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Wednesday, October 11, 2017

होय अटल अहिवात, कहे ध्रुव-तारा अभिमुख; चर्चामंच 2754


शुभ विवाह/ सात वचन 

रविकर 
अभिमुख ध्रुव-तारा लखे, पाणिग्रहण संस्कार | 
हुई प्रज्ज्वलित अग्नि-शुभ, होता मंत्रोच्चार | 
होता मंत्रोच्चार, सात फेरे लगवाते | 
सात वचन के साथ, एक दोनों हो जाते | 
ले उत्तरदायित्व, परस्पर बाँटें सुख-दुख | 
होय अटल अहिवात, कहे ध्रुव-तारा अभिमुख | 

जीवन की दिशा 

राजीव कुमार झा 

भरोसा टूटने पर यार सब कुछ टूट जाता है 

Madan Mohan Saxena 

बाल-उपन्यास *बहादुर बेटी* 

आनन्द विश्वास 

कशमकश 

Sudhinama पर sadhana vaid  

...जननी गयी हैं मुझसे रूठ . 

Shalini Kaushik

यूँ ही हो गये 

पंद्रह लाख पद चिन्ह 

पन्ने पर आज 

‘उलूक’ के हो गया कुछ पास 

उसके भी बेचने के लिये 

सुशील कुमार जोशी 

तीन लघु नज़्म.... 

हुमैरा राहत 

yashoda Agrawal 

सुप्रभातम्! जय भास्करः! २४ :: 

सत्यनारायण पाण्डेय 

अनुपमा पाठक 

दोहे  

"सालों का आकार" 

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’) 

कार्टून:- सौ करोड़ी धंधा 

Kajal Kumar 



8 comments:

  1. सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार रविकर जी।

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  2. शुभ प्रभात रविकर भाई
    आभार
    सादर

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  3. सुन्दर रविकर चर्चा। आभार 'उलूक' के पन्ने को भी शामिल करने के लिये।

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  4. बहुत सुंदर चर्चा सूत्र.'देहात' से पोस्ट शामिल करने के लिए आभार.

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  5. सुन्दर चर्चा!
    आभार!

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  6. रविकर जी आपका हर प्रयास अनुपम और अनौखा मन-भावन होता है। आपके लिए शत-शत नमन और आभार कम ही हैं।
    ...आनन्द विश्वास

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  7. मेरी रचना 'कशमकश' को आज के चर्चामंच में सम्मिलित करने के लिये आपका हृदय से धन्यवाद एवं आभार रविकर जी !

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  8. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति

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