चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Monday, July 23, 2012

है अरचना ऐ अड़चने ! मंच को तू बोल्ड कर दे - रविकर :चर्चा मंच 949

 (0)
शिवम् मिश्रा
बुरा भला  


(00) 
 

  का न करै अबला प्रबल?.....(मानस प्रसंग-7)

 (Arvind Mishra) 

  2

बंदगी ही हाथ में .....

udaya veer singh
उन्नयन (UNNAYANA) 


veerubhai 

4

चोर हूँ मैं

रचना दीक्षित 

  5

आदर्शवादी नेता, 

dheerendra



6

मुहब्बत कौन सी शय है, नहीं आसान बतलाना

पुष्पेन्द्र वीर साहिल 


7

बाल गीत..वेद उपनिषद पुराण..डा श्याम गुप्त..

डा. श्याम गुप्त 

8

एक आवाज़ बीमार भ्रूण हत्या के खि़लाफ़

DR. ANWER JAMAL
प्यारी माँ  

  9

थोड़े से बच्चे बन जाएँ...

ऋता शेखर मधु
मधुर गुंजन


  10

महंगाई,मीडिया और मैंगो मैन

संजीव शर्मा
नुक्कड़


  11

खुश/उदास होने की प्रक्रिया पर संवाद



मनोज पटेल
पढ़ते-पढ़ते

13

जिसे भी मनायें हम मनायें 


14

शरद्-निशा 

  मेरे काव्‍य संग्रह..

 Raghunath Singh






 (19 )
बालिगों के लिए  

Sixteen Khajuraho Photos

20

सारे के सारे नम्बरी !!

54 comments:

  1. चर्चा मंच के लिए आज की चर्चा का उत्कृष्ट संकलन संपादन हेतु बधाईयाँ जी रविकर साहब ...... बहुआयामी चर्चा ..साधुवाद जी

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  2. एस एम् भाई ये भित्ति चित्र मैथुन के प्रवेश द्वार पर ही हैं गर्भ गृह में सिर्फ शिव लिंग है जिसका प्रतीकात्मक अर्थ है शिव तक पहुंचना है तो मार्ग शरीर से होकर जाएगा शरीर का अतिक्रमण करके जाएगा ,भोग से योग तक जाएगा रास्ता .भाई साहब यकीन मानिए ज्यादातर लिंक्स हमने बांचें हैं बढ़िया है प्रस्तुति विविध रूपा सामाजिक प्रसंगों से रु बा रु भ्रूण ह्त्या से लेकर नारि के प्रबला होने तक . .कृपया यहाँ भी पधारें -

    ram ram bhai

    सोमवार, 23 जुलाई 2012

    अमरीका नहीं देखा उसने जिसने लास वेगास नहीं देखा

    http://veerubhai1947.blogspot.de/
    तथा यहाँ भी -

    कैसे बचा जाए मधुमेह में नर्व डेमेज से
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.co

    ReplyDelete
  3. (0)
    ७०० वी पोस्ट - पण्डित चन्द्रशेखर 'आजाद' की १०६ वी जयंती पर विशेष
    शिवम् मिश्रा
    बुरा भला
    अमर शहीद चन्द्रशेखर 'आजाद' जी को भारत वासियों की ओर से भी शत शत नमन !

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    Replies
    1. ७०० वी पोस्ट - पण्डित चन्द्रशेखर 'आजाद' की १०६ वी जयंती पर विशेष
      शिवम् मिश्रा
      बुरा भला

      हठी साहसी दृढ़-वचन, स्वाभिमान भरपूर ।
      चरितवान निर्भीक मन, देशभक्ति में चूर ।

      देशभक्ति में चूर, गुलामी की जंजीरें ।
      बिलकुल नहीं कुबूल, उठाते जब शमशीरें ।

      काँप उठे अंग्रेज, किन्तु फिर से गद्दारी ।
      रहे सदा आजाद, स्वयं को गोली मारी ।।

      Delete
    2. आज सात सो पोस्ट की, देता साधुवाद।
      करता शत-शत् नमन मैं, तुमको हे आजाद।।

      Delete
  4. (00)
    जंगल में मंगल !
    मैं चित्रकार हूँ !

    चित्रकार को आशीर्वाद और शुभकामनाऎं !!

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    Replies
    1. कछुवा कुछ भी न छुवा, हाथी काटे केक ।
      बन्दर केला खाय के, छिलका देता फेंक ।

      छिलका देता फेंक, फिसल कर गैंडा गिरता ।
      बेहद मोटी खाल, हिरन से जाकर भिड़ता ।

      चिड़िया हंसती जाय, देख के नाटक सारा ।
      जन्म-दिवस का केक, फेंक के हाथी मारा ।।

      Delete
  5. 1
    का न करै अबला प्रबल?.....(मानस प्रसंग-7)
    (Arvind Mishra)
    क्वचिदन्यतोSपि
    मानस की नारी
    दिखा दी आप ने सारी
    हम तो देखते आ रहे हैं
    आज तक जो नारी वो
    तुलसीदास की नारी से
    क्यों नहीं मेल खा री ?

    ReplyDelete
    Replies
    1. (1)

      बिगत युगों की परिस्थिति, मुखर नहीं थी नार ।

      सोच-समझ अंतर रखे, प्रगटे न उदगार ।

      प्रगटे न उदगार, लांछित हो जाने पर ।

      यह बेढब संसार, जिंदगी करता दूभर ।

      रहस्यमयी वह रूप, किन्तु अब खुल्लमखुल्ला ।

      पुरुषों को चैलेन्ज, बचे न पंडित मुल्ला ।

      (2)

      अब रहस्य कुछ भी नहीं, नहीं छुपाना प्रेम ।

      कंधे से कन्धा मिला, करे कुशल खुद क्षेम ।

      करे कुशल खुद क्षेम, मिली पूरी आजादी ।

      कुछ भी तो न वर्ज्य, मस्त आधी आबादी ।

      का न करे अबला, प्रबल है पक्ष चुपाओ ।

      राम चरित का पाठ, इन्हें फिर कभी पढाओ ।।

      Delete
  6. 2
    बंदगी ही हाथ में .....
    udaya veer singh
    उन्नयन (UNNAYANA)
    उदयवीर जी का जवाब नहीं
    अपनी बात सुनाई है
    है किसी और की बताई है !

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  7. 3
    गोरों का पूडल प्रेम
    veerubhai
    कबीरा खडा़ बाज़ार में
    वीरू भाई भी कविता सुना गये
    बेचारे प्रधानमंत्री को पूडल बना गये !!

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  8. 4
    चोर हूँ मैं
    रचना दीक्षित
    रचना रवीन्द्र
    समय चुराती है
    फिर सबको बताती है
    सब चोर रहे हैं
    समझ नहीं पाती है
    कोई समय चोर रहा है
    कोई बेसमय चोर रहा है !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. बड़ा भला यह चोर है, बाकी सभी छिछोर ।

      धन दौलत हीरे रतन, लालच रहे अगोर ।

      लालच रहे अगोर, चोर यह चोरा चोरी ।

      चोर-गली से जाय, चुराए समय कटोरी ।

      चम्मच से चुपचाप, अकेले पान करे है ।

      यह चोरित अनमोल, चीज को पास धरे है ।।

      Delete
  9. 5
    आदर्शवादी नेता,
    dheerendra
    काव्यान्जलि ...

    एक नेता ही तो बचा है आदर्शवादी
    बाकी बचे कहलाते हैं आतंकवादी !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. मत से है पूरा प्यार सखे ।
      मत करना तुम खिलवाड़ सखे ।
      तुम दान करो तन मन धन मत -
      ताकि हम सकें दहाड़ सखे ।।
      स्वार्थ सिद्ध जब न होवे,
      सत्ता को चले उखाड़ सखे ।
      निस्वार्थ भाव से कर्म करें जन
      कलुषित दिल मत ताड़ सखे ।।

      Delete
  10. 6
    मुहब्बत कौन सी शय है, नहीं आसान बतलाना
    पुष्पेन्द्र वीर साहिल
    तलाशे-ख़ामोशी TALASHE-KHAMOSHI
    बहुत सुंदर !

    अगर कोई कर रहा हो मोहब्बत
    तो आसान है बतलाना
    पर करने वाले को फिर कहाँ
    है कुछ नजर आना
    ना है किसी को फिर उसने
    आकर है कुछ बताना !!

    ReplyDelete
  11. 7
    बाल गीत..वेद उपनिषद पुराण..डा श्याम गुप्त..
    डा. श्याम गुप्त
    एक ब्लॉग सबका -
    एक जरूरी कविता बच्चों के लिये !
    बहुत सुंदर !

    ReplyDelete
  12. 8
    एक आवाज़ बीमार भ्रूण हत्या के खि़लाफ़
    DR. ANWER JAMAL
    प्यारी माँ
    सही फैसला !
    अनम के साथ नहीं हुआ अन्याय !

    ReplyDelete
  13. 9
    थोड़े से बच्चे बन जाएँ...
    ऋता शेखर मधु
    मधुर गुंजन

    बेहतरीन भाव !

    ओ री सखी
    थोडे़ से नहीं पूरे
    बच्चे बन जायें
    बडे़ होने का लोभ
    यहीं छोड़ जायें
    बस खिलखिलायें !!

    ReplyDelete
  14. 10
    महंगाई,मीडिया और मैंगो मैन
    संजीव शर्मा
    नुक्कड़

    मीडिया ही नहीं मुझे तो महसूस होता है
    हर प्रोफेशन में कुछ ऎसा ही होता है
    हर शाख पर अब एक ही नहीं
    बोरा भर भर कर उल्लू होता है !

    ReplyDelete
  15. रविकर जी आज की चर्चा तो बहुत निराले मन लुभावन उत्कृष्ट अंदाज़ में पेश की है इस प्रस्तुतीकरण के लिये बहुत बहुत बधाइयाँ.

    आपके चयनित सारे लिंक्स पर धीरे धीरे जाना होगा. मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिये आभार.

    ReplyDelete
  16. 16
    "भइया मुझे झुलाएगा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
    उच्चारण


    झूले झूला मगन मन, यह हरियाली तीज ।
    सावन की छाई घटा, अंतस जाए भीज ।

    अंतस जाए भीज, नहीं है प्रांजल भूला ।
    हरी भरी सी डाल, डाल कर झूला-झूला ।

    दादी लेती झूल, झूलती मैया चाची ।
    धीरे धीरे खूब, झुलाए प्यारी प्राची ।।

    ReplyDelete
  17. 11
    खुश/उदास होने की प्रक्रिया पर संवाद
    समय
    समय के साये में
    बेहतरीन है
    हमने भी पढ़ दिया
    जो लिखा है
    मानवश्रेष्ठों के लिये!

    ReplyDelete
  18. 20
    सारे के सारे नम्बरी !!
    Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA

    दो नंबर के खेल में, मचती ठेलम-ठेल ।
    बड़े खिलाड़ी दे रहे, दावेदारी पेल ।

    दावेदारी पेल, यहाँ पर सब निश्चिन्तन ।
    खानदान का खेल, नहीं होना कुछ मंथन ।

    पी एम नंबर तीन, बगल का चौथा नंबर ।
    एंटोनी या शरद, बैठ के ताको अम्बर ।।

    ReplyDelete
  19. 12
    हाल सिरोविट्ज़ : पुत्र
    मनोज पटेल
    पढ़ते-पढ़ते
    बहुत सुंदर भाव हैं
    बस हमारे ही भगवान है
    बाकी है भी किसी के तो
    उसकी किसे पहचान है !

    ReplyDelete
  20. 13
    जिसे भी मनायें हम मनायें
    "निरंतर" की कलम से........
    सुंदर !

    ReplyDelete
  21. 14
    शरद्-निशा
    मेरे काव्‍य संग्रह..
    Raghunath Singh

    बहुत कुछ है पढ़ने के लिये !

    ReplyDelete
  22. 15
    मजदूर, चाँद और रोटियां
    दीपक बाबा
    दीपक बाबा की बक बक

    बहुत खूब !!

    बक बक चाँद या
    रोटी की नहीं होती
    बक बक तब होती है
    जब रोटी भी
    चाँद हो जाती है
    आसमान में दिखती तो है
    पर हाथ में नहीं
    कभी आ पाती है !!

    ReplyDelete
  23. स्तरीय चर्चा. आभार रविकर जी!!

    -- पढ़ते-पढ़ते

    ReplyDelete
  24. 16
    "भइया मुझे झुलाएगा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
    उच्चारण
    वाह ! बचपन याद आ गया !!

    ReplyDelete
  25. 17
    दक्षिण भारत के प्रचंड विद्रोही:अल्लूरी सीताराम राजू
    Suman
    लो क सं घ र्ष !

    .ऐसे क्रान्तिकारियो के कारण ही हम आजाद हुए और आज के नेता और अधिकारी फिर से इस देश को गुलाम बनाने में लगे हुए है

    जन सामान्य भी तो
    वही कर रहा है
    जो नेता कर रहा है
    बेचारा नेता ही अकेले
    बदनाम हो रहा है !!!

    ReplyDelete
  26. रोचक और पठनीय सूत्र..

    ReplyDelete
  27. 18
    यूँ ही अक्सर .
    आमिर दुबई
    मोहब्बत नामा

    हो रहा है अगर
    इस तरह का
    बहुत कुछ अक्सर
    जरूरत तो नहीं
    देख लेना धर के
    पास का कोई डाक्टर !!

    ReplyDelete
  28. (19 )
    बालिगों के लिए
    Sixteen Khajuraho Photos
    SM
    From Politics To Fashion

    शिव का तीसरा नेत्र भी तो चाहिये !

    शिव भोग और योग बहुत सही है
    समझ होना उसपर ऎसी नजर होना
    वीरू भाई कह तो रहे हैं
    पर हर कोई इस सोच तक पहुँचे
    जरूरी तो नहीं है!

    ReplyDelete
  29. और अंत में रविकर का आभार बार बार
    सुंदर चर्चा बनाने के लिये हमें टिप्पणियों
    को करने दिये जाने के लिये !

    20
    सारे के सारे नम्बरी !!
    Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA

    बहुत सुंदर !
    आगे भी नंबर पीछे भी नंबर !

    ReplyDelete
  30. रविकर का आभार.आज की चर्चा बहुत ही सलीके से सजाई है.एक एक लिंक अपने आप में बहुत कुछ लिए हुए है.सभी लिंक आकर्षित करने वाले हैं.ऐसा लगता है जैसे की काफी मशक्कत के बाद इन्हें तरतीब दी होगी.ढेरों शुभकामनाये.



    मोहब्बत नामा
    मास्टर्स टेक टिप्स

    ReplyDelete
  31. बढ़िया प्रस्तुति बहुत ही उम्दा लिंक्स संयोजन......

    ReplyDelete
  32. वाह ... बेहतरीन लिंक्‍स के साथ उम्‍दा चर्चा

    ReplyDelete
  33. सभी लिंक्स बेहतरीन हैं,व्यवस्थित चर्चा...मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार !!!

    ReplyDelete
  34. अच्छी चर्चा
    अच्छे लिंक्स

    ReplyDelete
  35. लिंक न० - १६
    (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

    हरियाली तीज आई, पड़ गया पेड़ पर झूला
    बहना को बैठाकर भईया, झूला रहा है झूला,,,,,,

    ReplyDelete
  36. लिंक - १८
    आमिर दुबई


    दिल में अपने बना रखी है
    इन आँखों में सजा रखी है
    इक तस्वीर तुम्हारी हमने
    ऐसे रात गुजारी हमने!

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  37. लिंक न० - ०
    शिवम मिश्रा जी,,,


    ७००" वीं पोस्ट पर, देता तुम्हे मुबारकबाद
    देश तुम्हे नमन कर रहा,चन्द्रशेखर आजाद,,,,,,,

    ReplyDelete
  38. रविकर जी को,,,,,


    शामिल कर मेरी रचना ,बड़ा किया उपकार
    कैसे शुक्रिया अदा करू,चुकाऊ कैसे ये भार,,,,,,

    ReplyDelete
  39. बहुत ही बढिया पोस्ट सजाई है । सभी लिंक बेहतरीन प्रस्तुति लिये हुए हैं ।

    ReplyDelete
  40. saarthak shram ke liye ravikar ji ko badhaayee

    ReplyDelete
  41. बहुत सुन्दर सूत्रों की भरमार उस पर चर्चा शानदार वाह वाह रविकर जी बधाई |

    ReplyDelete
  42. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति
    आभार

    ReplyDelete
  43. बहुत कुछ है पढ़ने के लिये
    बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  44. I pay a visit daily a few blogs and sites to
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    writing.
    Feel free to visit my web site read more here

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