चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Thursday, April 24, 2014

IPL के बुखार के बीच एक चर्चा { चर्चा - 1592 }

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैं 
चलते हैं चर्चा की ओर
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"अद्यतन लिंक"

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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Vinay Prajapati (Nazar) 
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बॉलीवुड को बांटा मोदी ने 

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Virendra Kumar Sharma 
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कुछ भी लिखें 

पर छपने लगे एक किताब 

क्या जरूरी है ऐसा हो जाये 

आज फिर
कह दिया
‘उलूक’ से
कह दिया होगा
बहुत मेहरबानी
अगली बार से
इसी बात को
फिर ना कहा जाये...
उलूक टाइम्सपरसुशील कुमार जोशी 
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बेटियाँ 

पर shilpa bhartiya
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"दुष्यंत की अंगूठी" 

kuchlamhe पर seema gupta
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निर्णायक पल और मतदान 

Sudhinama पर sadhana vaid 
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बस कह ही नहीं पाता हूँ 

मुझको तुमसे कितना प्यार है 

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"बालकविता-मोबाइल" 

mobile 
पापा ने दिलवाया मुझको,
सेल-फोन इक प्यारा सा।
मन-भावन रंगों वाला,
यह एक खिलौना न्यारा सा...
--

निर्लिप्त जननायक को भी 

नेपथ्य में ले जाने की क्षमता वाले लोग मौज़ूद हैं. : 

सुलभा बिल्लोरे

शाज़िया का ये कथन सुन के आप खुद ही फ़ैसला कीजिये कि क्या शाज़िया सही हैं.. 
जो प्रोवोग करतीं नज़र आ रहीं हैं 

19 comments:

  1. सुप्रभात
    उम्दा लिंक्स पढाने के लिए मतदान करने के बाद |

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  2. बहुत सुंदर चर्चा दिलबाग लाये हैं आज । 'उलूक' का पन्ना 'कुछ भी लिखे पर छपने लगे एक किताब क्या जरूरी है ऐसा हो जाये' भी चुना । आभार ।

    ReplyDelete
  3. उम्दा लिंक्स

    ReplyDelete
  4. बहुत ही उम्दा और पठनीय लिंक्स, मेरे अशआरों को भि शामिल करने के लिये शुक्रिया।

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  5. sunder links ke sankalan mein meri rachna ko sthan dene ke liye abhaar.

    shubhkamnayen

    ReplyDelete
  6. उम्दा और पठनीय.आभार.

    ReplyDelete
  7. Bahut sare sutra mile...achha charcha munch sajaya aapne. Meri rachna ko sthan dene ke liye dhanyawad

    ReplyDelete
  8. बहुत सुंदर चर्चा...आपका हार्दिक आभार..

    ReplyDelete
  9. मेरी रचना को इस खूबसूरत मंच पर स्थान देने का दिल से शुक्रिया
    Regards

    ReplyDelete
  10. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  11. करीने से बांधा है भावों को ,

    जन-उद्गारों को ,

    सपनों के सौदागरों को आइना दिखलाया है ,


    फिर एक नया दूल्हा आया है ,

    सपने वही पुराने लाया है।

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  12. आज फिर
    कह दिया
    ‘उलूक’ से
    कह दिया होगा
    बहुत मेहरबानी
    अगली बार से
    इसी बात को
    फिर ना कहा जाये...
    उलूक टाइम्सपरसुशील कुमार जोशी

    --
    कुछ भी लिखें
    पर छपने लगे एक किताब
    क्या जरूरी है ऐसा हो जाये
    आज फिर
    कह दिया
    ‘उलूक’ से
    कह दिया होगा
    बहुत मेहरबानी
    अगली बार से
    इसी बात को
    फिर ना कहा जाये...
    उलूक टाइम्सपरसुशील कुमार जोशी


    सुन्दर भाव प्रबंध !

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  13. बढ़िया जानकारी पिरोई है बालकों के अनुरूप।

    "बालकविता-मोबाइल"
    mobile
    पापा ने दिलवाया मुझको,
    सेल-फोन इक प्यारा सा।
    मन-भावन रंगों वाला,
    यह एक खिलौना न्यारा सा...
    नन्हे सुमन

    ReplyDelete

  14. बढ़िया सशक्त सेतु लाये हैं दिलबाग भाई ,दिल बाग़- बाग़ क्यों न हो ?

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  15. उम्दा लिंकों के साथ चर्चा का सुन्दर सोपान।
    आपका आभार भाई दिलबाग विर्क जी।

    ReplyDelete

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