साहित्यकार समागम

मित्रों।
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार) को खटीमा में मेरे निवास पर साहित्यकार समागम का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें हिन्दी साहित्य और ब्लॉग से जुड़े सभी महानुभावों का स्वागत है।

कार्यक्रम विवरण निम्नवत् है-
दिनांक 4 फरवरी, 2018 (रविवार)
प्रातः 8 से 9 बजे तक यज्ञ
प्रातः 9 से 9-30 बजे तक जलपान (अल्पाहार)
प्रातः 10 से अपराह्न 1 बजे तक - पुस्तक विमोचन, स्वागत-सम्मान, परिचर्चा (विषय-हिन्दी भाषा के उन्नयन में
ब्लॉग और मुखपोथी (फेसबुक) का योगदान।
अपराह्न 1 बजे से 2 बजे तक भोजन।
अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक कविगोष्ठी
अपराह्न 5 बजे चाय के साथ सूक्ष्म अल्पाहार तत्पश्चात कार्यक्रम का समापन।
(
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री का निवास, टनकपुर-रोड, खटीमा, जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
अपने आने की स्वीकृति अवश्य दें।
सम्पर्क-9368499921, 7906360576

roopchandrashastri@gmail.com

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Tuesday, June 14, 2016

"बिस्मिल का पत्र अशफ़ाक़ के नाम" (चर्चा अंक 2373)


चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 

जीवन की यह अजब पहेली 

Asha Joglekar 
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अमेरिका की कांग्रेस में मोदी जी का भाषण 

को लेकर कई प्रकार की बातें की जा रही हैं. उनका भाषण सार्थक था या नहीं यह एक अलग बहस का मुद्दा है, मैं जिस बात पार आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ वह तथाकथित उदारवादियों (लिबरल्स) की प्रतिक्रिया. तथाकथित कहने का कारण है. मेरे मानने में अगर कोई व्यक्ति सच में उदारवादी है तो वह हर समय और हर स्थिति में उदारवादी होगा. ऐसा व्यवहार हमारे उदारवादियों का नहीं होता. हमारे उदारवादी, चाहे वो वामपंथी हों या कोई और पंथी, स्थिति और समय अनुसार ही उदारवादी होते हैं. अब इन लिबरल्स की समस्या यह है कि... 
आपका ब्लॉग पर i b arora 

बूढ़ी नानी 

डा0 हेमंत कुमार ♠ Dr Hemant Kumar 

गाय 

देवेन्द्र पाण्डेय 

"बिल्ले खाते हैं हलवा"  

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 



सब्जी, चावल और गेँहू की, सिमट रही खेती सारी।
शस्यश्यामला धरती पर, उग रहे भवन भारी-भारी।।

बाग आम के-पेड़ नीम के आँगन से  कटते जाते हैं,
जीवन देने वाले वन भी, दिन-प्रतिदिन घटते जाते है,
लगी फूलने आज वतन में, अस्त्र-शस्त्र की फुलवारी

 उच्चारण 

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बालकविता   "मुझे मिली है सुन्दर काया"   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   उच्चारण     अलाव ...