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Friday, September 29, 2017

"अब सौंप दिया है" (चर्चा अंक 2742)

मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

उपवन का माली 

Akanksha पर Asha Saxena  
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एक रोज.... 

Parul Kanani  
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छंद स्रग्विणी 

दर्द सह कर सजन मुस्कुराते रहे 
राज़ दिल का पिया हम छिपाते रहे...
Ocean of Bliss पर Rekha Joshi 
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द्वन्द ?!! 

अनुशील पर अनुपमा पाठक 
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आदतें 

शुरू से मुझे चुप रहने की आदत सी थी 
पर तुमने बोल बोल कर 
खुद को मेरी आदत बना ली... 
प्यार पर Rewa tibrewal 
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याद रखना! आपको कमीशन तब ही मिलेगा...  

खबरों से दूर रहने का मेरा फैसला भंग होने की गति में बढ़ोतरी हो गई है। समाचार पढ़ने का आग्रह करने के फोन पहले, दो-तीन दिनों में आते थे। अब लगभग प्रतिदिन आ रहे हैं। मैं खबरों से दूर रहना चाहता हूँ लेकिन भाई लोग हैं कि मानते ही नहीं। बाबाजी कम्बल छोड़ना चाह रहे और लोग फिर-फिर ओढ़ा देते हैं। आज भी ऐसा ही हुआ। एक युवा व्यापारी का फोन आया - ‘फलाँ अखबार में फलाँ खबर पढ़िए... 
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महागौरी माँ 

( कुंडलिया ) 

चम चम अष्टम रूप है, कर लो माँ का ध्यान। 
उज्ज्वल मंगलदायिनी ,देती माँ वरदान देती माँ वरदान , 
महागौरी रूप धवल शिवा,शाम्भवी नाम, 
गौर वर्ण पूरण नवल माँ के हाथ त्रिशूल, 
बजे है डमरू डम डम 
सरिता छाया ओज,चेहरा चमके चम चम ।। 
गुज़ारिश पर सरिता भाटिया 
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माया में प्रतिबिंबित 

ब्रह्म को ही ईश्वर कहा गया है। 

ब्रह्म के भी दो स्वरूप हैं  

(१ )अपर ब्रह्म और : 

अपर ब्रह्म ही माया में प्रतिबिंबित ब्रह्म होता है 

(२ )परब्रह्म या पारब्रह्म परमचेतन तत्व है 

"गुरप्रसादि "का "गुर " है। 

परमव्यापक चेतना है। 

4 comments:

  1. शुभ प्रभात
    विजयादशमी की शुभ कामनाएँ
    आभार
    सादर

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

    ReplyDelete
  3. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति ...

    ReplyDelete
  4. शुक्रिया सर जी
    विजयादशमी की शुभ कामनाएँ
    आभार
    सादर

    ReplyDelete

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