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Tuesday, November 07, 2017

समस्यायें सुनाते भक्त दुखड़ा रोज गाते हैं-; 2781

समस्यायें सुनाते भक्त दुखड़ा रोज गाते हैं- 

रविकर 
प्रवंचक दे रहे प्रवचन सुने सब अक्ल के अंधे।
बड़े उद्योग में शामिल हुये अब धर्म के धंधे।।


अगर जीवन मरण भगवान के ही हाथ में बाबा।
सुरक्षा जेड श्रेणी की चले क्यों साथ में बाबा।
हमेशा मोह माया छोड़ना रविकर सिखाते जब

बना क्यों पुत्र को वारिस बिठाते माथ पे बाबा।। 

खिचड़ी 

रविकर 
अमीरी में गरीबी में बराबर ही पली खिचड़ी।
तभी तो देश को लगती हमेशा ही भली खिचड़ी।
लिया जब पूर्व से चावल, नमक घी तेल पश्चिम से।
मिलाया दाल उत्तर की, मसाला मिर्च दक्षिण से। 

कुछ मुक्तक 

Deepak Saini 
 Aarzoo 

किताबों की दुनिया -150 

नीरज गोस्वामी 

7 comments:

  1. शुभ प्रभात रविकर भाई
    आभार
    सादर

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  2. सार्थक और पठनीय लिंक मिले ।
    आपका आभार आदरणीय रविकर जी।

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  3. क्रांतिस्वर की इस पोस्ट को यहाँ स्थान देने हेतु आदरणीय शास्त्री जी को हार्दिक धन्यवाद।

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  4. सुन्दर रविकर चर्चा। आभारी है 'उलूक' के कब्ज का जिक्र करने के लिये।

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  5. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति ....

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  6. चर्चा मंच की लाजवाब चर्चा ...
    आभार मुझे शामिल करने का आज की चर्चा में ...

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