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Thursday, April 26, 2012

चर्चा - 861

आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है 
चलते हैं चर्चा की ओर

कविता संग्रह क्षितिज की पहली कविता असमंजस 

आदमी का भटकाव दिखा रहे हैं डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री जी 

अज्ञेय जी की कविता - हथोडा अभी रहने दो 
Hindi Bloggers Forum International (HBFI)
ग़ज़ल - ऐसी सूरत चांदनी की 
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चिक्तिसीय आधार पर सामाजिक प्रथा के दोष दिखाती पोस्ट 

जब नीम-सी लगे माँ
म्हारा हरियाणा
बेचारे डॉ. साहिब और अपने कुंवर जी 
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दो रोटी के पड़े हैं लाले 
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नासमझ 

अपना-सा लगता है कोई अजनबी 
अंदाज़-ए-ब्याँ
कम न आंकिए
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विवशता नापसंद को पसंद करने की 

क्या मिलेगा भेड़ चल से छुटकारा 

चेहरा मासूम , शातिर दिलो-दिमाग से 

जलाने लगी है गर्मी 

जुगलबंदी ब्लॉग हिंदी हाइकु पर 

उदंती पत्रिका का अप्रैल माह का अंक 

प्यार तो होना ही था ...............
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सियानी गोठ

शैलजा नरहरि जी की तीन गज़लें 

मामला सी डी का  
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सोइए और मधुमेह से बचिए

संजय जी - अलबेला जी वार्तालाप 
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कलैंडर या क्लीनर ----- समस्या भाषा की 

आज की चर्चा में बस इतना ही
धन्यवाद
दिलबाग विर्क
********************

19 comments:

  1. आज की चर्चा में मेरी रचना शामिल करने के लिए आभाए |चर्चा बहुरंगी है |
    आशा

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  2. बहुत बढ़िया...!
    इतनी विसंगतियों और नये ब्लॉगर की परेशानियों के चलते हुए भी आपने उपयोगी लिंकों के साथ अच्छी चर्चा की है दिलवाग जी!
    आपका आभार!

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  3. बिखरी हुवी बातें को
    निखारा है ला के आज
    मेहनत तुम्हारे लाई है
    रंग भी भाई दिलबाग ।

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  4. विचारशील संकलन ,बहुआयामी पोस्ट लिए मनोहारी है ,श्रम और समय का बहुमूल्य उपयोग .......आभार जी विरक साहब /

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  5. Thanks for the great links Dilbag ji.

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  6. अछे लिंक्स मिले.

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  7. अच्छे लिंक संयोजन के लिए बधाई,...दिलबाग जी

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: गजल.....

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  8. सुन्दर रोचक लिंक्स्।

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  9. बढिया लिंक्स...सुंदर प्रस्तुति...आभार!

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  10. बेहतरीन लिंक्स पर पहुंचने का मौका देने और मेरी ग़ज़ल शामिल करने के लिए आभार. पता नहीं क्यों चर्चा मंच का साईट थोड़ी धीमी गति से खुलता है.

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  11. सभी लिंक्स बहुत सुन्दर!...मेरी रचना शामिल की आपने...बहुत अच्छा लग रहा है...धन्यवाद!

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  12. बहुत बढ़िया लिंक्स..
    सार्थक चर्चा प्रस्तुति!
    आभार!

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  13. बहुत से ऐसे बेहतरीन लिंक्स मिले जिनसे गुज़रना एक सुखद अनुभव था।

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"लाचार हुआ सारा समाज" (चर्चा अंक-2820)

मित्रों! रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...