चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Wednesday, December 28, 2011

नन्हीं सी आशा (चर्चामंच-742)

आदरणीय शास्त्री जी की अतिव्यस्तता
और
हम लोगों पर आई अतिरिक्त जिम्मेदारी का
प्रतिफलन,
मुझ ‘ग़ाफ़िल’ द्वारा
प्रस्तुत की जा रही आज की चर्चा
का
लिंक नम्बर वन-
_______________
2-
मेरा फोटो
_______________
3-
_______________
4-
My Photo
_______________
5-
_______________
6-
_______________
7-
My Photo
_______________
8-
_______________
9-
मेरा फोटो
_______________
10-
मेरा फोटो
_______________
11-
_______________
12-
मेरा फोटो
_______________
13-
_______________
21-
मेरा परिचय यहाँ भी है!
_______________

अब कुछ पुरानी रचनाओं की याद ताज़ा कर ली जाय-

नं. 22-
_______________
23-
_______________
24-
_______________
25-
_______________
26-
_______________
27-
_______________
28-
_______________
30-
________________
31-
________________
और अन्त में
32-
________________
आज के लिए इतना ही, फिर मिलने तक नमस्कार!

26 comments:

  1. बेहतरीन लिंक । अच्छी प्रस्तुति ।
    आभार चन्द्र भूषण जी

    ReplyDelete
  2. पर्याप्त और अच्छी लिंक्स से सजी चर्चा |
    बधाई और आभार |
    आशा

    ReplyDelete
  3. ज़ोरदार चर्चा ...बहुत अच्छे लिंक्स और प्रस्तुतीकरण ...आभार मुझे स्थान देने के लिए .....

    ReplyDelete
  4. अच्छे लिंक्स,सुन्दर सजावट ;आभार .

    ReplyDelete
  5. बहार हो कि खिज़ां मुस्कुराए जाते हैं,
    हयात हम तेरा एहसाँ उठाए जाते हैं |
    सुलगती रेत हो बारिश हो या हवाएं हों,
    ये बच्चे फिर भ़ी घरौंदे बनाए जाते हैं |
    ये एहतमाम मुहब्बत है या कोई साज़िश,
    जो फूल राहों में मेरी बिछाए जाते हैं |
    समझ सको तो हैं काफी ये आँख में आंसू,
    के दिल के ज़ख्म किसे कब दिखाए जाते हैं |
    कोई भ़ी लम्हा क़यामत से कम नहीं फिर भ़ी,
    तुम्हारे सामने हम मुस्कुराए जाते हैं |

    ReplyDelete
  6. अच्छे लिंकों से सजी बहुत ही सुन्दर चर्चा !
    मेरी ग़ज़ल को चर्चा मंच पर स्थान देने हेतु धन्यवाद !

    ReplyDelete
  7. बड़ी दिलकश लिंक्स लगी हैं, रात को फिर मिलते है सारी लिंक्स पढ़ने .

    ReplyDelete
  8. asari links ko padh rahi hu ek ek karke...acchi links.mujhe sthaan dene ke lie aabhar

    ReplyDelete
  9. सुन्दर प्रस्तुतिकरण्।

    ReplyDelete
  10. बेहतरीन लिंक । अच्छी प्रस्तुति ।

    ReplyDelete
  11. सभी ३२ लिनक्स बेजोड़ हैं..मुझको स्थान देने के लिए धन्यवाद व आभार..
    kalamdaan.blogspot.com

    ReplyDelete
  12. आपके श्रम को नमन । विस्तार से इतनी सारी सुंदर पोस्टों का लिंक्स और सबके चेहरों से भी रूबरू करवाया आपने । शैली अदभुत और आकर्षक है ।बधाई और शुभकामनाएं आपको और इस मंच को भी और पूरे अंतर्जाल को

    ReplyDelete
  13. विविधता लिए अनुपम चयन और विनीत प्रस्तुति गाफिल साहब की .बधाई .

    ReplyDelete
  14. बहुत ही बढि़या लिंक्‍स का संयोजन ...आभार ।

    ReplyDelete
  15. नए पुराने लिंक्स से सजी चर्चा सुन्दर है.

    ReplyDelete
  16. बहुत बढ़िया लिंक्स के साथ सार्थक चर्चा प्रस्तुति हेतु आभार!

    ReplyDelete
  17. meri post shamil karne ke liye bahut aabhar...saare link bahut achche hai...aabhar :)

    ReplyDelete
  18. पुराने और नये लिंक का सुंदर संगम॥

    ReplyDelete
  19. अच्छी लिंक्स से सजी चर्चा|

    ReplyDelete
  20. गज़ल सुनाता है मस्ती में संगज़ार शहर
    चंद्र भूषण की मोहब्बत का ये असर तो नहीं

    ReplyDelete
  21. अच्छे लिंक्स सब पर जा कर पढूंगी । मेरी रचना को इस चर्चा में सम्मिलित करने का अनेक आभार ।

    ReplyDelete
  22. अपने पोस्ट पर जगह देने के लिए धन्यवाद....

    आभार

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin