चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Wednesday, March 27, 2013

"रंगों की दुनिया (चर्चा मंच-1196)


मित्रों!
    आज होली का पावन पर्व है! रंगों के इस त्यौहार पर आप सबको हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए, चर्चा का क्रम शुरू करता हूँ!

चित्र सौजन्य से - अरुण शर्मा अनन्त
1

आखिर फाल्गुन आया ...
2-a

पिया की होली |(दो गीत)(२) डालो ‘प्यार का रंग’ पिया’
आज गाँव गाँव आंचलिक लोक भाषा(बोली) के स्थान पर खड़ीबोली का प्रचलन है यानी नागरी हिन्दी का व्यापक विकास हो चुका है | प्रचलित भाषा ही उपयोगी होती है | उसे नयी संतति स्वीकार करती है | लीजिये होली के माहौल में रस-भीना यह दूसरा लोक-गीत खड़ीबोली का !  
आओ मुझ पर डालो ‘प्यार का रंग’ पिया !
तुम चलकर होली खेलो मेरे संग पिया !!

2 b

सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ....सुगना फाउंडेशनएक ब्लॉग सबकापरSawai Singh Rajpurohit 

3 a

दास्ताँने - दिल (ये दुनिया है दिलवालों की)

बुरा न मानो होली है -
............. बुरा न मानो होली है ............ रंगों की बदरी छाई है, होली की बारिश आई है, मस्ती ने मस्ती घोली है, रंगीन रची रंगोली है, शास्त्री सर की कविता...
3 b

युक्तं मधुरं, मुक्तं मधुरं

होली की पदचाप सारी प्रकृति को मदमत कर देती है। टेसू के फूल अपने चटक रंगों से आगत का मन्तव्य स्पष्ट कर देते हैं। कृषिवर्ष का अन्तिम माह, धन धान्य से भरा समाज का मन, सबके पास समय, समय आनन्द में डूब जाने का, समय संबंधों को रंग में रंग देने का, समय समाज में शीत गयी ऊर्जा को पुनर्जीवित करने का। नव की पदचाप है होली, रव की पदचाप है होली, शान्तमना हो कौन रहना चाहता है।...

4 a

बुढि़याती कवयित्रिओं के साथ आज मनाते हैं होला । बुढि़याती शब्‍द का प्रयोग इसलिये किया गया है कि इसमें से कुछ बाकायदा बूढ़ी हैं तो कुछ मानने को तैयार नहीं हैं की वो बूढ़ी हैं।
सुबीर संवाद सेवा

4 b

होली की हुडदंग काव्यान्जलि के संग,काव्यान्जलिपरधीरेन्द्र सिंह भदौरिया 
होली की हुडदंग काव्यान्जलि के संग शालिनी रस्तोगी जी होरी में धूम मचाये, नटखट नन्द किशोर ! वृन्दावन कि गलियन में, मचा रहा है शोर !! मचा रहा है शोर , गोपियाँ भगती फिरतीं ! कान्हा ऐसो ढीठ, न कोई उनसे बचती !! भीज गया सब अंग, भिगाई मोरी चोली ! रंग-गुलाल लेकर ,खेलत कान्हा होली !! 
5 a

रंगें हम मित्रता के रंग, जलाएं वैर की होली
Hasya Kavi Albela Khatri


5 b

किसकी कैसी होली...हिन्दी-हाइगापरऋता शेखर मधु 

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

6

अज़ीज़ जौनपुरी : थाम लो दामन कि आज होली है »
थाम लो दामन कि आज होली है दिलों में चराग मोहब्बत के जलाओ कि आज होली है
7

तराने सुहाने
होली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें -फिल्म 'मदर इंडिया' से सुनिये होली गीत और आप भी होली खेलने के मूड में आ जाइए !
12

शिप्रा की लहरें
होली के दोहे. - * एक रंग है प्रीत का, बाकी सब तो स्याम, अक्षर-अक्षर तू लिखा, मैं रह गई अनाम . * जो जंगल सुलगा रहे, वही पलाश बटोर, घोल रंग होली किया, दहक रहा हर पोर…
13

हरकीरत ' हीर'
उड़ा गुलाल ........... - होली पर कुछ हाइकू
.... उड़ा गुलाल ........... १ उड़ा गुलाल फिर आसमान में आई रे होली ..! 2 रंग -रंगोली मन हुआ फागुनी भांग की गोली

14

नजरिया
जंवईराज की ससुराली होली... - सासू जब तक सासरा, साला तब तक साख. साले के बेटा भयो फिर, खाक में मिल गई साख. फू.........फा........

15

कविता

ख्वाब-ए-इश्क ने -


16 a

हज़ल - पलकें गिरा के मारा
Voice of Silent Majority

इक रोज़ उसने मुझ को छत पर बुला के मारा ख़ुद को छुपा के उसने कंकड़ उठा के मारा तूने कभी तो मुझको जलवा दिखा के मारा तेरा न जी भरा तो पलकें गिरा के मारा..

16 b

रामलला बैठे टाट तलें तो मैं कैसे होली खेलूँ ?Swatantra Vichar

रामलला बैठे टाट तलें तो मैं कैसे होली खेलूँ ? जन्म भूमि पर नहीं है मंदिर, कैसे होली खेलूँ ?? सम्पूर्ण भारत भू पर लिखा नाम राम का कण कण धरा उसकी नभ भी श्री राम का पर क्यो कैसे अंतर्मन मन में पीड़ा रख लूँ ? जीनें जन्मा, मैं क्यों जहर का प्याला पी लूँ ??

17


होली है
दुनिया रंग रंगीली

आओ सैयां खेले होरी तुझ संग बंधी है प्रीत की डोरी लाल - पीला और नीला - पीला तुझ जैसा है ये रंग सजीला तेरे बिन फीकी ये होली चल मिलके हम खेले होली हर तरफ रंगों की बोली सजी हुई हर तरफ है टोली पानी भर - भर के पिचकारी भीगा रहें सबकी है चोली दिल में रहें न गिला अब कोई बोल दे सबसे मीठी बोली चल मिलकर खाएं भंग की गोली बोले सब बम - बम की बोली चल सैयां मिलकर खेलें होली हर दिशा खिल उठे सजीली | सभी दोस्तों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं :) ♥
18

मैं शरणार्थी हूं तेरे वतन में..........सुमन वर्मा
मेरी धरोहर

कितना दर्द है मेरे जिगर में गली-गली मैं जाऊं आग से भागा, सागर में डूबा फिर भी मैं मुस्काऊं। मैं शरणार्थी हूं तेरे वतन में सब मुझको हैं ठुकराते बच्चे, घर सब लूट चुके हैं मेरे दिल पे ठेस पहुंचा...
19

होली का हुल्लड़
तमाशा-ए-जिंदगी
प्यारे दोस्तों मैं आप सभी को आदाब अर्ज़ करता हूँ | होली के इस शुभ मौके पर मैं आप सबके सामने अपना लिखा एक गीत प्रस्तुत करने जा रहा हूं | उम्मीद करता हूँ आप सभी मेम्बरान को मेरी कोशिश पसंद आएगी | ज़िन्दगी में रिकॉर्डिंग का ये मेरा प्रथम प्रयास है | यदि कोई त्रुटी हो जाये तो शमा चाहूँगा | तो पेश-ए-खिदमत है होली का हुल्लड़ | दस, नौ, आठ, सात छह, पांच, चार, तीन दो एक...मस्ती शरू करते हैं हम... रंग भरी इन बौछारों से भीगी है चुनरिया, हे भीजे तोहरी चोली, मां बावरे हैं सब जन यहाँ मन पर नहीं काबू होली का है जादू... ये होली का जादू है ला र ला नहीं दिल पे काबू…
20
वो बार बार धमकाए चले जाते हैं

म्हारा हरियाणा

........*वो बार बार धमकाए चले जाते हैं ... 
* होली आते ही पतिदेव एलान कर देते हैं 
रंग चेहरे को खराब कर देते हैं 
हम न खोलेंगे दरवाज़ा न खेलेंगे फाग होली ...
21

काव्य मंजूषा

रंग-बिरंगी होली ... - होली की ढेर सारी शुभकामनायें  !!! 
१. कितने रंग-बिरंगे तन हैं, और मन ? कुछ धवल  कुछ मटमैले  और कुछ कोलतार से काले...
22

अमन का पैग़ाम

चाल-चलन बदलने के लक्ष्य का पता होना। 
बच्चों का पालन पोषण व तरबियत उनके साथ समय बिताए बिना सम्भव नही है,

23


कहीं खो सी गई है वो होली....... - (( सभी मि‍त्रों को होली की बधाई व शुभकामनाएं....मेरी तरफ से सारे लोग गुलाल लगा लें....;क्‍योंकि मुझे गुलाबी रंग पसंद है...... :))
24

ज्ञानसिंधु

पासा - सतीश दुबे खाना लगा दूं हूं ! मूड तो अच्छा है ? हां ! स्मिता आजकल जिद नहीं करती ?


25

स्पंदन SPANDAN
रंगों का मेला-देश काल से परे... - होली आने वाली है। एक ऐसा त्योहार जो बचपन में मुझे बेहद पसंद था। पहाड़ों की साफ़ सुथरी, संगीत मंडली वाली होली और उसके पीछे की भावना से लगता था…
26

मिसफिट:सीधीबात

" चम्मचों की वर्तमान दशा और उनकी भविष्य की दशा "


27

KAVITA RAWAT

होली के गीत गाओ री! -सखि! घर आयो कान्हा मेरे, खुशी से होली मनाओ री।…


28

do patan ke bich
नियति नहीं यह अवसाद है - अवाम होने के मजाक में मुंह मूंदकर रोते जाना आंख खोलकर सोये रहना हमारी नियति नहीं, अवसाद है बगुल-ध्यान में है "मसीहा'' बायें हाथ में जाल, दायें में हथियार...
31

कबीरा खडा़ बाज़ार में
यूं समझो ये फाग सजी है -डॉ वागीश मेहता
बुरा न मानो होली है यूं समझो ये फाग सजी है -डॉ वागीश मेहता कुर्सी पर बैठा है बन्दर , कुर्सी नीचे आग लगी है . चेहरे पर कोई शिकन नहीं है , कैसी सुन्दर...
32

आओ खेलें होरी हो......
मीठा भी गप्प,कड़वा भी गप्प

ढम... ढम... ढम... ढम... ढम... ढम... ढम... ढम... होssssssssssssssss.... ढिम-टपाक, ढिम-ढिम टपाक ढिम-टपाक, ढिम-ढिम टपाक हुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रssssss....... हे हे, हे हे...... हे हे, हे हे...... हुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रsssss...... ढिंग-चक... ढिंग-ढिंग चक ढिंग-चक... ढिंग-ढिंग चक हो-हो, हो-हो हो-हो, हो-हो..... अरे ओ गोरीssss... अरे ओ छोराssss अरे ओ गोरीssss.... अरे ओ छोराssss सा रा रा रा..... अरे रे.... सा रा रा रा सा रा रा रा..... अरे-रे... सा रा रा रा स र र र होsss ...... अरे रे.. स र र र होsssss...... F- आओ रे.... आज खेलें होरी हो.. .
33

अपने मियां मिट्ठू बन लूँ
जो मेरा मन कहे
इस होली पर रंग बिरंगी पोस्टों में से कुछ को चुन लूँ चुन चुन चुग चुग कर पढ़ कर एक पन्ने पर सब को धर कर रंग बिरंगा कवर बना कर उस पर अपना नाम सजा कर एक किताब की रचना कर लूँ अपने मियां मिट्ठू बन लूँ। पीकर गुझिया,ठंडाई खा कर और मिठाई में भांग मिला कर गुब्बारों मे चाशनी भर कर जो गुजरे मूंह मीठा कर दूँ अपने मियां मिट्ठू बन लूँ।
34

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून

कार्टून :- हड़काउ होली
35
बुरा न मानो होली है ....
today's CARTOON परआरडीएक्स - 1 घंटे पहले


36

होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाए !

अंधड़ !पर पी.सी.गोदियाल "परचेत"
भले ही हुकूमत * *बेइंतहा भ्रष्ठ, निक्कमी और ढीली हो,* *सल्तनत में भी * *न कहीं नजर आती कोई तबदीली हो।* *मंदी का तम * *भले ही नाउम्मीदी की घटा नजर आये , * *किंतु फिर भी * *यही दुआ है शुभकामनाओं सहित * *कि यह होली आपके लिए खुशियों भरी, रंग-रंगीली हो।* *Happy Holi !

अन्त में देखिए..
37
मेरे तीन होली गीत
(अ)

"आज हम खेलें ऐसी होली"
सजी हैं घर-घर में रंगोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।

नहीं भड़कने देंगे नफरत की मतवाली आग,
जल की पावन बौछारों से खेलेंगें हम फाग,
प्यार की बोलेंगे हम बोली।
आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।..

(आ)

"आई फिर से होली"
गाँव-गली और बाजारों में घूम रहीं हैं टोली।
हुल्लड़ और धमाल मचानेफिर से आई होली।।
कोई पीकर भंग नाचताकोई सुरा चढ़ाए,
कोई राग-रागनी गाताकोई ढोल बजाए,
मस्तक-चेहरों पर चित्रित है लाल-हरी रंगोली।
हुल्लड़ और धमाल मचानेफिर से आई होली।।..
(इ)
"देख तमाशा होली का"
"देख तमाशा होली का"
अचानक कुछ पंक्तियाँ बन गई हैं
आप भी इनका आनन्द लीजिए!
मस्त फुहारें लेकर आया,
मौसम हँसी-ठिठोली का।
देख तमाशा होली का।।

उड़ रहे पीले-हरे गुलाल,
हुआ है धरती-अम्बर लाल,
भरे गुझिया-मठरी के थाल,
चमकते रंग-बिरंगे गाल,
गोप-गोपियाँ खेल रहे हैं,
खेला आँख-मिचौली का।
देख तमाशा होली का।।..

21 comments:

  1. रंग-बिरंगा चयन ,होली के रंग दिखा गया .शिप्रा की लहरे को भी सम्मिलित किया - कृतज्ञ हूँ !

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  2. गुरूदेव आपका आशीर्वाद पाकर मेरी होली तो धन्य हो गयी! इस अंक में मुझे स्थान देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!
    आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  3. सर्व प्रथम रंगो से भरी इठलाती होली की शुभकामनाएँ
    मेरी पसंद
    और यहाँ
    मै आभारी हूँ

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  4. हमारी पोस्ट शामिल करने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सर!

    होली का पर्व आपको सपरिवार शुभ और मंगलमय हो!

    सादर

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  5. बहुत अच्छे रंग बिरंगे लिनक्स मिले....
    चैतन्य को शामिल किया धन्यवाद आपका
    शुभ होली

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  6. बहुत ही सुन्दर और रंग बिरंगे सूत्र..

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  7. होली के शुभ अवसर पर बेहतरीन रंगा-रंग प्रस्तुति,होली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  8. बहुत बेहतरीन सुंदर लिंक्स ,,,मेरी पोस्ट को मंच में स्थान देने के लिए आभार,,,
    आपको और चर्चामंच की पूरी टीम को होली की हार्दिक शुभकामनाए,,,


    Recent post: होली की हुडदंग काव्यान्जलि के संग,

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  9. धन्यवाद शास्त्री जी 'तराने सुहाने' के लिंक का चयन करने के लिए ! रंगों के इस पावन पर्व पर सभी पाठकों एवँ श्रोताओं को होली की हार्दिक शुभकामनायें !

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  10. चर्चामंच परिवार की ओर से सभी गुरुजनों, मित्रों एवं पाठकों को होलिकोत्सव की हार्दिक बधाई व अनन्त शुभकामनाएं, आदरणीय गुरुदेव श्री होली के सम्पूर्ण रंगों की छटा बिखेरता चर्चा मंच का यह सुन्दर रूप बहुत ही लुभावना है, ऐसी सुन्दर रंग बिरंगी चर्चा लगाने हेतु हार्दिक आभार.

    जय हो जय हो

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  11. सुन्दर रंगबिरंगे समीचीन लिंक .... बहुत बढ़िया ... मेरी पोस्ट को स्थान देने हेतु हार्दिक आभार .... सभी को होली की बधाई .... शुभकामनाएं ...

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  12. होली की महिमा न्यारी
    सब पर की है रंगदारी
    खट्टे मीठे रिश्तों में
    मारी रंग भरी पिचकारी
    होली की शुभकामनायें

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  13. होली की अनंत शुभकामनाएँ...आभार हिन्दी हाइगा शामिल करने के लिए!!

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  14. मेरे सभी मित्रों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ | और शास्त्री जी को मेरा प्रणाम मेरी रचना को चर्चामंच में स्थान देने का बहुत २ शुक्रिया |

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  15. होली के विभिन्न रंगों से संजोई इस सुन्दर चर्चा में मेरी शुभकामनाओं को स्थान देने हेतु आपका आभार व आ. गुरुजी सहित इस स्तम्भ के सभी चर्चाकारों को मेरी ओर से होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ...

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  16. bahut sundar charcha . Holi ki hardik badhai ....

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  17. maza aa gaya holi ka ,sunder links.....charchamanch parivar ko holi ki shubhkamnayein

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  18. बहुत सुन्दर रंगारंग चर्चा प्रस्तुति में मेरी ब्लॉग पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!!

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  19. हमारी पोस्ट शामिल करने के लिए आपका दिल से धन्यवाद सरजी

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  20. हमारी पोस्ट शामिल करने के लिए आपका दिल से धन्यवाद सरजी

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  21. charcha manch me meree post ko shamil karne ke liye Dhanyawad.

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