooshan mishr'Gafil ji'
    आपने आज का चर्चा मंच बहुत ही खूबसूरत प्रस्तुतियों और विद्वान् रचनाकारों से सजाया है और मुझ जैसे रचनाकार को स्थान देकर आपने हमें अनुग्रहीत किया है, आभारी हूँ धन्यवाद.

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  10. बढ़िया लिनक्स .. बहुत सुन्दर चर्चा...

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  11. चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’जी,

    आज के चर्चा मंच को बहुत ही सुन्दरता से सजाया है आपने. बहुत ही रुचिकर लिंक्स दिए हैं.

    आज की इस सुन्दर चर्चा में मेरी ग़ज़ल को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार.

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  12. कई अच्छी रचने पढने मिल गई आज के मंच के माध्यम से.
    मेरी रचना को शामिल करने का धन्यवाद्.

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  13. सुन्दर लिंक्स से सजी सुन्दर चर्चा।

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  14. चर्चा मंच में स्थान देने के लिए धन्यवाद,
    अच्छे लिंक्स दिए हैं
    कृपया मेरे नाम में सुधार कर लें
    "सिंह,हटा दें

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  15. तेला जी आपके नाम में सुधार कर दिया गया है, पता नहीं कैसे हो गया? शायद ज़ल्दबाजी में। हमें खेद है

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  16. आदरणीय मिश्र जी आपकी प्रस्तुति बेजोड़ है बधाई और शुभकामनायें |

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  17. आदरणीय मिश्र जी आपकी प्रस्तुति बेजोड़ है बधाई और शुभकामनायें |

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  18. बहुत सुन्दर लिंक, एक संतुलित और मनोहारी चर्चा. आपकी मधुशाला ने तो एक पूरा चित्र , सजीव चित्र. चित्र क्या वेदिओग्रप्फ्य कहेंगे इसे. बच्चान जी ने तो शब्द-चित्र, भाव चित्र हो प्रस्तुत किया था. आपने चल चित्र इस रूप में प्रस्तुत किया जो सोचने, समझने और विचारने पर मजबूर करता है. भधाई इस प्रस्तुति के लिए.
    मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए आभार!!

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  19. बहुत मेहनत से आपने सजाया संवार है चर्चा को बेहद खूबसूरत बन पड़ी है बधाई स्वीकार करें

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  20. आपका चयन लाजवाब है।
    उस पर से जो रंग-रंग के रंगों से मंच को सजाया है आपने वह बड़ा ही मनभावन है।

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  21. बहुत ही अच्‍छी चर्चा ...प्रस्‍तुति का आभार ।

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  22. बहुत ही शानदार चर्चा....
    बहुत ही अच्छे लिंक्स...
    सादर...

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  23. सारे लिंक्स शानदार हैं पढ़ने का मौका देने के लिए आभार

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  24. सुन्दर चर्चा...अच्छे लिंक्स

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  25. आप सभी शुभचिन्तकों का उत्साह वर्द्धन के लिए बहुत-बहुत आभार

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  26. बहुत ही स्तरीय और सुन्दर लिंकों का चयन तथा सुरुचिपूर्ण प्रस्तुतिकरण के लिए बधाई और आभार

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