Followers

Sunday, December 11, 2011

"प्रेम अकेला कर देता है" चर्चा मंच-७२५

मित्रों!
मैं कमल सिंह (नारद) आपको ले चलता हूँ,
अपनी पसंद के कुछ लिंकों की ओर-
प्रेम अकेला कर देता है
नवाब कसाब
काश हम भी बच्चे होते
ग्रहण आपका कुछ बिगड़ेगा या नहीं
आओ चुप्पी तोड़कर इन सबका भांडा फोड़ दें
खिसिया सिब्बल फेसबुक नोंचे
जर्नलिस्ट तो ठीक है, पर करते क्या हैं ?
इदं अल्लाहाये स्वाहा इदं खुदाए स्वाहा
फेसबुक टेली ब्रांड स्काई शॉप
गुलाम मानसिकता के मध्य स्वतंत्र अभिव्यक्ति की कल्पना !
चवन्नी का अवसान : चवनिया मुस्कान
सोने पे सुहागा
आदम जात की बात नहीं..
भांडा फोड़ .
जख्म कैसे और क्यों?
नज़र के सामने जो कुछ है अब सिमट जाये ...
हर बला से नजरें मिलाने का हौसला रखते हैं ,
हम तो कयामत तक साथ निभाने का जिगर रखते हैं,,
यही तो है जूनून !
क्या अन्ना को सपने में सताते हैं राहुल?
जिन्दगी के लिये -*क्यों नहीं छोड़ देते*** *उसे एक बार***
ब्लोगिंग का महिला सशक्तिकरण में योगदान....
आओ चुप्पी तोड़कर इन सबका भांडा फोड़ दें!
ये फूल........
सुबह सुबह देखो तो इन फूलों की पंखुड़ियों पर
पानी की चंद नन्ही नहीं बूँदे पड़ी होती हैं ।
तो क्या ये फूल भी किसी की याद में सारी रात रोते हैं।.....
ऐसा कभी खुदा न करे
तुझे भुलाऊँ मैं , ऐसा कभी खुदा न करे
मेरे ख़याल से सूरत तेरी जुदा न करे ....
क्षणिकायें और मुक्तक -
(1) चुरा के रख ली है आवाज़ तेरी अंतस में,
सताने लगती है जब भी तनहाई,
मूँद आँखों को सुन लेता हूँ।....
विनिमय
नैन बरसे कहीं भींग जाते रहे ,
जो हृदय में बसी थी सुनाते रहे............
बोझ क्यूँ समझा है इसे ....
है नाम जिंदगी इसका....

20 comments:

  1. भाई कमल सिंह जी!
    आपने बढ़िया लिंकों के साथ अच्छी चर्चा की है!
    आभार!

    ReplyDelete
  2. सुन्दर सटीक चर्चा के लिए बधाई और आभार मेरी रचना शामिल करने के लिए |
    आशा

    ReplyDelete
  3. बड़े ही सुन्दर सूत्र चुनकर लाये हैं।

    ReplyDelete
  4. बहुत सुंदर लिंक्स से सजा है आज का ये चर्चा मंच

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया लिनक्स प्रस्तुत किये आपने ...धन्यवाद ..

    ReplyDelete
  6. बहुत अच्छा ,अब दर दर भटकना नहीं पड़ेगा .
    यहीं से डाइरेक्ट बस पकड़ लेंगे .

    ReplyDelete
  7. बड़े ही सुन्दर लिंक्स.

    ReplyDelete
  8. आखिर क्या कुछ ख़ास है, चर्चा में मोशाय |
    बीस से ज्यादा टिप्पणी, मुझको बारह आय ||

    बहुत बहुत बधाई ||

    ReplyDelete
  9. अच्‍छे लिंक्स।

    ReplyDelete
  10. अच्छे लिंक्स ।

    ReplyDelete
  11. इस पोस्ट के लिए धन्यवाद । मरे नए पोस्ट :साहिर लुधियानवी" पर आपका इंतजार रहेगा ।

    ReplyDelete
  12. बहुत बढ़िया लिनक्स प्रस्तुत किये

    ReplyDelete
  13. बहुत बढ़िया रही आज की चर्चा |
    एक और बात, समय के अभाव में आज कल ज्यादा सक्रिय नहीं रह पा रहा हूँ ब्लॉग की दुनिया में | सभी ब्लॉगर से कश्म चाहता हूँ अपनी उपस्थिति न दिखा पाने के लिए | स्नेह बनाये रखें |

    ReplyDelete
  14. बढ़िया लिंक्स के साथ सुन्दर चर्चा |

    पोल खोल बोल

    ReplyDelete
  15. भाई कमल सिंह जी!
    बढ़िया लिंक्स के साथ सुन्दर चर्चा |

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"स्मृति उपवन का अभिमत" (चर्चा अंक-2814)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...