चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Tuesday, August 23, 2011

अन्ना और अमन शांति

Picture 114चर्चाकार :ब्लॉगजगत एस एम् मासूम के नाम से जानता है और अमन के पैग़ाम के नाम से पहचानता भी है.
यह  हिन्दुस्तान कि खासियत है कि सभी धर्म के लोग यहाँ एक दूसरे के त्योहारों मैं शरीक होते हैं, बधाई देते हैं. इस से आपस का प्रेम बढ़ता है.

यह महीना  रक्षा बंधन, जन्माष्टमी और रमजान कि बधाइयों का महीना था. मेरी तरफ से भी सब को बधाई. रमजान के मुबारक दिनों मैं आखरी सप्ताह कि बहुत ही अहमियत है. इस सप्ताह अल्लाह कि इबादात आप कि दुनिया और आखिरत दोनों सुधार देती है. हाँ इस सप्ताह मैं एक दुखद घटना भी है और वो है २१ रमजान को  मुसलमानों के खलीफा हज़रत अली (अ.स) को इसलिए शहीद किया गया क्यों कि वो समाज को भाईचारे और शांति का सदेश देते थे.  
imageबचपन से ही मुझे इस चित्र ने आकर्षित किया है जिसमें एकाकी रेगिस्तानी हरा पेड़ होता है. दूसरे चित्र भी अच्छे लगते हैं जैसे एकाकी घोड़ा, नाव, टापू, धरती, पुरुष, स्त्री, पक्षी, बादल आदि.
एकाकीपन के चित्र क्यों अच्छे लगते हैं
imageमित्रों!
अभी अपनी कुछ परेशानियों के कारण
नेट पर नियमित नहीं हो पाऊँगा।
कुछ रचनाएँ शैड्यूल की हैं 
आप इनका आनन्द लेते रहिए। डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)

किस उम्र से बच्चे को ट्यूशन भेजना चाहिए?ये एक ऐसा विषय है जिस पर आज तक कोई सार्थक बहस नहीं हो पाई, आज ट्यूशन फैशन के साथ जरूरत भी बन गया है, बिना ट्यूशन बच्चा नर्सरी भी पास नहीं कर पाता है,

imageभारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह भी कहा है कि भारत का लगभग 280 लाख करोड़ रुपये उनके स्विस बैंक में जमा है. ये रकम इतनी है कि भारत का आने वाले 30 सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकता है

“दर्द होता रहा छटपटाते रहे, आईने॒से सदा चोट खाते रहे, वो वतन बेचकर मुस्कुराते रहे

backgroundइज्ज़त से दो पैसा जहाँ से मिले कमाना चाहिए. मैंने एक शुरूआत कि है ब्लॉग बना के कैसे कमाया जाए. यकीनन यह कमाई आप अधिक नहीं तो कम से कम इतनी तो कर ही सकते हैं कि इन्टरनेट का खर्च निकल आये.
आपके वेबसाइट बनाने से संबधित सवाल हमारे जवाब
http://jagranjunction.com/avatar/user-390-96.pngदेहात और कस्बे के बीचोबीच वह चाय की चलायमान दुकान थी जिसपर थोड़े से लड्डू और तीन चार पकौड़ियाँ शो पीस के रूप में रखी गयी थी. जिसका उद्देश्य सिर्फ यह जताना था कि यहाँ चाय के अतिरिक्त कुछ और भी मिलता है.

अंग्रेजों की नाजायज़ औलादें (व्यंग्य)

imageमाख्नन चोर श्री कृष्ण का जन्म दिन आया..आज कृष्ण जन्माष्टमी है। आज ही तो देर रात माख्नन चोर श्री कृष्ण का जन्म हुआ था.जन्माष्टमी हमारे यहाँ खूब अच्छे से मनाई जाती है. मैं भी देर रात तक जगकर आज कृष्ण-जन्मोत्सव देखूंगी. कृष्ण जी की बाल-लीलाएं तो मुझे बहुत अच्छी लगती हैं
खुkhush2शदीप सहगल
कटोरे पे कटोरा, बेटा बाप से भी गोरा...खुशदीप
बचपन में ये कहावत सुना करता था...जनलोकपाल या लोकपाल को लेकर देश में जो हाय-तौबा मची है, उसे देखते हुए वो कहावत अचानक फिर याद आ गई...अपना मतलब साफ करूं, उससे पहले एक किस्सा..
imageश्रीखण्ड से वापसी एक अनोखे स्टाइल में
प्रस्तुतकर्ता नीरज जाट
इस यात्रा वृत्तान्त को शुरू से पढने के लिये यहां क्लिक करें
उस सुबह हम रामपुर में थे। रामपुर बुशैहर- बुशैहर राज्य की नवीनतम राजधानी। पहले इसकी राजधानी सराहन थी जहां अक्सर बर्फीली आंधियां चला करती थीं क्योंकि सराहन एक खुली जगह पर स्थित है।
imageमुझे फिल्म स्टार शाहरुख खान की एक बात याद आई और मैंने कुमार को बताया कि किंग खान ने कहा था - एक अल्लाह का इस्लाम है, दूसरा मुल्ला का। मुल्ला का इस्लाम छोड़ो। अल्लाह का इस्लाम पकड़ो।’
imageआमतौर पर यह माना जाता है कि जो लोग घर से बाहर जाकर कार्य करते हैं, असली मेहनत सिर्फ वही करते हैं. गृहणियों के बारे में तो यह आम धारणा बन चुकी है कि उनका काम घर में बैठकर सिर्फ टी.वी देखकर अपना टाइमपास करना ही होता है.

राजनीति में स्लेजिंग – ताकि भटके सबका ध्यान

ब्लॉगर्स मीट वीकली (5) Happy Janmashtami & Happy Ramazan
imageएक गाँव को आप भी दुरस्‍त कर दें। बस बैठे-बैठे खीसें निपोरना ही आता है.....
एक गाँव को आप भी दुरस्‍त कर दें। बस बैठे-बैठे खीसें निपोरना ही आता है 
आज का आम आदमी अपने आप को तो दुरस्त कर नहीं पाता है  आप एक गाँव को दुरस्त करने की बात करते है
Gift with a bow शुभकामनायेंStar

12 comments:

  1. चर्चा मंच के स्तर को ,बनाये रखने को प्राथमिकता देनी होगी , ज्ञानात्मक प्रतिस्पर्धा ,सदैव सार्थक होती है / आपका संकलन ,संपादन ,स्तरीय है ,फिर भी इसको विस्तृत ,बहुयामी बनाने की आवश्यकता है , ...शुभ कामनाएं

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  2. अच्छी चर्चा!
    आभार!
    --
    यह महीना रक्षा बंधन, जन्माष्टमी और रमजान कि बधाइयों का महीना है. मेरी तरफ से भी सब को बधाई.

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  3. अच्छी चर्चा!
    आभार!
    --
    यह महीना रक्षा बंधन, जन्माष्टमी और रमजान कि बधाइयों का महीना है. मेरी तरफ से भी सब को बधाई.

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  4. यह बात बिल्कुल सही है कि मुल्लाओं में से कुछ मुल्ला अल्लाह के आदेश से हटकर भी कुछ ऐसा कह देते हैं कि अल्लाह के बंदे उससे सहमत नहीं होते।
    ऐसा ही कुछ अन्ना हज़ारे के बारे में इमाम बुख़ारी साहब के बयान के बाद हमने लिखा है। जिसे आप फ़ेसबुक पर देख सकते हैं इस लिंक पर
    बुख़ारी साहब का बयान इस्लाम के खि़लाफ़ है
    अच्छी चर्चा के लिए आभार और शास्त्री जी के बेटे के लिए दुआ।
    हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु को भी ऐसे लोगों ने आजीवन तकलीफ़ें ही दी हैं जो कि अल्लाह से हटकर चलते थे और अंततः उन्होंने शहीद भी एक ऐसे ही नाफ़रमान ने किया। अल्लाह उनके दरजात बुलंद करे और हमें उनके तरीक़े पर चलना नसीब करे।
    आमीन !

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  5. बढ़िया लिंक्स देने और आलेख शामिल करने के लिए आपका आभार.

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  6. बहुत ही सार्थक और सामायिक चर्चा थी .....आभार

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  7. बढ़िया लिंक्स सार्थक और सामायिक चर्चा के लिए आभार....

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