चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Tuesday, September 09, 2014

वह दारुल इस्लाम, किन्तु हैं लोग जुनूनी ; चर्चा मंच 1731

रविकर 

खूनी धरती झेलती,  युगों युगों का शाप । 
काले झंडे के तले, रही मनुजता काँप । 

रही मनुजता काँप, क़त्ल कर जश्न मनाता। 
बग़दादी का वार,  गोश्त जिन्दों का खाता  । 

वह दारुल इस्लाम, किन्तु क्यूँ लोग जुनूनी । 
गैर धर्म कर साफ़, खेल क्यूँ खेलें खूनी ॥ 


chandan bhati 

Prakashchand Bishnoi 


प्रतुल वशिष्ठ 

shashi purwar
Virendra Kumar Sharma 
कालीपद "प्रसाद" 

Shalini Kaushik 

Onkar 




5 comments:

  1. सुप्रभात
    बारिश क़यामत ढा गयी |इससे निवटने में कितना समय लगेगा यह तो वहां के लोग ही जानते हैं |
    हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं |
    उम्दा लिंक्स आज चर्चा मंच में |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद सर |

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  2. सुंदर सूत्र. मेरी रचना को जगह देने के लिए शुक्रिया

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  3. बहुत सुंदर सूत्र संयोजन सुंदर मंगलवारीय चर्चा रविकर जी ।

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  4. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति
    आभार!

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