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Friday, January 26, 2018

"गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ" (चर्चा अंक-2860)

मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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खुशियों की खीर में  

‘पुरवाई’ का नींबू 

नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और ग्राम पंचायतों के कर्मचारी बने हुए लगभग पौने तीन लाख अध्यापक अब पक्के सरकारी कर्मचारी बन गए। अब ये सब शिक्षा विभाग के अधीन, अध्यापक हो गए। मुख्यमन्त्री शिवराज ने घोषणा कर दी। ये सब खुश तो हैं लेकिन इसे सरकार की महरबानी न मानें तो ताज्जुब क्या? ये लोग इस प्राप्ति को अपने लम्बे संघर्ष के दौरान भुगती उपेक्षा, प्रताड़ना, वेतन कटौती, अवमानना, पिटाई, जेल यात्राओं जैसी पीड़ाओं का प्रतिफल क्यों न मानें... 
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उनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगी 

उनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगी  
उनको मेरी भी हालत शराबी लगी... 
Sanjay Grover 
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अब जिया जाये बस जिया जाए..... 

सचिन अग्रवाल 

और तो ख़ैर क्या कहा जाए 
बेसबब मुंह का ज़ायका जाए .
फिर उसे ढूंढने का क्या मतलब
कोई जब इस क़दर चला जाए... 
विविधा.....पर yashoda Agrawal  
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Difference Between 'Braham '  

and 'Big Bang' 

दोस्तों बात में से बात निकलती है इन दिनों सोशल मीडिया पे चर्चा है आदमी का पूर्वज बंदर था या नहीं।विचार और दर्शन प्रश्न से ही पैदा होता है बशर्ते प्रश्न की गुणवत्ता ऊंचे पाए की हो। सारा ज्ञान प्रश्नों की मथानी से ही छनके आया है -चाहे वह 'हाउ थिंग्स वर्क' हो या वे तमाम प्रश्न हो जिसमें जिज्ञासु -शिष्य 'गुरु' से पूछता है -वह कौन सी चीज़ है जिसे जान लेने के बाद और कुछ जान लेना शेष नहीं रहता। उत्तर है वह ब्रह्म ही है ... 
Virendra Kumar Sharma  
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उम्र 

Purushottam kumar Sinha  
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7 comments:

  1. शुभ प्रभात..
    भारतीय गणतंत्र की शुभकामनाएँ
    आभार
    सादर

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  2. चर्चा प्रस्तुति में मेरी पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!
    सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  3. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज की सुन्दर प्रस्तुति में 'उलूक' की तितली को भी जगह देने के लिये आभार।

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  4. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद।

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  5. सभी आदरणीय पाठको को " भारतीय गणतंत्र दिवस " की हार्दिक शुभकामनाएँ और ह्रदय पूर्वक धन्यवाद कहेता हु हमारे आदरणीय डॉ रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी को जिन्होंने मेरी रचना को यहाँ स्थान देकर चार चाँद लगा दीये

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  6. बहुत-बहुत शुक्रिया शास्त्रीजी .

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"सब के सब चुप हैं" (चर्चा अंक-3126)

मित्रों!  मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...