साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

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Sunday, May 11, 2014

''ये प्यारा सा रिश्ता'' (चर्चा मंच 1609)

सर्वप्रथम माँ सरस्वती को प्रणाम
और
आप सभी का हार्दिक स्वागत 

आज कहीं न कहीं खून से बढ़कर दिल से बनाये हुए रिश्ते 
ज्यादा सशक्त हो रहे हैं 
और 
हों भी क्यूँ न....... 
जब दिल से बनाये रिश्ते में लोभ और छल-कपट कम होते हैं। 
मैं ये तो नहीं कहता की इनमें नहीं होते, पर कम जरूर होते हैं। 

आईए आज की चर्चा ''ये प्यारा सा रिश्ता'' (चर्चा मंच 1609)
में हम सब रिश्तों पे लिखी गई अभिव्यक्ति को पढ़ते हैं 

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अब अंत में,
२ मई को छत्तीसगढ़ गया था ८ मई को दिल्ली लौटा। 
एक ऐसे परिवार से मिला, जिनसे परिचय सिर्फ़ आभासी मध्यम से हुआ था
''भाई-बहन'' का रिश्ता बना 
 फिर स्नेह उनके परिवार के हर सदस्य से इतना मिला
जिसको सिर्फ़ अपनी अभिव्यक्ति के मध्यम से बता पाउँगा 
(आदरणीया ''अनामिका चक्रवर्ती दीदी'' भी बहुत ही उत्कृष्ट लिखती हैं।)



--२०--

११ से १६ मई बिहार में रहूँगा एक नए परिवार के साथ 
एक नया दिल का रिश्ता बनाने

सादर
--अभिषेक कुमार ''अभी''
--
"अद्यतन लिंक"
--
मित्रों!
आप सबको मातृदिवस की शुभकामनाएँ।

--

बाँटो ''शालिनी''के संग रोज़ गम ख़ुशी माँ के, 

! कौशल ! पर Shalini Kaushik 
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पर shikha kaushik

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माँ 

Photo
Asha Saxena
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"मेरी माता" 

चाट-चाट कर सहलाती है।
करती जाती प्यारी बातें।
खुश होकर करती है अम्मा,
मुझसे कितनी सारी बातें।।
--

माँ...... एक भावांजलि 

Sudhinamaपर sadhana vaid
--

"माँ को नमन"

माता के उपकार बहुत,
वो भाषा हमें बताती है!
उँगली पकड़ हमारी माता,
चलना हमें सिखाती है!!
--

आईडिया आ रहा है 

तो मेरे बाप का क्या जा रहा है 

उलूक टाइम्स
उलूक टाइम्सपर सुशील कुमार जोशी
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शो जारी है...... 

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आम बस तुम आम हो 

काव्यान्जलि पर धीरेन्द्र सिंह भदौरिया 
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17 comments:

  1. बहुत सुन्दर लिंकों के साथ बढ़िया चर्चा।
    रविवार का दिन है।
    पढ़ने का काफी कुछ दिया है आपने अभिषेक अभी जी।
    --
    मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  2. बहुत मेहनत से सुंदर चर्चा लगाई है आज रविवार की अभि । 'उलूक' के सूत्र 'आईडिया आ रहा है
    तो मेरे बाप का क्या जा रहा है ' को भी शामिल करने के लिये आभार ।

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  3. मातृ दिवस की सभी मित्रों को हार्दिक शुभकामनायें ! सुंदर सार्थक एवं बहुआयामी चर्चा के लिये बधाई ! मेरी रचना को अद्यतन लिंक्स में सम्मिलित करने के लिये आपका धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी !

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  4. बहुत बढ़िया लिंक्स के साथ सुन्दर चर्चा प्रस्तुति ...
    मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !

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  5. उम्दा लिंक्स ,,,,
    मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए ...आभार शास्त्री जी....
    मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    RECENT POST आम बस तुम आम हो

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  6. बढ़िया प्रस्तुति के साथ बढ़िया लिंक्स , अभी व मंच को धन्यवाद !
    I.A.S.I.H - ब्लॉग ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

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  7. मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ! सुंदर एवं सार्थक चर्चा के लिये बधाई ! मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिये आपका धन्यवाद

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  8. माँ का कर्ज कभी चुकाया नहीं जा सकता |
    हर माँ को नमन |मेरी रचना शामल करने के लिये आभार सर

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  9. बहुत प्यारी रचनाएँ ...एक से बढ़कर एक लिंक्स ...माँ का प्रेम तो अनमोल है ..हर माँ को नमन
    भ्रमर ५

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  10. बहुत सुंदर लिंक्स

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  11. बहुत बढ़ि‍या लिंक्‍स हैं....मेरी रचना को शामि‍ल करने के लि‍ए धन्‍यवाद और आभार...

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  12. मातृदिवस की शुभ कामनाएं। सुंदर च्रर्चा । कुछ सुंदर सूत्र देखें बाकी भी देखते हैं।

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  13. बहुत बढ़िया लिंक्स

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  14. बहुत बहुत शुक्रिया अभिषेक मेरी पोस्ट यहाँ तक पहुँचाने के लिए।

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