समर्थक

Saturday, June 01, 2013

बिना अपने शब्दों को आवाज़ दिये (चर्चा मंचःअंक-1262)

जून माह की पहली चर्चा में आपका स्वागत है 
चलिये सीधे चलते हैं आज लिंक्स पर 
बिना अपने शब्दों को आवाज़ दिये 

1

आपके कंप्यूटर / मोबाइल फ़ोन का आधार कार्ड बना या नहीं?

2


3

4

5

6

7

8


9

10

11

12

13

14

15

16

17

18
20


21

22

24

रात गुलज़ार के संग काट आयी, बाबुषा



आज के लिये बस इतना ही ………फिर मिलते हैं ………नमस्कार...!

आगे देखिए..."मयंक का कोना"
(1)
ग़ज़ल

कोई गीत नये सुरों में जब गाया जायेगा 
साँसों के साज़ को कैसे भुलाया जायेगा ...
कागज मेरा मीत है, कलम मेरी सहेली......

(2)
अज़ीज़ जौनपुरी : दिये मकबरे पर जलाती रहो

पास आओ मेंरे, चंद लमहें गुज़ारो,
मेरे पहलू में तुम यूँ ही बैठी रहो ...
Zindagi se muthbhedपरAziz Jaunpuri

(3)
मनपसन्द अपने अशआर -

साहित्यिक सहचर
मत उलझ हमसे अमीरे कारवां, ये सोच ले,
जिन्दगी हमसे उलझ कर,चैन से अब तक नहीं...
साहित्यिक सहचर 

(4)
ब्लॉग महिमा
मेरा फोटो
गुज़ारिश पर सरिता भाटिया 

(5)
बिदाई गीत
छुट गयल बाबुल तोर अंगनवा  छूटल आपन ई देस रे   
काहे का बिटिया भइल परायी   काहे दीजो परदेस रे  ...
Voice of Silent Majority पर Brijesh Singh 

20 comments:

  1. वन्दना जी!
    आज शनिवार (01-06-2013) बिना अपने शब्दों को आवाज़ दिये (चर्चा मंचःअंक-1262) में आपने बहुत श्रमसाध्य चर्चा लगाई है...!
    आभारी हूँ...!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  2. नमस्कार शास्त्री जी
    सभी लिंक सुन्दर और सार्थक ,बधाई वंदनाजी

    ReplyDelete
  3. शुभ प्रभात
    दीदी
    आपने आज बेहद पसंदीदा लिंक्स दिये
    सच में
    आभारी हूँ

    ReplyDelete
  4. मनभावन सूत्रों से सुसज्जित चर्चामंच पर अपनी रचना को देख कर आनंदित हूँ वन्दना जी ! आपके चयन को दाद देती हूँ ! हृदय से आपका आभार एवँ धन्यवाद !

    ReplyDelete
  5. बहुत बेहतरीन लिंक्स मिले, आभार.

    रामराम.

    ReplyDelete
  6. बेहतरीन लींक से सजी है चर्चा मंच की ये पोस्ट ओर मै आपका आभारी हु की आपने मेरे ब्लॉग को इस गौरवभरे मंच पर स्थान दिया

    ReplyDelete
  7. बहुत ही सुन्दर और उपयोगी लिंक्स सजे हैं आप की चर्चा में। इसके लिए साधुवाद!
    आज की चर्चा में मेरी रचना को स्थान प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार!

    ReplyDelete
  8. बेशक आज की चर्चा भी बेहतरीन हुई लेकिन आपके शब्दों की आवाज़ सुनने की आदत सी हो गई हैं. नि:शब्द चर्चा भी खूब रही.

    ReplyDelete
  9. अच्छे लिंक दिए आपने आज की चर्चा में ! मेरे ब्लॉग पर भी पधारे और कोई पोस्ट अच्छी लगने पर उसे भी इस चर्चा मंच में जगह दे में आपका आभारी रहूँगा ! मेरे ब्लॉग का पता हे

    http://hiteshnetandpctips.blogspot.com

    नयी पोस्ट हे !
    गूगल के कुछ मजेदार तथ्य

    ReplyDelete
  10. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति ....आभार

    ReplyDelete
  11. विषयों की विविधता से युक्त अच्छी चर्चा।
    आभार !

    ReplyDelete
  12. अनुपम, अद़भुद, अतुलनीय, अद्वितीय, निपुण, दक्ष, बढ़िया चर्चा
    हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र की रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियॉ प्राप्‍त करने के लिये एक बार अवश्‍य पधारें
    टिप्‍पणी के रूप में मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ साथ पर अनुसरण कर अनुग्रहित करें
    MY BIG GUIDE
    नई पोस्‍ट
    इन्‍टरनेट पर हिन्‍दी सर्च इंजन
    अपने ब्‍लाग के लिये सर्च इंजन बनाइये

    ReplyDelete
  13. हालांकि इस सम्‍मानित मंच पर 'चर्चा' नदारद है। बेहतरीन लिंक बहुत ही मेहनत से संकलित किए गए है। वंदनीय हैा ।
    आखर कलश पर प्रकाशित श्री नंद भारद्वाज की कविता 'बस्‍ती का पेड' शामिल करने हेतु सम्‍मानीया श्रीमती वंदना गुप्‍ता जी और समस्‍त चर्चामंच की टीम का आभार और अभिनंनदन। सादर

    ReplyDelete
  14. चर्चा मंच में प्रथमबार मेरी पोस्ट का लिंक सम्मिलित करने के लिए चर्चाकार का आभार।

    ReplyDelete
  15. बहुत सुन्दर सूत्रों से सजी चर्चा।

    ReplyDelete
  16. बहुत ही सुन्दर चर्चा वंदना जी हार्दिक आभार आपका.

    ReplyDelete
  17. वंदना जी बहुत सुन्दर शानदार चर्चा हेतु हार्दिक बधाई आपको

    ReplyDelete
  18. वंदना जी शानदार जानदार चर्चा के लिए बधाई
    गुरु जी प्रणाम मेरी रचना को स्थान देने के लिए आभार

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin