Saturday, February 03, 2018

"धरती का सिंगार" (चर्चा अंक-2868)

मित्रों!
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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लल्ला का हाजमा 

काऊ ने बिगाड़ो मेरो लल्ला का हाजमा।
गैया बोली – जा ने पीयो थैली का दुद्दू।
जाई कारन होय गयो थोरो थोरो बुद्धू।
प्रतुल वशिष्ठ  
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ठीक उसी समय 

जब होता है स्कूल जाने का समय 
वह ठेलता है रिक्शा 
ठीक उसी समय चल रहा होता है रेडियो पर  
'बचपन बचाओ' का विज्ञापन... 
Arun Roy 
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फरवरी फरवरी फरवरी 

फागुन का महीना है फरवरी । 
परीक्षाओं का महीना है फरवरी । 
प्रेम का महीना है फरवरी। 
गुलाबी ठंड का महीना है फरवरी । 
फाल्गुनी रंगों का महीना है फरवरी । 
बसंती मौसम का महीना है फरवरी.... 
नन्ही कोपल पर कोपल कोकास  
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विवाह : 

तेरे कितने रूप ! 

मेरा सरोकार पर रेखा श्रीवास्तव  
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इन्द्रधनुष 

Sudhinama पर sadhana vaid  
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7 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  3. बढ़िया संयोजन .बधाई ,आभार !

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  4. जीवन के विविध रंगों को समेटे बहुत ही सुन्दर आज की चर्चा ! मेरे इन्द्रधनुष को चर्चामंच के फलक पर सजाने के लिए आपका हृदय से धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी !

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  5. बढिया सूत्र संयोजन . यात्रानामा शामिल करने के लिए आपका बहुत आभार

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  6. चर्चा मंच के लिए आपका आभार

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  7. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, आदरणीय शास्त्री जी। आप हमेशा खुश रहें और स्वस्थ रहें।

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