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Thursday, July 19, 2012

अलविदा बाबू मोशाय ( चर्चा - 945 )

 आज  की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है
भारतीय फिल्म जगत ने अपना पहला सुपर स्टार खो दिया है । बाबू  मोशाय को चर्चा मंच परिवार की ओर से श्रद्धासुमन 
अब चलते हैं चर्चा की ओर
***
ये भारत है मेरे दोस्त
***
एक ब्लाग सबका
***
हिंदी हाइगा
बाबू मोशाय यहाँ भी
***
उच्चारण
वह चला गया
***
चाँद पुखराज का
याद
***
हिंदू-हिंदी-हिंदुस्थान
भारत के सम्राट
***
ज्ञान दर्पण
***
डा. जोगा सिंह
मोटे होते बच्चे
***
आधा सच
***
अनुपमा सुकीर्ति
जड से चेतन 
***
साहित्य सुरभि
युवा पहल
***
मोहब्बतनामा
***
सुधीनामा
आखिर कब
***
कंप्यूटर ज्ञान
***
यूनीक ब्लाग
***
उल्लूक टाईम
समय और दिल 
***
त्रिवेणी
ऋतु मुस्काई - बना चोका 
***
बेचैन आत्मा
आ गया सावन
***
अंत में है
***
आज की चर्चा नें बस इतना ही
धन्यवाद
***


68 comments:

  1. दिलबाग विर्क :

    सुंदर शांत लेकिन गहरा मंच सजाया है
    फिर भी बहुत निखर कर आया है
    मेरा दिल शुक्रगुजार है आपका
    एक दिल लाकर मेरा भी आपने दिखाया है !!

    ़़़़़़़
    बेहतरीन !
    ़़़़़़
    मुझे लग रहा था
    बस मेरा खोया है
    अच्छा तो तेरा
    भी खोया है
    पता नहीं किस
    किस का खोया है
    लेकिन खो गया है
    गाँव कस्बा और शहर
    किसे पड़ी है लेकिन
    क्योंकि अभी तक
    ना तो अखबार में
    ये खबर आई है
    ना ही किसी ने
    थाने में कोई
    एफ आई आर
    ही कराई है !!

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    Replies
    1. महानायक राजेश खन्ना जी को विनम्र श्रद्धांजलि.......

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  2. दिनेश की दिल्लगी

    लाजवाब लिखते हैं जनाब रविकर !!

    टूट-फूट को जोड़ते, लगा गाँठ पर गाँठ ।
    रहा अनवरत कर्मरत, पहर आठ के आठ |

    दिल दिख रहा है आज
    दिनेश की दिल्लगी में
    वो भी दो पीस में
    टूट फूट है जोड़ है
    फेविकोल है और है गाँठ !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. सुन्दर छन्दों से रहे, रविकर जी टिपियाय।
      पाकर मोहक कुण्डली, पोस्ट धन्य हो जाय।।

      Delete
  3. बेचैन आत्मा
    आ गया सावन

    बहुत सुंदर सुंदर फोटो खींच के आये हैं
    पाण्डेय जी धान की रोपती दिखाये हैं
    मदार की खिलती कलियों से कुछ
    बातें वाते भी शायद कर के आये हैं ।

    ReplyDelete
  4. त्रिवेणी
    ऋतु मुस्काई - बना चोका
    डॉ0 मिथिलेश दीक्षित

    बहुत सुंदर चोका नहीं
    चौका लगाया है
    सावन की पुलक
    को आज के आज
    सीमारेखा के बाहर
    झूमते हुऎ पहुँचाया है !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. याद सभी करते तुम्हें, ओ बाबू मोशाय।
      छोड़ दिया इस लोक को, स्वर्ग लिया है पाय।।

      Delete
  5. उल्लूक टाईम
    समय और दिल

    आभार है आपका
    लाकर दिखाने के लिये
    दिल भी मेरे आसपास के
    गाँव ही हो गये हैं
    कुछ खो गये हैं
    और कुछ बहुत ही
    बावरे भी हो गये हैं !!!

    ReplyDelete
  6. यूनीक ब्लाग
    महत्वपूर्ण पोस्ट

    वाकई बहुत कुछ है और यूनीक है !

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  7. उल्लूक टाईम
    समय और दिल --

    जिगरा वाले आज कल, बड़े कलेजे-दार ।

    दिल छोटा सा कल लिए, घूमे हम बेकार ।

    घूमे हम बेकार, चरण चौथे में जाएँ ।

    बिकता देखें प्यार, लौट के चौथी आये ।

    रविकर रो दिन चार, हार कर कविता रचते ।

    किन्तु आज का प्यार, देख सिर चढ़ कर नचते ।।

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    Replies
    1. चौथे में गये हो
      लेकिन वैसे नहीं हो
      हमें सब पता है
      रविकर भी दिल
      रखता है !!

      Delete
    2. दिल उसका ही नाम है, जिसमें हों अरमान।
      दिल से होती सुमन की, दुनिया में पहचान।।

      Delete
  8. कंप्यूटर ज्ञान
    बुलवाइए अपने कंप्यूटर से

    अपने कंप्यूटर से बुलवाने की ट्रिक।

    आदमी का लिखना बोलना
    सुनने के लिये
    कोई कहाँ आ रहा है
    ये लीजिये इस
    ब्लाग का ब्लागर
    कंप्यूटर को बुलवा रहा है !!!

    ReplyDelete
  9. सुधीनामा
    आखिर कब
    बेहतरीन अभिव्यक्ति !

    ReplyDelete
  10. बेचैन आत्मा
    आ गया सावन

    ज्यामिति का यह पाठ है, या खेलों का ट्रैक ।

    पथ मैराथन रेस का, एक वर्ष का पैक ।

    एक वर्ष का पैक, स्वेद-जल से यह लथ-पथ ।

    बड़े खड़े वे पेड़, देखते अपना स्वारथ ।

    भाग-दौड़ का खेल, लड़े कुदरत से कुश्ती ।

    तब पावें भरपेट, करें थोड़ी सी मस्ती ।।

    ReplyDelete
    Replies
    1. हरियाली ने भर दिये, सावन में सब रंग।
      धान लगाये खेत में, हमने मिलकर संग।।

      Delete
  11. मोहब्बतनामा
    ये बेरुखी कब तक
    सबकुछ छोड़ देगा आमिर
    मोहब्बत नहीं छोड़ सकता है
    ना मोहब्बतनामा !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद आमिर।
      आप हो
      हरफन में माहिर।।

      Delete
  12. बहुत सुन्दर लिंक्स और चर्चा बधाई दिलबाग जी

    ReplyDelete
  13. युवा पहल
    गुवाहाटी कांड

    और एक यह शहीद भी-
    श्रद्धांजलि ||

    करे सुरक्षित नारि दो, लुटा जाय जो जान ।
    ऐ करीम टाटानगर, झारखण्ड की शान ।

    झारखण्ड की शान, पीटते नारी गुंडे ।
    कर करीम प्रतिरोध, हटाता वह मुस्टंडे ।

    बची नारिया किन्तु, उसे चाक़ू से गोदा ।
    होता आज शहीद, उजड़ अब गया घरौंदा ।।

    ReplyDelete
  14. युवा पहल
    गुवाहाटी कांड

    इंतहा है !

    आईना अब कोई कहाँ देखता है
    वहशी वैसे भी कुछ कहाँ देखता है !

    ReplyDelete
  15. मोहब्बतनामा
    ये बेरुखी कब तक

    छोड़कर चलते बने तुम, किस ठिकाने पर टिकोगी |
    गम बेंचता आऊं उधर ही, दे गए जो मुझे मन भर |

    दाल रोटी लूँ कमा मैं , याद में तेरी मरुँ न --
    पाव भर बेचूं तुझे भी, चख के करना याद रविकर ||

    ReplyDelete
    Replies
    1. मुबब्बत अमर है, अमर ही रहेगी।
      हकीकत तो इक दिन कहानी बनेगी।।

      Delete
  16. एक ब्लाग सबका
    बाबू मोशाय

    काका का वो कहकहा, कथ्यों का आनंद ।
    वर्षों से पड़ता रहा, मंद मंद अब बंद ।

    मंद मंद अब बंद, सुपर-स्टार बुलवाये ।
    तारा मंडल बड़ा, गगन पर प्रभु जी लाये ।

    चमकोगे अनवरत, दिखोगे छैला बांका ।
    खूब करो आनंद, प्रेम नगरी में काका ।।

    ReplyDelete
  17. उन्नयन
    मुहब्बत में हम थे

    नसीहत में हम थे ,
    सियासत में तुम थे -
    हुयी भूल हमसे ,
    मुहब्बत में हम थे -

    उदयवीर जी का जवाब नहीं बहुत सुंदर !!

    ReplyDelete
  18. उन्नयन
    मुहब्बत में हम थे

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति |
    समझ समझ की बात है-
    चलो ऐसा ही सही-
    हसरत का सावन
    बरसता रहा ,
    पेंग , झूलों को देकर
    खड़े , दूर हम थे-

    ReplyDelete
    Replies
    1. हसरत का सावन, हरा ही हरा है।
      मुहब्बत का इसमें, समन्दर भरा है।।

      Delete
  19. अनुपमा सुकीर्ति
    जड से चेतन

    वो आकर खुद भिगाने लगे
    फुहारों में अगर आने लगे!

    बहुत सुंदर !

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  20. डा. जोगा सिंह
    मोटे होते बच्चे

    अति किसी भी चीज की ठीक नहीं !

    सुंदर आलेख !

    ReplyDelete
  21. ज्ञान दर्पण
    बेईमान एयरटेल---- ऐसा ही होता है जी

    सभी पूँछों का यही हाल है कोई भी टेल देख लीजिये !!

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    Replies
    1. अरे हमारे तो सब पैसे खा जाता है।
      आज ही इसका नम्बर दूसरी मोबाइल कम्पनी में कन्वर्ट करवाने जा रहा हूँ।

      Delete
  22. हिंदू-हिंदी-हिंदुस्थान
    भारत के सम्राट
    गुप्ता जी आज दूसरे रास्ते आये हैं
    बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारियाँ समेट के लाये हैं !

    ReplyDelete
    Replies
    1. संचित करके आँकड़े, दर्पण दिया दिखाय।
      कितने थे सम्राट ये, हमको दिया बताय।।

      Delete
  23. चाँद पुखराज का
    याद

    अच्छे हैं एक जमाना गुजर गया इन गीतों का भी अभी भी वो ही तासीर है !

    ReplyDelete
    Replies
    1. लोग चले जाते कहाँ, रह जाती हैं याद।
      अमर नाम होता यहाँ, मर जाने के बाद।।

      Delete
  24. उच्चारण
    वह चला गया
    सुंदर शब्दों में श्रद्धांजलि हीरो को !

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  25. हिंदी हाइगा
    बाबू मोशाय यहाँ भी
    सुंदर हाईगा में
    श्रद्धांजलि !

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  26. एक ब्लाग सबका
    बाबू मोशाय
    श्रद्धांजलि !!!

    ReplyDelete
  27. जो आये वो जायेंगे, दुनिया की है रीत।
    जाने के पश्चात ही, दुख देती है प्रीत।।

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  28. जीवन तो इक सफर है, इसमें कितने मोड़।
    चरैवेति के मन्त्र को, कभी न देना छोड़।।

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  29. हिन्दी फिल्मिस्तान में, रिक्त हुआ स्थान।
    सदियों के पश्चात ही, आता व्यक्ति महान।।

    ReplyDelete
  30. और अंत में
    पहले लिंक
    ये भारत है मेरे दोस्त
    जिंदगी एक सफर
    पर
    बस इतना ही कहना है

    आना तो सबको याद रहता है
    जाने को कहाँ लोग याद रखते हैं
    इस लिये जाते हुऎ लोग दुख: देते हैं!!!

    दिलबाग जी का आभार सुंदर लिंक्स लाकर सजाने के लिये !

    ReplyDelete
  31. बहुत बढ़िया लिंक्स
    सार्थक चर्चा प्रस्तुति
    आभार!

    ReplyDelete
  32. साहित्य सुरभि-
    गाँवों की गलियाँ, चौबारे,

    याद बहुत आते हैं।

    कच्चे-घर और ठाकुरद्वारे,

    याद बहुत आते हैं।।


    छोड़ा गाँव, शहर में आया,

    आलीशान भवन बनवाया।

    मिली नही शीतल सी छाया,

    नाहक ही सुख-चैन गँवाया।

    बूढ़ा बरगद, काका-अंगद,

    याद बहुत आते हैं।।


    अपनापन बन गया बनावट,

    रिश्तेदारी टूट रहीं हैं।

    प्रेम-प्रीत बन गयी दिखावट,

    नातेदारी छूट रहीं हैं।

    गौरी गइया, मिट्ठू भइया,

    याद बहुत आते हैं।।


    भोर हुई, चिड़ियाँ भी बोलीं,

    किन्तु शहर अब भी अलसाया।

    शीतल जल के बदले कर में,

    गर्म चाय का प्याला आया।

    खेत-अखाड़े, हरे सिंघाड़े,

    याद बहुत आते हैं।।


    चूल्हा-चक्की, रोटी-मक्की,

    कब का नाता तोड़ चुके हैं।

    मटकी में का ठण्डा पानी,

    सब ही पीना छोड़ चुके हैं।

    नदिया-नाले, संगी-ग्वाले,

    याद बहुत आते हैं।।


    घूँघट में से नयी बहू का,

    पुलकित हो शरमाना।

    सास-ससुर को खाना खाने,

    को आवाज लगाना।

    हँसी-ठिठोली, फागुन-होली,

    याद बहुत आते हैं।।

    ReplyDelete
  33. सुन्दर सूत्रों से सजी चर्चा...

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  34. ये भारत है मेरे दोस्त
    जिंदगी एक सफर आज हर किसी का है जारी ,
    क्या पता कब कहाँ और किसकी जाने की बारी.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

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  35. एक ब्लाग सबका
    बाबू मोशाय

    एक ब्लाग सबका में लिखी बाबु मोशाय की जीवनी ,
    आप भी श्रधान्जली अर्पित कीजिये पढ़कर उनकी जीवनी.
    कल बाबु मोशाय कह गये इस दुनिया को अलविदा ,
    70 ,80 के दौर में जिन पर था हर एक फ़िदा.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  36. ज्ञान दर्पण
    बेईमान एयरटेल---- ऐसा ही होता है जी

    एयरटेल वालों पे निकाली रतन जी ने भड़ास ,
    ताऊ गिरी में उनको सुनाई अपने दिल की बात.
    एयरटेल वालों ने पढ़ी ज्ञान दर्पण की पोस्ट ,
    बेईमानी की बात पढ़कर उनके उड़ गये होश.

    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

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  37. आभार दिलबाग जी ...मेरी कविता आज की चर्चा मे शामिल की ...!!बहुत बढ़िया लिंक्स..! बस सुकीर्ती को सुकृति कर दीजिये प्लीज़.
    महानायक राजेश खन्ना को श्रद्धांजलि....!!
    पुन: आभार.

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  38. डा. जोगा सिंह
    मोटे होते बच्चे

    जोगा सिंह को फ़िक्र है बच्चे मोटे होते जा रहे हैं ,
    जो भी हाथ में आया उसको खाते जा रहे हैं.
    माता पिता को रखना चाहिए बच्चों का ख़याल ,
    ज्यादा खाना होता है पेट के लिए वबाल.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  39. देते हैं नवज्योत जी, कम्प्यूटर का ज्ञान।
    रोज-रोज हमको यहाँ, सिखा रहे विज्ञान।।

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  40. यूनीक ब्लाग
    महत्वपूर्ण पोस्ट

    विनोद सैनी ने किया महत्वपूर्ण पोस्ट ,
    एक ही जगह जमा कर दिए यूनिक के सारे पोस्ट.
    आप जाकर देखिये शायद काम आ जाये ,
    तकनिकी मुश्किल यहाँ पर पल में हल हो जाये.




    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  41. अंत में है
    दिनेश की दिल्लगी

    दिनेश जी की दिल्लगी हर किसी को भाय ,
    पढने को पाठक यहाँ दौड़ा आता जाये.
    दिल्लगी तो नाम है बस दिल को छु जाएगी ,
    इनकी बातें आपके के भी दिल को भा जाएगी.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  42. सुधिनामा..

    सबला नारी हो रहीं, इतनी क्यों लाचार।
    नारी से होता श्रजन, सारा ही संसार।।

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  43. युवापहल
    मुखौटों की ये दुनिया है,
    मुखौटे ही मुखौटे हैं।
    शरीफों के सपोले तो,
    सभी बदजात खोटे हैं।।

    ReplyDelete
  44. चाँद पुखराज का
    याद

    चाँद पुखराज ने भी किया राजेश खन्ना को याद ,
    सदियाँ याद करेंगी काका को इनके जाने के बाद.
    काका का प्रशंशक वर्ग बड़ा है आज उदास ,
    हर एक को याद आ रहा है उनका रोमेंटिक अंदाज़.




    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  45. आज की चर्चा का विषय रहे बाबु मोशाय ,
    कई ब्लोगर्स उनको देने श्रधान्जली को आये ,
    दिलबाग़ का ये अंदाज चर्चा मंच सजा गया ,
    जो भी आया काका को श्रधा सुमन चढ़ा गया.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  46. राजेश खन्ना जी को विनम्र श्रधांजलि.

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  47. राजेश खन्ना जी को मेरी ओर से भी श्रद्धासुमन ...सुन्दर चर्चा..

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  48. अच्छी चर्चा दिलबाग जी , लेकिन एक बात कहना चाहूँगा कि वैसे तो गलत इसमें भी कुछ नहीं है लेकिन अगर आप " बाबू मोशाय " की जगह उन्हें " आनंद बाबू " शब्द इस्तेमाल करते तो ज्यादा बेहतर रहता क्योंकि बाबू मोशाय तो राजेश खन्ना जी स्वयम अमिताभ बच्चन के लिए इस्तेमाल करते थे !

    ReplyDelete
  49. भारतीय फिल्म जगत के प्रथम सुपर स्टार राजेश खन्ना को भावभीनी श्रद्धांजलि ! उनके निधन ने उनके असंख्य फैन्स को निश्चित रूप से आज बहुत दुखी और विचलित किया है ! ईश्वर उनको अपने ह्रदय में स्थान दें यही कामना है ! आज की चर्चा में आपने मेरी रचना को स्थान दिया उसके लिए आभारी हूँ !

    ReplyDelete
  50. आज की चर्चा का शीर्षक 'अलविदा बाबू मोशाय ' के स्थान पर 'अलविदा आनंद ' कर देंगे तो उचित होगा ! ' आनंद ' फिल्म में 'बाबू मोशाय' नाम अमिताभ के किरदार के लिए प्रयुक्त किया गया था ! ईश्वर से कामना है वे उन्हें दीर्घायु का आशीर्वाद दें !

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  51. बेहतरीन लिंक्‍स ... आभार

    ReplyDelete
  52. खूब ही बढ़िया सजाई चर्चा आपने मोटे होते बच्चे सहित कई पोस्ट ध्यान खींचते हैं ओर काका की याद ...
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    जिसने लास वेगास नहीं देखा
    जिसने लास वेगास नहीं देखा


    रविकर फैजाबादी
    नंगों के इस शहर में, नंगों का क्या काम ।

    बहु-रुपिया पॉकेट धरो, तभी जमेगी शाम ।

    तभी जमेगी शाम, जमी बहुरुपिया लाबी ।

    है शबाब निर्बंध, कबाबी विकट शराबी ।

    मन्त्र भूल निष्काम, काम-मय जग यह सारा ।
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/

    चल रविकर उड़ चलें, घूम न मारामारा ।।

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  53. जिन्दगी का सफ़र, है ये कैसा सफ़र...
    जिन्दगी कैसी है पहेली हाए...,
    जिसने कहा.. ''जिन्दगी इक सफर है सुहाना''
    उस महान कलाकार को
    विनम्र श्रद्धांजलि !!

    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार...

    ReplyDelete
  54. राजेश खन्ना जी को विनम्र श्रद्धांजलि...

    दुनिया ने खो दिया एक महान कलाकार,
    जिन्होंने कि फिल्म इंडस्ट्री कि नैय्या पार|

    ReplyDelete
  55. सुपर स्टार राजेश खन्ना को भावभीनी श्रद्धांजलि,,,,,,
    साधना जी, गोदियाल जी, की सलाह उचित है,,,,,,

    ReplyDelete

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