चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Thursday, June 27, 2013

बहुत बंट चुके हम अब और न बांटो ( चर्चा - 1288 )

 आज की चर्चा में आपका स्वागत है 
उत्तराखंड में जो कहर कुदरत ने बरपाया है वो तो दुखद है ही लेकिन उससे ज्यादा दुखद है इसके लेकर हो रही राजनीति । मोदी-राहुल, मोदी-राहुल  ये सुन-सुनकर कान पक गए हैं । इनमें से एक सिर्फ एक राज्य का मुख्यमंत्री है तो दूसरा कोई पद ही नहीं रखता । देश इन दोनों से कहीं ज्यादा बड़ा है । मोदी समर्थकों से इतना कहा जा सकता है कि चुनाव आएँगे मोदी को प्रधानमन्त्री बनाना चाहते हो तो तब जोर दिखाना अब देश की आपदा के समय हर बात में राहुल-मोदी को ले आना कदापित उचित नहीं । जाति, धर्म, भाषा के हिसाब से तो पहले ही बहुत बंट चुके  हैं हम अब पार्टियों ( खासकर मोदी-राहुल ) में न बांटो । 
चलते हैं चर्चा की ओर 
अपना घर ही अच्छा है 

अजवाइन से कुछ रोगों का उपचार ...

अब के सावन आ रही  है तेरी याद

आत्म संतोष 

मैंने तो "मैं' के धरातल पर रामराज्य स्थापित किया था

अपना मन टटोलना चाहता  
Priyanka Jain
आखिरी पहर, लबरेज सहर 

पगलाए से पतंगें 

छटपटाता रहा चाँद डरता रहा

किनारे तुम्‍हारे आने की बाट जोहने लगते हैं
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सुन लेते यदि धरती की पुकार

देवभूमि के देवदूत और लुटेरे 
My Photo
जन्म के अनुबंध फ़िर ढीले हुए
मेरा फोटो
औरत होने का मतलब
 मेरा फोटो
तेरे हाथों की खुशबू की महक आती है अम्मा
मेरा फोटो
आज यह दायित्व सब, हम  पर आता है|

जब कोई अपना रूठ गया 
My Photo
वीडियो दर्शन 
 आज की चर्चा में बस इतना ही 
धन्यवाद 
दिलबाग 
आगे देखिए..."मयंक का कोना"
(1)
सुकून मिलता है ....अतीत में !!!

ज्यों काफ़िर मुहँ से लगी छूटती नही ये यादों की लड़ी कभी भी टूटती नही 
कुछ अरसे के लिए हो जाता हूँ ,बेखबर 
फिर भी ये कभी मुझसे यूँ रूठती नही 
करने लगता हूँ याद बीती हुई यादें ...
यादें...पर Ashok Saluja 
(2)
सुसाइड नोट-एक लघु कथा

भारतीय नारी पर shikha kaushik 

(3)
रॉबर्ट वाड्रा का 'जमीनी खेल' ओर बदलता कानून

AAWAZ पर  SACCHAI

(4)
स्वराज या गुंडाराज – मर्ज़ी है आपकी क्योंकि देश है आपका
अपनी बात को मैं इन दो पंक्तियों के माध्यम से आरम्भ कर रहा हूँ 
*कुछ ज़बानों पर हैं ताले, कुछ तलवों में हैं छाले* 
*पर कहते हैं कहने वाले, के स्वराज चल रहा है * *किस हाल से हमारा यह समाज गुज़र रहा है ?...
तमाशा-ए-जिंदगीपरतुषार राज रस्तोगी

(5)
उसको मीठा होना चाहिए था, बाप उसका हलवाई है

Hasya Kavi Albela KhatriपरAlbela Khtari 

(6)
कार्टून :- उत्‍तराखंड में भॉंडनृत्‍य

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून

23 comments:

  1. आज की लिंक्स बहुत सोचने को बाध्य कर रही हैं |
    बढ़िया चर्चा |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार दिलबाग विर्क जी |शुभ प्रभात |
    आशा

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  2. भाई दिलबाग विर्क जी!
    आपने आज बृहस्पतिवार (27-06-2013) को बहुत बंट चुके हम अब और न बांटो ( चर्चा - 1288 )
    मे
    बहुत सुन्दर और व्यापक चर्चा की है!
    आभार के साथ...सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. bahut badhiya hai charchamanch pr samay ki kami ke karan nahi padh pa rahi hoon ..dhanyavad ....

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  4. सुंदर

    सटीक -

    शुभकामनायें-

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  5. meri pahli rachna ko charchamanch me shamil karne hetu bahut bahut dhanyawaad...

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  6. सार्थक चर्चा ....खूबसूरत लींक

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  7. कार्टून को भी चर्चा में सम्‍मि‍लित करने के लि‍ए आपका वि‍नम्र आभार.

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  8. SARTHAK CHACHA .MERI POST KO YAHAN STHAN PRADAN KARNE HETU SHASTRI JI KA HARDIK AABHAR

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  9. बहुत सुन्दर चर्चा खूबसूरत लींक .

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  10. Sundar Links , Sadhuwad !
    Jay Hind !

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  11. बहुत बढ़िया लिंक....आभार !!!!

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  12. बहुत सुन्दर और व्यापक चर्चा,मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार दिलबाग विर्क जी.

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  13. धन्यवाद दिलबाग साब..

    आभारी हूँ..!!

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  14. दिलबाग सर नमस्कार
    बहुत ही सामयिक सूत्र जोड़े हैं इस चर्चा में बधाई
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार

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  15. विस्तृत चर्चा ...
    शुक्रिया मुझे भी शामिल करने का ...

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  16. बहुत बढ़िया लिंक....आभार

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  17. दिलबाग जी,आप का बहुत-बहुत शुक्रिया इस मान-सम्मान के लिए ...
    स्वस्थ रहें!

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  18. यथा संभव सभी लिंक पढ़े ...बहुत अच्छे लगे ...यहाँ किस तरह टिप्पणी की जाती है ,पता नहीं ..पर सभी को fallow करते हुए कोशिश कर रही हूँ ...मुझे भी यहाँ स्थान देने के लिए आदरणीय दिलबाग़ विर्क जी का बहुत-बहुत आभार ..!!

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  19. बहुत सुंदर लिंक्‍स सजाए हैं आपने....मेरी रचना शामि‍ल करने के लि‍ए आपका धन्‍यवाद

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  20. आदरणीय दिलबाग जी बहुत सुन्दर चर्चा रही ..आज के हालत की छवियाँ दिल छू गयीं ..मेरे ब्लाग से भी आप ने छटपटाया बहुत चाँद को चुन हर्ष हुआ
    ..जय श्री राधे ..बधाई
    भ्रमर ५

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