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Monday, January 01, 2018

"नया साल नयी आशा" (चर्चा अंक-2835)

मित्रों!

आप सबको नववर्ष 2018 मंगलमय हो।
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चर्चा मंच पर 2018 की
पहली चर्चा लगा रही हूँ।
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कविता  

"क्या खोया क्या पाया है"  


चलो चले हम कदम बढ़ाएँ, नया साल अब आया है।
 पिछले वर्ष में सोचो हमने ,क्या खोया क्या पाया है।।
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सबसे पहले 

गीत  

"साल पुराना बीत रहा है"  

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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नए वर्ष की बधाई 

My photo
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नया साल नयी आशा 

नया साल आ रहा है
नयी आशा ला रहा है
नए सपने मन को लुभा रहे है
लगता है कुछ नया होने वाला है
ठण्ड बढ़ती जा रही है
चारो तरफ नए साल की धूम है... 
aashaye पर garima - 
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यथासमय सुबह होती है 

बुरे सपने से उचटी रात की नींद गवाह है 
अंधेरों की वह असमय 
जागना रात से सुबह के फासले को 
और बड़ा करता है उस शून्य में 
घड़ी की टिक-टिक साफ़ सुनाई देती है... 
अनुपमा पाठक  at  अनुशील  
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एक शुभ संकल्प - 

 नया संवत्सर खड़ा है द्वार-देहरी , 
एक शुभ संकल्प की आशा लगाये... 
प्रतिभा सक्सेना  
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ग़ज़ल 

अहबाब की नज़र जिंदगी में है विरल 
मेरे निराले न्यारे’ दोस्त 
हो गए नाराज़ देखो जो है’ मेरे प्यारे’ दोस्त ... 
कालीपद "प्रसाद" - 
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10 comments:

  1. शुभ प्रभात सखी राधा
    नववर्ष की अशेष शुभकामनाएँ
    आभार
    सादर

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  2. बहुत सुन्दर और सार्थक चर्चा।
    सभी पाठकों को नव वर्ष 2018 की मंगल कामनाएँ।
    आपका आभार आदरणीया राधेगोपाल जी।

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  3. सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं!
    आभार!

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  4. नववर्ष मंगलमय हो सभी के लिये। शुभकामनाएं। सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।

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  5. बेहतरीन चर्चा ,नववर्ष की मंगल कामना के साथ

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  6. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति
    नववर्ष सभी के लिए मंगलमय हो!

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  7. बहुत सुन्दर सूत्रों का संकलन आज की चर्चा में ! चर्चा मंच की समस्त टीम एवं सभी रचनाकारों, पाठकों एवं मित्रों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  8. सुविचारित संकलन के लिये आभार .

    नूतन वर्ष हेतु ,अनेकानेक मंगल कामनाएँ एवं अभिनन्दन स्वीकार करें !
    *

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  9. बेहतरीन लिंक्स ... नववर्ष की अनंत मंगलकामनाएं

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  10. नववर्ष की मंगलकामनाएं सभी के लिये। सुन्दर चर्चा।

    ReplyDelete

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