चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Wednesday, August 07, 2013

रीयल्टी शो पाक का, आतंकी भी फेल :चर्चा मंच 1330


बच्चा बँटता इस तरह, ज्यों बच्चों का खेल |
रीयल्टी शो पाक का, आतंकी भी फेल |

आतंकी भी फेल, दुधमुहाँ नए ठिकाने |
लगा ठिकाने बाप, गई माँ जिसे बहाने | 

घर घर बच्चा माँग, यहाँ नक्सल को गच्चा |

वहाँ पाक में स्वाँग, खेल में बँटता बच्चा ||
15  अगस्त तक लखनऊ में  हूँ-रविकर 

Admin Deep 



अज़ीज़ जौनपुरी : सूरज की रौशनी

Aziz Jaunpuri  


चोका : सुनो कबीर


Dr. Pratibha Sowaty 



दूरी

  (पुरुषोत्तम पाण्डेय) 


सकारात्‍मक लेखन की चुनौतियां : दैनिक जनसंदेश स्‍तंभ 'उलटबांसी' 6 अगस्‍त 2013 में प्रकाशित

नुक्‍कड़ 



सरिता भाटिया  

टूटी कश्ती भी पार लगती है...........दानिश भारती


yashoda agrawal


हो जाएगा नव-निर्माण हमारे मन के वृन्दावन का...!

स्वप्न मञ्जूषा 



कभी कहा न किसी से तेरे फ़साने को…क़मर जलालवी

डा. मेराज अहमद 

From anni to narkanda at Nh 22,अनी से होकर नेशनल हाइवे 22 पर नारकंडा तक

Manu Tyagi  



"कैसे जी पायेंगे?" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 



BIG BOSS : आओ खेलें गाली - गाली !


महेन्द्र श्रीवास्तव  


"मयंक का कोना"..अद्यतन लिंक

ख़त्म सारे फ़साने हुए...दानिश भारती

शौक़ दिल के पुराने हुए हम भी गुज़रे ज़माने हुए 
बात आई-गई हो गई, ख़त्म सारे फ़साने हुए...
मेरी धरोहर पर yashoda agrawal


हे प्रभु!--गीतिका व हरिगीतिका छंद 
चार दिन से किसी ने हरिगीतिका छंद की कोइ पोस्ट नहीं डाली....तो मैंने सोचा मैं ही पोस्ट कर देता हूँ |) *गीतिका छंद ---* भी हरिगीतिका की ही भांति चार पदों वाला सममात्रिक व चारों पद सम् तुकांत या दो दो पद सम तुकांत वाला छंद होता है इसमें प्रत्येक पद में २६ मात्राएँएवं अंत में लघु -गुरु या लघु-लघु होता है | उदाहरण----- प्रसिद्द प्रार्थना है -- जो सभी ने स्कूल में गायी होगी ....... हे प्रभो आनंददाता ज्ञान हमको दीजिये | शीघ्र सारे दुर्गुणों को दूर हमसे कीजिये | लीजिये हमको शरण में हम सदाचारी बनें,,,
सृजन मंच ऑनलाइन पर shyam Gupta



गीता दूसरा अध्याय :सांख्य योग
अर्जुन बोले -हे मधुसूदन ,मैं इस रणभूमि में भीष्म और द्रोण के विरुद्ध बाणों से कैसे युद्ध करूँ ?हे अरिसूदन वे दोनों ही पूजनीय हैं। यहाँ अर्जुन ने भगवान के लिए अपने पूरे विवेक सहित मधुसूदन और अरिसूदन संबोधनों का प्रयोग किया है....
कबीरा खडा़ बाज़ार में पर Virendra Kumar Sharma 

22 comments:

  1. उम्दा लिंक्स |सुख का सूरज कब उगता है पता ही नहीं चला |
    आशा

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  2. सुन्दर संकलित सूत्र, पढ़ने का आनन्द लिये।

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  3. शुभ प्रभात
    तात्कालिक व सम-सामयिक लिंकों को संयोजन
    इस अति दुष्कर कार्य को अंजाम दिया दिनेश भैय्या आपने
    आभार

    सादर

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  4. गुरुदेव
    सादर नमन
    आभार
    यशोदा

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  5. बहुत-बहुत धन्यवाद रविकर जी!!

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  6. शानदार सेतु लिए आये हैं एक बार फिर रविकर भाई दूर दूर से। शुक्रिया हमारे सेतु को चर्चा माला में पिरोने के लिए। शाष्त्री जी का अभी तहे दिल से शुक्रिया।

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  7. समसामयिक भू -परिवेश (आलमी माहौल )से रु -ब-रु है यह रचना।


    मासूमों की हत्याये दिन-प्रतिदिन होती,
    कैसे जी पायेंगे, कसाइयों के देश में।

    (हत्याएं )


    "कैसे जी पायेंगे?" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

    रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
    सुख का सूरज -

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  8. बहुत उम्दा अशआर हैं सब मायने भी अव्वल हैं।

    रौशनी की तलाश में रौशनी की आँखे चली गईं
    दोस्ती दुश्मनी से निकाह करती है

    (आँखें )

    अज़ीज़ जौनपुरी : सूरज की रौशनी
    Aziz Jaunpuri
    Zindagi se muthbhed

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  9. दोनों विधवाओं में कितना अंतर है एक प्रेम से भरी हुई है दूसरी जातीय अभिमान से इसी का विकृत रूप है -आनर किलिंग्स जो वास्तव में डिस -आनर किलिंग से आगे निकल जघन्य ह्त्या है। समान्तर सेकुलर प्रबंध है। बढ़िया मर्म स्पर्शी ताना बाना है कहने का पात्रों का सभी का चरित्र मुखर है।

    दूरी
    (पुरुषोत्तम पाण्डेय)
    जाले

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  10. मार्मिक प्रसंग व्यंग्य विडंबन बे शुमार।

    रविकर-पुंज
    बच्चा बँटता इस तरह, ज्यों बच्चों का खेल |
    रीयल्टी शो पाक का, आतंकी भी फेल |

    आतंकी भी फेल, दुधमुहाँ नए ठिकाने |
    लगा ठिकाने बाप, गई माँ जिसे बहाने |

    घर घर बच्चा माँग, यहाँ नक्सल को गच्चा |
    वहाँ पाक में स्वाँग, खेल में बँटता बच्चा ||

    ReplyDelete
  11. गुरुदेव आदरणीय रविकर जी अलग अलग सूत्रों से सुसज्जित चर्चामंच विविधिता लिए हुए है
    बधाई

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  12. बहुत सुंदर चर्चा
    मुझे स्थान देने के लिए आभार

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  13. यशोदा जी का स्वागत है!:)

    सभी लिंक्स बढ़िया हैं!
    मेरी रचना को स्थान देने का हार्दिक आभार!

    ~सादर!!!

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  14. सभी लिक्स बहुत अच्छी हैं |
    पढ़कर बहुत अच्छा लगा |
    http://drakyadav.blogspot.in/

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  15. कोशिश कीजिये की रचनाकार की मौलिक रचना ही प्रेषित कीजिये |ऐसी रचनाये जो कहीं से कापी पेस्ट की हुयी हों ..उनके संदर्भ में बात समझ में नही आती ,उदाहरण के लिए "भोजन नियम "कों ही ले लीजिए |यह निम्न ५ जगहों पर कम से कम उपलब्ध हैं ,हर जगह भिन्न भिन्न लोग दावा कर रहे हैं लिखने का -
    अच्छी रचना जो निम्न साईटों पर भी सेम २ सेम हैं -
    १]http://hindibhashha.blogspot.in/2013_03_01_archive.html
    २]http://matrabhumi.wordpress.com/author/matrabhumi/page/5/
    ३]http://bharatavambhartiyata.blogspot.in/2013/03/blog-post_30.html
    ४]http://bharatavambhartiyata.blogspot.in/2013/03/blog-post_30.html
    ५]https://plus.google.com/112105018890969790330/posts/8BXgNQb5CTb
    |
    चर्चा मंच से अनुरोध हैं की यदि मौलिक लेखकों कों ज्यादा महत्व देंगे तो शायद हिंदी ब्लॉग्गिंग और ज्यादा उत्कृट होंगी |
    सादर -डॉ अजय

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  16. बहुत सुंदर चर्चा, आभार.

    रामराम.

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  17. बढ़िया लिंक्स

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  18. बहुत बढ़िया चर्चा ....आभार

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  19. बहुत सुंदर चर्चा
    मुझे स्थान देने के लिए आभार

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  20. सुन्दर सूत्र ...मेरी रचना संकलन हेतु आभार....

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