चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

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Saturday, August 27, 2016

"नाम कृष्ण का" (चर्चा अंक-2447)

मित्रों 
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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कहाँ खो गई मीठी-मीठी इन्सानों की बोली।
किसने नदियों की धारा में विष की बूटी घोली।।

कहाँ गयीं मधुरस में भीगी निश्छल वो मुस्कानें,
कहाँ गये वो देशप्रेम से सिंचित मधुर तराने,
किसकी कारा में बन्दी है सोनचिरैया भोली।
किसने नदियों की धारा में विष की बूटी घोली... 
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चलने से पहले.... 

जब चलना चाहती हूँ तो ठहर जाती हूँ 
देर तक ठहरी रहती हूँ टटोलती हूँ अपने कदमों को 
अपने चलने की इच्छा को 
क़दमों के चलने की इच्छा से 
मिलाती हूँ बैठ जाती हूँ 
जब मैं चलना चाहती हूँ... 
Pratibha Katiyar 
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शब्दों की तलाश 

काफी दिनों से खुद को टटोल रही हूँ ,  
ढूंढ रहीं हूँ वो शब्द 
जिसे अपने एहसासो मे पिरो कर 
कविता बना सकूँ.... 
प्यार पर Rewa tibrewal 
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अशोक आंद्रे 

आसुओं का सैलाब 
निकल पड़ता है कहीं भी यात्रा पर, 
भावनाओं का समंदर अंतरतम में 
छिपा रह कर करता है वास... 
kathasrijan पर ashok andrey 
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गैर जाटव वोटों के लिए बीजेपी 

इस “आरक्षण” के खिलाफ है 

लोकसभा चुनावों के पहले दिल्ली में यूपी भवन में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने एक कार्यकर्ता को पैर छूने से रोका, तो उस भाजपा कार्यकर्ता ने कहा- आप ब्राह्मण हैं और हमारे अध्यक्ष भी। लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने जवाब दिया- मैं हिंदू हूं, बस। उस समय लोकसभा का चुनाव चढ़ाव पर था और किसी को ये कल्पना भी नहीं थी कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में इस तरह का चमत्कार करने जा रही है... 
HARSHVARDHAN TRIPATHI 
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नाम कृष्ण का 

अंतर्घट की प्यास बुझाता, नाम कृष्ण का। 
सदा मोक्ष का द्वार दिखाता, नाम कृष्ण का। 
मानव-मन पर असुर दैत्य जब हावी होते 
मलिन हृदय निर्मल कर जाता, नाम कृष्ण का... 
कल्पना रामानी 
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मधुर गुंजन पर ऋता शेखर मधु 

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उत्सवों का आकाश -7 

आज जन्माष्टमी है । कुछ ही देर में बालगोपाल (कृष्ण)का जन्म हो जाएगा। हम उनके इंतजार में आँखें बिछाए बैठे है।जैसे तुम अपना जन्मदिन केक काटकर मनाने लगे हो उसी तरह उनके जन्मदिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए घर -घर हलुआ, पूरी ,खीर ,पूरी -कचौड़ी पहले से ही बन चुके हैं। पहले उनका भोग लगेगा फिर घर के लोग खाएँगे। इस मौके पर मुझे एक कहानी याद आ रही है --नाम ?हाँ ,नाम है * * मीठी खीर* ... 
बालकुंज पर सुधाकल्प  
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बच्चों के रोगों की 

पहचान करने के साधारण उपाय 

बच्चों के रोगों की पहचान कैसे करें जब बच्चा छोटा होता है तो उसके खाने पीने का अनुमान लगाना पता है। इसी प्रकार अगर किसी बच्चे को कोई रोग हो जाये तो कैसे पता लगाये की बच्चे को कौन सा रोग हो गया है। 1. अगर बच्चे को सिर दर्द हो तो कैसे पता करे- जब किसी कारण से अगर बच्चे के सिर में दर्द हो तो वह बच्चा अपनी तुरंत बंद करता है और उन्हें तुरंत फिर खोल लेता है। बच्चे के सिर की त्वचा भी आपस में... 
हिंदी इंटरनेट पर Mukesh Sharma 
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हरे, लाल, पीले 
गुलाबी, उनाबी 
रंग ही तो रंगीन करते हैं
जीवन को 

चेहरे पर लगे रंगों से 
खिल उठते हैं चेहरे 
मगर चेहरों पर 
रंग सिर्फ़ लगाया नहीं जाता 
चेहरे खुद भी रंग बदलते हैं 

चेहरों का रंग बदलना 
बेरंग करता है रिश्तों को 
रंग बदलते चेहरों के बीच 
रिश्तों का बेरंग हो जाना 
सबसे बड़ी त्रासदी है 
इस युग की  

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