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Sunday, June 28, 2015

"यूं ही चलती रहे कहानी..." (चर्चा अंक-2020)

मित्रों।
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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एक पिता 

पिता शब्द का अहसास 
याद दिलाता है हमें
की कोइ बरगद है हमारे आस -पास
जिसकी शीतल छाया में
हम बेफ़िक्र हो कर सो सकें... 
Madhulika Patel 
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इक गीत तो लिख लूं मैं 

कुछ वक़्त ठहर हमदम 
इक गीत तो लिख लूं मैं 
इस वस्ल के लम्हे को 
मेरे मीत तो लिख लूं मैं... 
चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 
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स्मृति ईरानी का फरजीवाड़ा - 

ओम थानवी |

शिक्षामंत्री ही जहाँ अनैतिक फरजीवाड़े में मुब्तिला हो, 
वहाँ शिक्षा का हश्र क्या होगा?... 
शब्दांकन पर Bharat Tiwari 
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दुर्गा का अपमान 

घुन लग गयी है लोगो की सोच मे , 
दिमाग खाली हो गया है 
गुरू शिष्य की गरिमा को 
ताक पर रख दिया है... 
प्यार पर Rewa tibrewal 
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राह ए हक़ में - - 

हर इक नज़र को है 
किसी न किसी की तलाश, 
कभी कोई भटके है 
धुंधभरी वादियों में दर बदर... 
अग्निशिखा :परSHANTANU SANYAL 
* शांतनु सान्याल * শান্তনু সান্যাল 
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कुछ सुना 

Akanksha पर Asha Saxena 
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अनचीन्हे... अनजाने द्वीप...!! 

हों जलते हुए दीप, दिल हों समीप...! 
फिर रौशनी ही रौशनी है, 
जो संग सद्भावों के हों मोती... सीप... 
अनुशील पर अनुपमा पाठक 
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शीर्षकहीन 

एक पत्र तिरुपति बाला जी के नाम 
रसबतिया पर -सर्जना शर्मा 
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प्रदोष व्रत 

power पर Anjana kumar 
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"न गुज़रे अश्क़ से तो रास्ता क्या"  
मेरे पास, 
तेरे आने से,
दिन ज्यादा हुआ, हुई रात कम,
इतना अतिरेक हुआ कहने को,
क़ि हुए लब चुप,
और हुई बात काम;... 

मीमांषा meemaansha
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पत्थरों में ख़ुदा पाना है 
इस दिल का दर्द क्या तूने कभी जाना है 
बेचैन है ये , तन्हा है , दीवाना है | 
मुहब्बत गुजरे ऐसी कैफ़ियत से अक्सर 
एक तरफ महबूब, दूसरी तरफ जमाना है | 
इबादत में हर्फ़ दुई का न आने देना 
अगर तुम्हें पत्थरों में ख़ुदा पाना है ...
साहित्य सुरभि
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रोटी की कहानी 
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जय हो 

जय हो 

जय हो 

सब की जय हो
एक हजारवीं
पोस्ट है
जय जय हो
दोस्तों की जय हो
दुश्मनों की जय हो
मोदी की जय हो
केजरीवाल की जय हो
इंदीरा गाँधी के साथ
गाँधी की जय हो
दोस्तों की जय हो
दुश्मनों की जय हो
चोरों की जय हो
पुलिस वालों
की जय हो
रिश्तों की जय हो
कुत्तों की जय हो
सब की जय हो
सोचने वालों की जय हो
गरीबों की जय हो
अमीरों की जय हो
जो हो रहा है
उसकी जय हो
जो नहीं हो रहा है
उसकी भी जय हो
राम की जय हो
हनुमान की जय हो
हिंदू की जय हो
मुसलमान की जय हो
ईमानदार की जय हो
बेकार की जय हो
सबकी जय हो
जय जय की जय हो
देखने में जो भी दिखे
जो नहीं दिखे
कोई कुछ कहे
उसकी भी जय हो
जय जय की जय हो
झूठ की जय हो
सबसे बड़ी जय हो
सच मुँह की खाये
उसकी भी जय हो
होना सब उसके
हिसाब से है
जो मेरा हिसाब नहीं है
‘उलूक’ की जय हो
जय हो जय हो
आप आये
आपने पढ़ दिया
आपकी भी जय  हो । 
उलूक टाइम्स पर सुशील कुमार जोशी 

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