चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Sunday, December 16, 2012

"भारत बहुत महान!" (चर्चा मंच-1095)

मित्रों !
मैं पिछले 3-4 दिनों से देहरादून में हूँ! संयोग की बात है कि 
बड़े पुत्र का कम्प्यूटर खाली था और नेट की सुविधा भी थी 
इसलिए चर्चा लग गई। वैसे चर्चा तो कुछ और ही शैड्यूल की थी। 
वो ड्राफ्ट में डाल दी है फिर कभी आपात चर्चा करने में काम आयेगी।
आइए देखते हैं पिछले 24 घण्टों की कुछ हलचल.....





अब मैं अकेले कभी बोर नहीं होती, पता है क्यों,,,,
क्योंकि अब मेरे पास भी मेरी एक छोटी बहन धानवी आ गयी है :) 
बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारा प्यार!






Blogger, Custom Domain, Problems and Solutions [image: Blogger Logo] ब्लॉगर पर कस्टम डोमेन (Adding custom domain to a blogger blog) लगा लेना आज आम बात हो गय...




अपने ब्लॉग पर Emboss इफेक्ट कर प्रयोग कैसे करें ? [image: emboss] बहुत से ब्लॉग लेखक फोटोशाप के एक खास टूल *EMBOSS* की बारे में जानते होंगे | आज पोस्ट मे...

Klematis
--
बूढ़े बाबा की दीवानी
मोटी - मोटी चादर तानी,
फिर भी भीतर घुसकर मानी,
जाड़े की जारी मनमानी,
बूढ़े बाबा की दीवानी,
दादा - दादी, नाना - नानी,
कहते बख्शो ठंडक रानी, 

आईना झूठ बोलता है

My Photo

कहते है कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता,आईने की इसी खूबी के कारण  , बेचारी नन्ही सी राजकुमारी स्नो वाईट को ,अपनी सौतेली माँ के ज़ुल्मों का शिकार होना पड़ा|  जितनी बार  उसकी माँ आईने से  पूछती ,''आईने, आईने बता सबसे सुंदर कौन ,' आईना बेचारा कैसे झूठ बोलता  ,वो हर बार यही कहता ,''स्नो वाईट और उसकी माँ के गुस्से का पहाड़ टूट पड़ता उस नन्ही सी जान पर | शुक्र है कि उसे सात बौने मिल गए ,जिन्होंने उसकी दुष्ट माँ से उसकी रक्षा की,वरना  वह   उसे मरवा ही देती |स्नो वाईट को तो बौनों ने बचा लिया ,मगर आईना बेचारा परेशान और दुखी हो गया कि उसके कारण प्यारी सी स्नो वाईट को कैसे कैसे दुःख और मुसीबतें झेलनी पड़ी...

हम पर फ़िदा है

हम पर फ़िदा है सदा -ए- मोहब्बत 

की  है   इबादत   हम   करते  रहेंगे- 

हवाओं के आंचल लिखी दास्तान है

हमने  लिखा  है ,फिर  भी   लिखेंगे ...-
एक दिवस----
My Photo

जीवन व मृत्यु में संवाद होने लगा


दोनों में कौन श्रेष्ठ ,वाद होने लगा,


बात बढ़ते-बढ़ते विवाद होने लगा

 
जीवन की हर बात का प्रतिवाद होने लगा |
 "भारत बहुत महान!"


खादी और खाकी दोनों में छिपे हुए शैतान।
अचरज में है हिन्दुस्तान! 
अचरज में है हिन्दुस्तान!!

तन भूखा है, मन रूखा है खादी वर्दी वालों का,
सुर तीखा है, उर सूखा है खाकी वर्दी वालों का,
डर से इनके सहमा-सहमा सा मजदूर-किसान!
अचरज में है हिन्दुस्तान! 
अचरज में है हिन्दुस्तान!!....

राहुल गांधी का महात्मा कनेक्शन

राहुल गांधी ने कहीं सुना था एक महात्मा गांधी भी इस देश में हुए  हैं .गुजरात जाने पर उन्हें पता चला वह तो

 गुजरात में ही पैदा हुए थे .उनके किसी राजनीतिक पंडित ने उनका जनम पत्रा देखके फट बतलाया बबुआ...




इस मोड के बाद हमारा रास्ता चढाई का शुरू हो गया और नदी मुझसे दूर को हो गयी । नदी अब काफी दूरी से दिखायी दे रही थी । खैर नदी दूर हुई तो क्या हुआ इस क्षेत्र...

जेल की रोटी 
Laghu-Katha - My Hindi Short Stories -Pavitra Agarwal
पवित्रा अग्रवाल "लघु कथा 

दादा - एक गीत 
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 'माली दादा' , काफी प्रचलित शब्द है |

 ज्यादातर घरों में आप माली को दादा कहते हुए सुनेंगे |

 एक माली हमारे घरों में भी होते हैं , जिन्होंने बड़े प्यार और ....

!! दिल से !! 
मेरा फोटो
: जब मयस्सर ना हो रोशनी सूरज की,
 जब ना दिखे दीपक दूर-दूर तक टिमटिमाता कोई, 
जब कोई जुगनू गुज़रे भी ना आस-पास से,


*गांधी और गांधीवाद-**14**5* *संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर* *1909*** *लंदन में नतीज़ा कुछ नहीं निकला* 

 अल्लम्...गल्लम्....बैठ निठ्ठ्लम्...
धारावाहिक व्यंग्य : ...छपाना एक पुस्तक का ..(भाग-5) 

[पिछले अंक में आप ने पढ़ा कि मिश्रा जी ने कैसे मेरी किताब समीक्षा के लिए एक ’हलवाई ’जी को दे आए थे और कैसे उस हलवाई जी ने अपने मिष्ठान पाक शैली में अपनी समीक्षा...


ये कैसी कशमकश है कल दिन भर उस से बात नहीं हुई और मैं बार बार उसे ही सोचती रही कि अभी फ्री होगा अब मुझे उसका फोन आएगा, मेरे मोबिल पर अभी उसका कोई sms आएगा,...

मात्र एक 'शब्द' की घनघोर टंकार ने ** उसकी समस्त चेतना को संज्ञाशून्य कर दिया है ! उस एक शब्द का अंगार सदियों से उसकी अन्तरात्मा को पल-पल झुलसा...


पिछले कई दिनों से पढ़ रहा हूँ, बहुत पढ़ रहा हूँ, कई पुस्तकें पूरी पढ़ी, कई आधी अधूरी चल रही हैं। रात में बच्चों के सोने के बाद पढ़ना प्रारम्भ करता हूँ तो...

  चार आँखें थीं वो 


 लगता था तस्वीर से बाहर निकल कर

 सीधे भीतर झाँक रहीं हों अंतस तक दो आँखे 

उम्र दराज थी पर गजब की चमक थी

 अनुभव की शालीनता की दो बिल्कुल युवा ...


ओस की बूंदे पड़ने पर लाजवंती झुका के सर शरमाती थी सुर्ख गुलाब की पंखुड़ि‍यां छूते ही बि‍खर जाती थी कुछ खूबसूरत सी सुनहरी ति‍तलि‍यां मेरे आंगन में मंडराती ... 


भगवान का दरबार लगा है, मतलब मन्दिर सजा है। सैकड़ों भक्‍त कतार में लगे हैं। सभी हाथ जोड़े, आँख मूंदे, प्रार्थना कर रहे हैं। भगवान के जो सबसे समीप ...


सच भी बहुत धीरे से खोलता है जो , अक्सर मन ही में बोलता है वो । उसके कांधो पर लदे है संविधान , देश , मर्यादाएं , और विदेशी सपरिवार ।। एक मौन मनमोहन ...

"लालबत्ती मुझे भी चाहिए"


अन्त में देखिए!

22 comments:

  1. हर बार कुछ नयी पोस्टें पढ़ने को मिल जाती हैं आपकी चर्चा में।

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  2. बहुत ही सुन्दर चर्चा मंच |मेरा गीत आपको अच्छा लगा इसके लिए आभार |

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  3. बहुत ही सार्थक एवम् सारगर्भित सूत्र संजोये हैं शास्त्री जी आज की चर्चा में ! मेरी रचना को भी इसमें आपने स्थान दिया आभारी हूँ !

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  4. इस पोस्ट द्वारा कई अच्छे लिंक्स मिले.

    मेरी पोस्ट को भी चर्चा में स्थान देने हेतु बहुत-बहुत आभार.

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  5. चर्चामंच पर बहुत सुन्दर लिंक्स !!

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  6. बहुत सुन्दर चर्चा बेहतरीन लिंक्स बहुत बहुत बधाई आपको

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  7. बहुत सुन्दर लिंक्स चुने हैं…………बढिया चर्चा अब पढते हैं आराम से

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  8. सादर आमंत्रण,
    हम हिंदी के श्रेष्ठ ब्लॉग 'हिंदी चिट्ठा संकलक' पर एकत्र कर रहे हैं,
    कृपया अपना ब्लॉग शामिल कीजिए - http://goo.gl/7mRhq

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  9. भारत तो वास्‍तव में महान है, इसके जैसा देश दुनिया में नहीं है, बस हमी ने इसे थोड़ा विकृत कर दिया है। आपने हमारी पोस्‍ट को भी चर्चा के लिए इस लिंक पर प्रदर्शित किया तो हमें भी महानता का अनुभव हो रहा है।

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  10. आदरणीय शास्त्री सर जल्दबाजी में भी बहुत सुन्दर चर्चा सजा दी है आपने, आज मेरे दोनों ब्लॉग चर्चा मंच पर एक साथ शामिल करने हेतु आपको ह्रदय के अन्तःस्थल से अनेक-2 धन्यवाद सर.

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  11. अच्छी चर्चा लगाई आपने | सभी लिंक्स उम्दा |

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  12. बहुत उम्दा लिंक्स प्रस्तुति ,,,, बधाई।

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  13. बहुत बढ़िया चर्चा सजाई है आपने | प्रवीन पाण्डेय जी का लेख पढ़ते पढ़ते लिखना सीखो बहुत पसंद आया | मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए धन्यवाद |

    टिप्स हिंदी में पर नयी पोस्ट : पैराग्राफ सेटिंग के 10 तरीके उदाहरण

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  14. Dr. Shastri Ji evam Rajesh Kumari Ji,
    Aap dono ke vishesh sneh va anugrah ke liye "dhanyawad" shabd thoda lagata hai.

    Charchamanch ko adhikaadhik saarthakata va protsahan mile yahi shubhechchha karata hun.

    bahut si pathaniy saamagri , sanklan karane yogy bhi bahut kuchh mil jaataa hai , apane alaavaa dusaro ko samay va protsaahan dena Hindi ki badi sevaa hai , aapaka prayaas safal ho yahi kaamanaa karataa hun.

    Jay Hind !

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  15. बाहर होने के बावजूद बड़ी अच्‍छी चर्चा लगाई है आपने...कोशि‍श है कि सब पढ़ डालूं...मेरी कवि‍ता शामि‍ल करने के लि‍ए धन्‍यवाद

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  16. :51 AM
    आधार की सब्सिडी
    मिलकर खाना
    जब से सीखे है
    सेकुलरिजम बताते है
    गांधी गांधी गाते है
    सब
    मिल बाँट कर खाते है ।

    भाई साहब हमारा भी राम राम .इस सेकुलर शब्द ने बड़ा अनर्थ किया है हिदुस्तान का हिदू का .मारो जूते ज़मीन पे लिखके इस शब्द को जितने मारे जाएँ .तीनों पिट रहें हैं इसके साए तले ,हिदी ,हिदू ,हिदुस्तान .इसी ने बना दिया एक पाकिस्तान भारत में .ram ram bhai
    मुखपृष्ठ

    रविवार, 16 दिसम्बर 2012
    हम असली गांधी वादी हैं
    हम असली गांधी वादी हैं

    हमें तो कोई भी लात मार जाए हम पैर पकड़ लेते हैं गुस्सा नहीं करते नरेन्द्र मोदी की तरह .हम शांत रहतें हैं .

    पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मालिक ने जैसे ही समझौता एक्सप्रेस में हुए बम ब्लास्ट की बात की हमने फट

    इसके तीसरे मुजरिम राजेन्द्र चौधरी को मध्य प्रदेश के नागदा में गिरिफ़्तार कर लिया .हमारे गाल पे कोई भी

    चाटा मार जाए हम मोदी की तरह गुस्सा नहीं करते .पैर पकड़ लेते हैं .

    हम स्वाभिमानी हैं .आतंकियों को भी माफ़ कर देतें हैं .भले वह हमारे .........को मार जाएँ ,.....हम शांत रहतें हैं .



    रहमान मलिक हुक्म करें और किस किस को पकड़ना है हमारी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी फट पकड़ लेगी .

    मेहमा जो हमारा होता है वह जान से प्यारा होता है .क्या हुआ हमारे पिताजी और दादी को आतंकवादी मार गए

    हम गुस्सा नहीं करते उन्हें बिरयानी परोस्तें हैं .

    अब यह कहानी तो किसी से छिपी नहीं है गोत्र दादा से चलता है और वह कौन थे ?

    (श्री फ़िरोज़ गांधी )

    हम असली गांधी वादी हैं .

    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."



    ये कैसा मनमोहन ?
    सच भी बहुत धीरे से खोलता है जो , अक्सर मन ही में बोलता है वो । उसके कांधो पर लदे है संविधान , देश , मर्यादाएं , और विदेशी सपरिवार ।। एक मौन मनमोहन ...

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  17. बढ़िया चर्चा मंच सजाया .अपना आपद धर्म निभाया ,चर्चा मंच कभी न भुलाया .

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  18. "लालबत्ती मुझे भी चाहिए" (कार्टूनिस्ट मयंक)

    बिना लाल बत्ती वाला नेता ला -वारिश होता है श्रीमान बत्ती राखिये .....

    बिना लाल बत्ती वाला नेता ला -वारिश होता है श्रीमान बत्ती राखिये .....मैया मैं भी लाल बत्ती लेहूँ ....

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  19. वक्त वक्त की बात है ......

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  20. सार्थक लेखन समर्पित लेखन बधाई गांधी की असली बातें बतलाने के लिए असली गांधी को दिखलाने के लिए आज तो गाँधी और भी कई हो गएँ हैं गांधी के स्वनाम धन्य चेले भी .

    विचार

    लंदन में नतीज़ा कुछ नहीं निकला
    *गांधी और गांधीवाद-**14**5* *संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर* *1909*** *लंदन में नतीज़ा कुछ नहीं निकला*

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  21. न दैन्यं न पलायनम्



    पढ़ते पढ़ते लिखना सीखो
    पिछले कई दिनों से पढ़ रहा हूँ, बहुत पढ़ रहा हूँ, कई पुस्तकें पूरी पढ़ी, कई आधी अधूरी चल रही हैं। रात में बच्चों के सोने के बाद पढ़ना प्रारम्भ करता हूँ तो...

    अति सुन्दर और मनोहर प्रस्तुति . अब तक जो महान आविष्कार होने थे वह हो चुके अब 20वीं शती में नया कुछ नहीं होना है .19 वीं शती के आखिरी चरण में यह उदगार उस वक्त के एक महान

    के थे .

    यह वक्तव्य इलेक्त्रों के जन्म पूर्व का है .यह कितना बोदा था अब समझाने के ज़रुरत है ?
    अति सुन्दर और मनोहर प्रस्तुति . अब तक जो महान आविष्कार होने थे वह हो चुके अब 20वीं शती में नया कुछ नहीं होना है .19 वीं शती के आखिरी चरण में यह उदगार उस वक्त के एक महान

    के थे .

    यह वक्तव्य इलेक्त्रों के जन्म पूर्व का है .यह कितना बोदा था अब समझाने के ज़रुरत है ?

    All the great discoveries are being made ,was once an illusion of a great scientist of his time ,it was before the advent of the electron ,today pravin ji said almost a

    parallel thing .Read 100 pages if you write one said one of a great Hindi author ,.Reading enhances the vocabulary too, constantly informs a person .All our write ups

    are based upon reading and scanning ,both have their significance .We address different strata of society when we write .I address the Hindi readers by constantly

    writing things in Hindi and explaining the definitions which are often missing in the original write ups in english .My audience is different .It is a matter of addiction and

    hooking whether you are binge writer or reader .

    अच्छा विमर्श हुआ आपको पढ़के ,आपके पढ़ने के घनत्व और तीव्रता को देख कर .लिखने का अपना सुख है पढने का अपना .अभिव्यक्त होने के आनंद का कहना ही क्या .

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