चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Tuesday, October 14, 2014

कहते मित्र किताबी-कीड़ा; चर्चा मंच 1766

रविकर
मित्र खेलते रोज कबड्डी |
किन्तु चटकती मेरी हड्डी ॥ 

कहते मित्र किताबी-कीड़ा |
ताने मारें देते पीड़ा |

Virendra Kumar Sharma


Neeraj Kumar Neer


 








रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 


प्रातःकालीन वेला में
और
सायंकाल
सूर्यास्त के समय
पहाड़ियों की उत्तुंग चोटी पर
समीर
अपना मस्त राग गा रहा है





12 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार रविकर जी।
    --
    खटीमा में 18 तारीख को आपसे भेंट होती है।
    आपकी प्रतीक्षा है।

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  2. वाह ! बहुत सुंदर चर्चा .... तुम हँसती होगी बजते होंगे जलतरंग ' को शामिल करने हेतु आभार ...

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  3. व्यंग्य विनोद और बच्चों का अकेलापन सभी मुखरित हैं इस अर्थ गर्भित रचना में .
    रविकर
    "कुछ कहना है"
    मित्र खेलते रोज कबड्डी |
    किन्तु चटकती मेरी हड्डी ॥

    कहते मित्र किताबी-कीड़ा |
    ताने मारें देते पीड़ा |

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  4. अच्छा व्यंग्य विनोद लिए आते हैं जब भी आतें हैं काजल कुमार

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  5. बढ़िया निबंधात्मक आलेख। कौन करेगा गंगा का उद्धार ?

    DrZakir Ali Rajnish
    Scientific World

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  6. बढ़िया निबंधात्मक आलेख। बेहतरीन व्यंग्य विनोद से भरपूर पोस्ट। सुरक्षा का प्रतीक है हेलमेट नियम आखिर नियम हैं फिर मौत मर्द औरत देखके नहीं आती है। अलबत्ता हेलमेट में तमाम औरतें यकसां लगेंगी। अनेकता में एकता होगी। मेरा रंग दे हेल्मेट हरा, नीला, पीला, लाल गुलाबी…

    Ravishankar Shrivastava
    छींटे और बौछारें

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  7. कोमल भावनाओं का आलोड़न है आपकी यह रचना प्रतीकतत्व के अलावा भी इसमें कोमल संवेदनाएं हैं प्रेम के शरणागत होना है। तुम हँसती होगी बजते होंगे जलतरंग

    Neeraj Kumar Neer

    KAVYASUDHA ( काव्यसुधा )


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  8. बा दो लाख मिटटी में सुलग उठते हैं अंगारे
    छुपाना है नहीं आसान उल्फत की तरंगों को

    ये खुशबू, फूल, तितली, रेत, सागर, आसमां, मिटटी
    ज़रा नज़दीक जा कर देखिये जीवन के रंगों को

    सुन्दर रचना ये सारी सृष्टि उसी की अभिव्यक्ति है

    क्या पोखर क्या ताल तलैया

    सबका एक खिवैया।

    ज़रा नज़दीक जा कर देखिये जीवन के रंगों को ...

    Digamber Naswa
    स्वप्न मेरे...........

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  9. रोचक एवं उपयोगी पोस्‍टों का सुंदर संयोजन। बधाई।

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  10. बहुत बढ़िया चर्चा ..सभी लिंक्स अच्छे लगे

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  11. बढ़िया चर्चा रविकर जी ।

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  12. अच्छे सूत्र हाथ लगे हैं आज ... सुन्दर चर्चा ...
    शुक्रिया मुझे शामिल करने का ...

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