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Wednesday, August 27, 2014

"सबको सीधी राह बताओ":चर्चा मंच 1718


टेढ़ी उँगली मक्कारी की,
मजबूरी में ही अपनाओ।
सीधी उँगली से इंगित कर,
सबको सीधी राह बताओ।।
रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 
उच्चारण
Virendra Kumar Sharma
Ravishankar Shrivastava 

संध्या आर्य

रश्मि शर्मा 


 

सुशील कुमार जोशी 


 
SUMIT PRATAP SINGH 


Amit Chandra


 
स्वप्न मञ्जूषा
alok chantia
पी.सी.गोदियाल "परचेत"

विशाल चर्चित
काजल कुमार Kajal Kumar 


रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 


 


17 comments:

  1. सुप्रभात
    उम्दा सूत्र आज पढ़ने के लिए

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  2. टेढ़ी उँगली मक्कारी की,
    मजबूरी में ही अपनाओ।
    सीधी उँगली से इंगित कर,
    सबको सीधी राह बताओ।।

    बेहद सशक्त पंक्तियाँ शास्त्रीजी की। बढ़िया चर्चा मंच।

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  3. वाह काजल जी इसे कहतें हैं व्यंग्य विनोद और हाज़िर जवाबी। कार्टून :- ये कुत्‍ता, बडी कुत्‍ती चीज़ है
    काजल कुमार Kajal Kumar
    Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून

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  4. बेहतरीन

    यारों मुझे शराब दो के होश में हूँ मैं

    चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’

    ग़ाफ़िल की अमानत

    मेरे किये का ख़ाक मिलेगा मुझे सवाब,
    तोहमत तो लाज़वाब दे के होश में हूँ मैं।

    बेहतरीन

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  5. हतरीन ,ज़वाब नहीं अंदाज़े बयाँ और बयानी का ग़ज़ल के मसौदे का सशक्त विषयवस्तु का।

    बह्र : मफ़ाइलुन फ़यलातुन मफ़ाइलुन फ़ेलुन (1212 1122 1212 22)

    ख़ुदा के साथ यहाँ राम हमनिवाला है
    ये राजनीति का सबसे बड़ा मसाला है

    जो आपके लिये मस्जिद है या शिवाला है
    वो मेरे वास्ते मस्ती की पाठशाला है

    सभी रकीब हुये खत्म आपके, अब तो
    वो आपको ही डसेगा मियाँ, जो पाला है

    छुपा के राज़ यकीनन रखा है दिल में कोई
    तभी तो आप के मुँह पे जड़ा ये ताला है

    लगे जो आपको बासी व गैर की जूठन
    वही तो देश के मज़लूम का निवाला है

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  6. अच्छे लिंकों के साथ सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    --
    आदरणीय वीरू भाई के आने से तो
    चर्चामंच पर टिप्पणियों की बयार आ जाती है।
    --
    आदरणीय रविकर जी के साथ सभी पाठकों का आभार।

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  7. सुंदर बुधवारीय चर्चा में 'उलूक' के सूत्र 'गलतफहमी में ही सही लेकिन कभी कोई ऐसे ही कुछ समझ चुका है जैसा नजर आने लगता है थोड़ी देर के लिये ही सही' को भी जगह देने के लिये आभार रविकर जी ।

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  8. बढ़िया चर्चा, आभार रविकर जी !

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  9. हमेशा की तरह अच्छी चर्चा,
    मुझे शामिल किया, आभारी हूँ.।

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  10. पठनीय सूत्रों से सजी सुंदर चर्चा...आभार !

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  11. बढ़िया चर्चा व लिंक्स , आ. रविकर सर , शास्त्री जी व मंच को धन्यवाद !
    I.A.S.I.H - ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

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  12. बेहतरीन चर्चाओं की शुमार है ,बहुत खूब

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  13. मेरी रचना को शामिल करने के लिए आपको तहेदिल से शुक्रिया और साथ ही अच्छे लिंकों के साथ सुन्दर चर्चा से अवगत हो पाई !आभार !

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  14. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति हेतु आभार!

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  15. टेढ़ी उँगली मक्कारी की,
    मजबूरी में ही अपनाओ।
    सीधी उँगली से इंगित कर,
    सबको सीधी राह बताओ।।
    बहुत खूब

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