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Wednesday, January 22, 2014

रविकर सर पर पैर रख, भाग सके तो भाग; चर्चा मंच 1500


अंतर-तह तहरीर है, चौक-चाक में आग-
अंतर-तह तहरीर है, चौक-चाक में आग |
रविकर सर पर पैर रख, भाग सके तो भाग |

भाग सके तो भाग, जमुन-जल नाग-कालिया |
लिया दिया ना बाल, बटोरे किन्तु तालियां |

दिखे अराजक घोर, काहिरा जैसा जंतर |
होवे ढोर बटोर, आप में कैसा अंतर || 


नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती (२३ जनवरी) पर विशेष

Kumar Gaurav Ajeetendu 

नींद में ही सही...


Anita


खान अब्दुल गफ्फार खान

HARSHVARDHAN 







Untitled

bhuneshwari malot 
दर्पण एक धनी नौजवान अपने गुरू के पास यह पूछने के लिए गया कि उसे जीवन में क्या करना चाहिये । गुरू उसे खिडकी के पास ले गए और उस





 

15 comments:

  1. सुप्रभात
    पठनीय और प्रभावित करती लिंक्स |मी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

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  2. लिया दिया ना बाल, बटोरे किन्तु तालियां .......... ये ताली बजाने वाले हाथ , शीघ्र ही थप्पड़ भी बन जायेंगे,,,
    सुंदर एवं पठनीय सूत्र संकलन ,, आभार आपका ..

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  3. स्नेह के लिए आभार रविकर जी .....

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  4. सजाये हुये सुन्दर सूत्र

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  5. अच्छे सूत्र व बेहतर प्रस्तुति , आ० रविकर सर व मंच को धन्यवाद
    Information and solutions in Hindi

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  6. sundar links se susajjit badhiya charcha

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  7. बढ़िया एवँ पठनीय सूत्रों से सुसज्जित मंच ! मयंक का कोना आज रिक्त ही रह गया ! आशा है सब कुशलमंगल ही होगा ! ब्लॉगमंच व ब्लॉगालय पर आज की चर्चा की लिंक भी नहीं दी शास्त्री जी ने ! अवश्य ही कोई विशिष्ट कारण रहा होगा !

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  8. sundar links....mujhe inmay shamil kiya abhar

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  9. This comment has been removed by the author.

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  10. बहुत सुन्दर और व्यवस्थित चर्चा।
    आभार।
    --
    मित्रों।
    4 दिनों तक नेट नहीं चला।
    कल शाम से ठीक हुआ है तो
    अपनी हाजिरी लगा दी है।

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