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Friday, February 28, 2014

"शिवरात्रि दोहावली" (चर्चा अंक : 1537)

शिवरात्रि दोहावली 
सरिता भाटिया 
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी , महाशिवरात्रि पर्व 
उत्सव भारत देश का ,हम सब करते गर्व /

फाल्गुन में शिवरात का होता पर्व विशेष 
रंगों भरी फुहार से मिटाओ गिले द्वेष /
अनीता 
हम क्या हैं, यह तक नहीं जानते, शरीर, मन, बुद्धि तो जड़ हैं, परमात्मा की अपरा प्रकृति के अंश हैं. आत्मा परा प्रकृति का अंश है, तो हम मध्य में कहाँ आये.
प्रतिभा सक्सेना 
दृश्य परिवर्तन नटी - महात्मा बुद्ध हमारे देश के बहुत बड़े लोकनायक रहे थे ? सूत्र - उन्होंने सारे संसार का कल्याण करने के लिये जन्म लिया था .पर कैसी विचित्र
कुँवर कुसुमेश
जय हो भोले नाथ की,जय हो भोले नाथ। 
अपने भक्तों पर रहे,सदा आपका हाथ। ।
प्रमोद सिंह 
कुत्‍ता एक लोकप्रिय जानवर है. जहां-जहां मनुष्‍य रूपी जानवर ने लोक में अपनी स्‍थापना के लिए प्रिय का वरण किया है, प्रोटेक्‍शन की मर्यादा का उल्‍लंघन करते हुए, कातर कामनाओं के भटकाव में बेलगाम शिुशुओं को जना है, वहां पीछे-पीछे बेसंभाल कुत्‍ते भी चले आये हैं, और स्‍वभावत: सभी प्रोटेक्‍शनों को धता बताते हुए उन्‍होंने अपनी प्रजाति को विशेष घना किया है.
गिरिजेश राव
आज महाशिवरात्रि है – फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी या तेरस। हर महीने यह तेरस शिवरात्रि कहलाता है किंतु कामऋतु वसंत में कामदहनी शिव के विवाह वाला तेरस महती अर्थ धारण कर लेता है। शिव का विवाह गृहस्थ जीवन की प्रतिष्ठा है।
आशीष भाई 
दीप्ति शर्मा 
इंद्रियों का फैलता जाल
 भीतर तक चीरता 
माँस के लटके चिथड़े
 चोटिल हूँ बताता है 
मटर की फली की भाँति 
अनामिका 
ईश्वरीय प्रेम। …।
जग में है सब अपने
मुक्ताकाश , पंछी , सपने
सुगन्धित धरती ,निर्झर झरने
आह्लादित तन मन
प्रेमदान का स्वर्गीय आनंद।।
सज्ज्न धर्मेन्द्र 
घूमूँगा बस प्यार तुम्हारा

तन मन पर पहने

पड़े रहेंगे बंद कहीं पर

शादी के गहने

श्याम कोरी 'उदय'
गर, पांवों के नीचे कम्पन हुई है 'उदय' 

तो कहीं-न-कहीं तो भूकंप आया होगा ? 

… 

कभी-कभी हम सुलझते-सुलझते भी उलझ जाते हैं 

वहाँ गणित,…………… कुदरत का होता है 'उदय' ?

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
लगभग 30 वर्ष पूर्व मैंने एक स्वागत गीत लिखा था।
इसकी लोक-प्रियता का आभास 
मुझे तब हुआ, जब खटीमा ही नही 
इसके समीपवर्ती क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी 
इसको विशेष अवसरों पर गाया जाने लगा।
आप भी देखे-
स्वागतम आपका कर रहा हर सुमन। 
आप आये यहाँ आपको शत नमन।। 

भक्त को मिल गये देव बिन जाप से, 
धन्य शिक्षा-सदन हो गया आपसे, 
आपके साथ आया सुगन्धित पवन। 
आप आये यहाँ आपको शत नमन।।
तुम कौन हो ?कालीपद प्रसाद 
शक्तिहीन शव से शक्तिपुंज शिव का गुण अनन्त है, जिसे ना गिना जा सकता है ना नापा जा सकता है यह तो पुष्प की कुछ पंखुड़िया अर्पित करने का प्रयास  … 




सुदर्शन रत्नाकर 

वसंत आया
भँवरा मँडराया
मन को भाया।
शिवम मिश्रा 
आज २७ फरवरी है ... आज अमर शहीद पंडित चन्द्र शेखर आज़ाद जी की ८३ वीं पुण्यतिथि है ... आज ही के दिन सन १९३१ मे इलाहाबाद के आजाद पार्क ( अल्फ्रेड पार्क ) में हुई भयानक खूनी मुठभेड़ आजादी के इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ बन गई ...युवाओं और देशभक्तों के महान प्रेरणा स्रोत ' आजाद ' का बलिदान दिवस २७ फरवरी ... एक महान क्रांतिकारी विरासत की जीती - जागती गाथा है ...

गरिमा
 शिव जी बहुत भोले है,
भोले भंडारी कहलाते है
उनकी महिमा है निराली
सबके दुःख हरते है
लोगो को सुख देकर
(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
जो मेरे मन को भायेगा,
उस पर मैं कलम चलाऊँगा।
दुर्गम-पथरीले पथ पर मैं,
आगे को बढ़ता जाऊँगा।।
देवेन्द्र पाण्डेय 
द़फ्तर जाते हुए
 रेल की पटरियों पर भागते 
लोहे के शहर की खिड़की से
 बाहर देखता हूँ 
अरहर और सरसों के खेत
 पीले-पीले फूल! 
क्या यही बसंत है? 
मौलश्री कुलकर्णी 
कभी सोचा है तुमने कोई रंग,

किस तरह इतना पक्का हो जाता है,

किरण आर्या 

आस की बाहं थामे एक भाव ..........

हम और तुम 

एक नदी के 
दो किनारे से 
हाँ दूर सही 
लेकिन बस

गगन शर्मा 
अपने विवाह के पश्चात एक बार शिवजी तथा माता पार्वती घूमते-घूमते इस जगह आ पहुंचे। उन्हें यह जगह इतनी अच्छी लगी कि वे यहां ग्यारह हजार वर्ष तक निवास करते रहे।


दिनेश प्रजापति "

मित्रों सबसे पहले तो सभी को महाशिवरात्री पर्व कि हार्दिक शुभकामनाएं। अब बढते है आज के लेख कि तरफ , क्या आप इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करने के लिए सिर्फ गूगल
"अद्यतन लिंक"
(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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चिराग जला 

Akanksha पर Asha Saxena 

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शरद कोकास का नया कविता संग्रह

शरद कोकास पर शरद कोकास

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....इन हिचकियों क * 
*इकलौता कारण हो * 
*तुम्हारी यादों में * 
*सिर्फ और सिर्फ * 
*मेरा ही बसेरा हो …

झरोख़ा पर निवेदिता श्रीवास्तव 

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उपन्यास कैसा बन पडा, 
इस सब के बारे में राय तो आप लोग ही देंगे, 
जिस का मैं बेसब्री से इन्तजार करूँगा... 
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खाया फरेब-ए-हुस्न तो खाते चले गए
नाकामियों का जश्न मनाते चले गए...
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गोल-गोल हैं, रंग बैंगनी, 
बैंगन नाम हमारा है। 
सुन्दर-सुन्दर रूप हमारा, 
सबको लगता प्यारा है...
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हालात-ए-बयाँ पर अभिषेक कुमार अभी
उन्हें क्या मालुम हैं कि वे 
किताबों के बोझ तले सांस लेंगें...

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चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’

Thursday, February 27, 2014

भोले-बाबा अब तो आओ { चर्चा - 1536 }

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है
 
ब्लॉग जगत के सभी पाठकों को महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई 
चलते हैं चर्चा की ओर 
Vegetarian diet may lower your blood pressure
आभार | 
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"अद्यतल लिंक"
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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पुरा महादेव (परशुराम) मन्दिर 
व शादी समारोह 

जाट देवता का सफर/journey पर 

SANDEEP PANWAR 
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आयी चन्द्रिका धवल ... 

नूतन ( उद्गार) पर Annapurna Bajpai

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क्या ऐसे षंड को मर्द कहा जाए ? 
ऐसा लगता है कांग्रेसी हाईकमान ने एक षंड (खस्सी सांड )को भोली ऐसा लगता है कांग्रेसी हाईकमान ने एक षंड (खस्सी सांड )को भोली कांग्रेसी गायों की दिखाऊ हिफाज़त (प्रतिरक्षा) के लिए प्रांप्ट करके छोड़ रखा है। लक्ष्य है किसी बिध साम्प्रदायिक आग भड़काना। क्या ऐसे षंड को मर्द कहा जाए ?...
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हरसिंगार सी यादें 

Sudhinama पर sadhana vaid

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मधु सिंह : मोहब्बत में मिलावट है 
जिगर पर पत्थरों के  हज़ारों जख्म  क्या  कम थे 
अज़ल  के  रास्ते  में  अकेले  भी  न  हम  कम थे...
चित्र प्रदर्शित नहीं किया गया
मधु "मुस्कान "
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माँ बनना ,,, 

माँ बनना जिंदगी देकर जिंदगी देना है...  
देह सुख से देह के सृजन तक पल पल माँ बनने का सुख लील लेती है प्रसव की असाह्य वेदना.. और कभी कभी गर्भ नाल से रिस रिस कर पला हुआ जीवन लील लेता है एक माँ को भी....
चौथाखंभा पर ARUN SATHI 
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बदलती सोच के नए अर्थ के 
ये हैं कुछ सोपान 

ज़िन्दगी…एक खामोश सफ़र पर 

vandana gupta 

जानवर पैदा कर ; चर्चामंच 2815

गीत  "वो निष्ठुर उपवन देखे हैं"  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')     उच्चारण किताबों की दुनिया -15...