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Wednesday, November 01, 2017

गुज़रे थे मेरे दिन भी कुछ माँ की इबादत में ...चर्चामंच 2775


गुज़रे थे मेरे दिन भी कुछ माँ की इबादत में ... 

Digamber Naswa 

मुस्कुराना सीख लो ....  

Dr (Miss) Sharad Singh 

जवाहरलाल नेहरू ने राजेंद्र प्रसाद को 

प्रेसिडेंट बनने से रोकने के लिए 

झूठ तक बोला था 

haresh Kumar 

*समय से संघर्ष जारी है* 

Priti Surana 

चेहरे की हकीकत को समझ जाओ तो अच्छा है 

Madan Mohan Saxena 

लेकिन शराबे लब की ख़ुमारी है आज भी 

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 
 अंदाज़े ग़ाफ़िल 
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अरज माँ-बाप की 

भगवान से टाली नहीं जाती  

राधे का संसार
अरज माँ-बाप की भगवान से टाली नहीं जाती। 
दुआ मां बाप की जग में कभी खाली नहीं जाती... 
राधे का संसार पर RADHA TIWARI  

Laxmirangam:  

डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव. 

M. Rangraj Iyengar 

डाक विभाग द्वारा 

'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' का शुभारम्भ, 

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने दिलाई 

'सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा' 

Krishna Kumar Yadav 

जम्मू-कश्मीर पर कांग्रेस का अलगाववादी सुर 

Lokendra Singh 

first cry 

smt. Ajit Gupta 

Tantra Yoga(Hindi ll) 

Virendra Kumar Sharma 

मौसम तो है भीगी भीगी बातों का.....समीना राजा 

yashoda Agrawal 

गीत  

"याद बहुत आते हैं"  

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

11 comments:

  1. शुभ प्रभात भाई रविकर जी
    आभार
    सादर

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  2. उपयोगी लिंकों के साथ बढ़िया चर्चा।
    आपका आभार रविकर जी।

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  3. सुंदर सार्थक लिंकों को बेहतरीन संयोजन,मेरी रचना को शामिल करने के अति आभार आपका आदरणीय।

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  4. सुंदर चर्चा..

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  5. विस्तृत चर्चा ...
    आभार मेरी ग़ज़ल को स्थान देने के लिए ...

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  6. सुन्दर चर्चा

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  7. चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" को सार्थक करता मंच,
    धन्‍यवाद चर्चामंच पर मेरी ब्‍लॉगपोस्‍ट को स्‍थान देने के लिए...बहुत आभार

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  8. मेरी रचना ‘चर्चा मंच’ में शामिल करने के लिए अत्यंत आभार रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी!
    आपका स्नेह इसी तरह सदा बना रहे!

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  9. बहुत मुश्किल है भुलाना बचपन को

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"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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