चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Thursday, April 04, 2013

IPL के रंग में रंगेगा अब भारत ( चर्चा -1204 )

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है 
 

IPL शुरू हो गया है देश अब सारी चिन्ताएं छोड़कर क्रिकेट देखेगा । मीडिया को भी अब न बुराई दिखेगी, न महंगाई , दिखेगी बस गेल, धोनी की धुलाई । लगता है सब मर्जों की दवा है ये क्रिकेट ! क्यों , क्या कहते हैं ?
मेरा एक प्रयास 

ठंडी औरत 

एक साक्षात्कार 

होनहार बच्चे और उनके माँ-बाप को मशविरा 

UGC NET हिंदी वालों को शायद  लाभ हो 
My Photo
बेटे का बे का सवाल गोदियाल जी को 

नीम निम्बौरी पर है अलंकारों से सजी कुंडलिया 
मेरा फोटो
मूर्ख दिवस को बहाना मानती हैं सुमन जी 

इंस्टाल कीजिए विंडो ८ 

उम्र बीत रही है ख्यालों में 

प्रवीन पाण्डेय जी की तत्सम शब्दावली की  कविता
 जाले
सीमान्त गांधी का वंशज ? इदरीस मर गया 

मिस काल की महिमा 

मंजिल मिल ही गई 

सलाम विभा जी के हौंसले को  

उम्र बस एक शाख है 
My Photo
रिदा और अदा  की बात है काव्य मंजूषा पर 
आज की चर्चा में बस इतना ही आखिर मैंने भी IPL का मैच देखना है 
धन्यवाद 
दिलबाग विर्क 
 


16 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति!
    आभार विर्क जी आपका!

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  2. वाकई कुछ कुछ लागे नया नया !
    सुंदर !

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  3. बहुत अच्छी लिंक्स पिरोये है आपने इस चर्चा रूपी माला में।

    पधारिये आजादी रो दीवानों: सागरमल गोपा (राजस्थानी कविता)

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  4. बहुत बढ़िया है आदरणीय-
    शुभकामनायें स्वीकारें-

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  5. बहुत ही बेहतरीन सुन्दर चर्चा की प्रस्तुति,आभार दिलबाग जी.

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  6. बहुत बढिया लिंक्स संजोये हैं ………सार्थक चर्चा

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  7. बहुत बढिया……सार्थक चर्चा

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  8. धरनी दोहे तौ मिलै जल जलावन ज्वाल ।
    जे तिन्ह अप ब्यय करै घिरै आपदा काल ॥

    भावार्थ : --
    धरती के दोहन के फलस्वरूप ही हमें जल, ईंधन, और बिजली मिलती है ।
    जो इनको व्यर्थ में व्यय करेगा वह प्राकृतिक आपदाओं में घिर जाएगा ॥
    अर्थात : -- 'जल है तो कल है'
    'ज्वाल में ही काल है'
    'ईंधन में भी धन है'

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  9. Neetu ji ki baat se poorntah sahmat...
    babhut acchi charcha ki hai aapne Dilbag ji ..Dil baag baag ho gaya :)

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  10. कौड़िन जोड़न छोड़ दे जोडू जोड़ सँभार ।
    बरत बल गाँठ गोड़ दे फिर ते कर बैपार ॥

    बरत = व्रत, रस्सी

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  11. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति ...आभार.

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  12. हर हाल में पानी बचाने की कोशिश कीजिये, पानी का दुरूपयोग अपराध है।

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  13. सुन्दर व्यवस्थित चर्चा

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  14. बहुत ही सुन्दर सूत्रों से सजी चर्चा।

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