चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Tuesday, July 05, 2016

मार मजा रमजान में, क्या ढाका बगदाद; चर्चा मंच 2394

मार मजा रमजान में, क्या ढाका बगदाद। 
क्या मजाल सरकार की, रोक सके उन्माद।


रोक सके उन्माद, फिदाइन होते हमले। 
क्या ये लोकल लाश, यही पहचानो पहले।


फिर पकड़ो परिवार, बनाओ उनका कीमा।
निश्चय ही आतंक, पड़ेगा रविकर धीमा।।

दोहे "पागल बनते लोग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 
पागलपन में हो गयीवाणी भी स्वच्छन्द। 
लेकिन इसमें भी कहींहोगा कुछ आनन्द।। 
-- 
पागलपन में सभी कुछहोता बिल्कुल माफ। 
पागल को मिलता नहींकहीं कभी इंसाफ।। 

No comments:

Post a Comment

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin