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Wednesday, November 19, 2014

बच्चों को पालना एक सबसे बड़ी चुनौती; चर्चा मंच 1802


डा0 हेमंत कुमार ♠ 
Dr Hemant Kumar 

"शब्द सरिता में मेरी रचना" 
(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
 
हिन्दीभाषा को अपनायें।
आओ हिन्दीदिवस मनायें।।

हिन्दीवालों की हिन्दी ही-
क्यों इतनी कमजोर हो गयी?
भाषा डूबी अंधियारे में,
अंग्रेजी की भोर हो गई।
एक वर्ष में पन्द्रह दिन ही-
हिन्दी की गाथा को गायें।
आओ हिन्दीदिवस मनायें

"शकुन्तला-महाकाव्य” की समीक्षा"  

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’) 

जयप्रकाश चतुर्वेदी का महाकाव्य


6 comments:

  1. सुप्रभात
    उम्दा लिंक्स|कार्टून अच्छा है |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सर |

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  2. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आभार आपका रविकर जी।

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  3. बढ़िया लिंक्स-सह-चर्चा प्रस्तुति
    आभार!

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  4. क्या बात! बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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  5. बहुत सुंदर संयोजन सुंदर चयन । 'उलूक' के 'खुद का आईना है खुद ही देख रहा हूँ' को स्थान दिया आभार । नेट बहुत तंग कर रहा है मनमाना हो गया है ।

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  6. बेहतरीन प्रस्तुति

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"स्मृति उपवन का अभिमत" (चर्चा अंक-2814)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...